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उदासीन आश्रम ने मिट्टी हटवाई तो 163 साल बाद दिखा शिवकुंड, नंदीमुख केे ताप्ती जल से होगा अभिषेक

इस कंुड से नंदी के मुख तक जाएगा ताप्ती जल। इस अंडरग्राउंड पाइप लाइन के द्वारा पानी नंदी के मुख तक पहुंचेगा और...

Dainik Bhaskar

Jun 11, 2018, 03:35 AM IST
उदासीन आश्रम ने मिट्टी हटवाई तो 163 साल बाद दिखा शिवकुंड, नंदीमुख केे ताप्ती जल से होगा अभिषेक
इस कंुड से नंदी के मुख तक जाएगा ताप्ती जल।

इस अंडरग्राउंड पाइप लाइन के द्वारा पानी नंदी के मुख तक पहुंचेगा और शिवकुंड को भरेगा।

सदाकत पठान | बुरहानपुर

शहर के सबसे पहले और क्षेत्रफल में बड़े नागझिरी घाट स्थित प्राचीन शिव कुंड में 163 साल बाद अब फिर से ताप्ती की जल धारा गिरेगी लेकिन गोमुख की जगह अब नंदी मुख होगा। इसका जल शिवलिंग पर गिरेगा। दर्शन को आए श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे।

सन् 1855 में आई बाढ़ में पहली बार पूरा बुरहानपुर डूब गया था। इसमें ताप्ती तट के अधिकांश घाट मिट्‌टी में पूरी तरह दब गए। अब उनके कुछ ही हिस्से देखने को मिलते है। नागझिरी घाट का अधिकांश हिस्सा अब तक दबा हुआ था। इसकी मिट्‌टी उदासीन आश्रम महंत पुष्कानंद ने हटवाई है। इसको लेकर करीब छह माह से लगातार काम चलता रहा। प्राचीन शिव मंदिर, शिवकुंड और सीढ़ियां निकल आई। शिवकुंड में गोमुख से ताप्ती जल धारा गिरती थी। उस स्थान पर अब नंदी स्थापित किया है। इसके पीछे एक कुंड बनाया है। इसमें से पानी नंदी मुख से निकलेगा। इसके नीचे शिवलिंग स्थापित करेंगे। उस जल से साढ़े फीट गहरा कुंड भरेगा। पांच नल लगाए हैं। उस जल से श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे। कुंड के अंदर स्नान और पूजन पर प्रतिबंध रहेगा। इतिहास के जानकार कमरूद्दीन फलख के अनुसार अवशेषों से देखकर ये घाट आसा अहीर काल का मालूम पड़ता है। ये शहर का पहला व उत्तर-दक्षिण मुखी शिवकुंड है।

नंदी के मुख से इस प्रकार गिरेगा पानी।

यहां स्थापित होगा शिवलिंग।

163 साल बाद हटी गाद से खुला शिवकुंड। गोमुख की जगह नंदी स्थापित किया। शिवलिंग मंदिर के लिए बना रहे ओटला।

20 को खुलेगा शहर का पहला मां ताप्ती का मंदिर

मां ताप्ती की पहली प्रतिमा स्थापित होगी। घाट पर मंदिर निर्माण चल रहा। बैतुल से सूरत तक 750 किमी लंबी नदी के तट पर एक दर्जन से ज्यादा ताप्ती मंदिर हैं। बैतूल के ग्राम खेड़ी, भुसावल, सूरत के ग्राम माझी सहित अन्य हैं। जिले का ये पहला ताप्ती मंदिर होगा। 20 जून को खुलेगा। घाट पर 15 जून से पंचकुंडीय यज्ञ शुरू होना है। पांच हजार वर्गफीट में कुटिया बन रही। जहां पांच यज्ञ कुंड में 120 श्रद्धालु आहूति देंगे। यज्ञ कराने बनारस से सात पंडे आएंगे। 20 जून को मां ताप्ती, भगवान गणेश, कार्तिकेय की प्रतिमा और शिवलिंग स्थापित होगा।

दीवार के बाहर श्रद्धालुओं के लिए नल लगाए गए हैं।

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