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वसूली में जीआरपी व आरपीएफ से भी आगे, हेड टीसी और उनके साथी चला रहे अवैध वेंडर

हेड टीसी और उनके साथी 20 साल से जमे है भुसावल डिविजन में, डीआरएम से की गई शिकायत भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर ...

Dainik Bhaskar

May 23, 2018, 03:45 AM IST
वसूली में जीआरपी व आरपीएफ से भी आगे, हेड टीसी और उनके साथी चला रहे अवैध वेंडर
हेड टीसी और उनके साथी 20 साल से जमे है भुसावल डिविजन में, डीआरएम से की गई शिकायत

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

अवैध वेंडरों के लिए कुख्यात खंडवा-बुरहानपुर रेल मार्ग पर वेंडरों की ड्यूटी को लेकर विवाद शुरू हो गए है। कम ही लोगों को पता है कि टीसी स्टाफ के संरक्षण में भी अवैध वेंडर ट्रेनों में चलते है।आरपीएफ-जीआरपी तो इनसे महीना, हफ्ता वसूलती है लेकिन टीसी स्टाफ ने भी बाकायदा एक टीसी को इस काम के लिए लगाया है।

प्लेटफार्म से लेकर एक्सप्रेस व सुपर फास्ट ट्रेनों में स्लीपर कोच सहित एसपी कोच में आवाज लगाकर हर चीज बेची जा रही है। भुसावल डिविजन में 20 साल से पदस्थ हेड टीसी जेपी मिश्रा उनके साथी मुकेश कुमार व अन्य पुराने टीसी वेंडरों को चलवा रहे है। मंगलवार को खंडवा दौरे पर आए डीआरएम को इनकी शिकायत की गई। डीआरएम को यह भी बताया गया जेपी मिश्रा 20 साल से खंडवा में जमे हुए है और वह अवैध वेंडरों का रैकेट संचालित कर रहे हैं। खंडवा से बुरहानपुर, भुसावल व हरदा, इटारसी तक खंडवा टीसी स्टाफ के वेंडर चलते हैं। अगर कोई टीसी इन्हें तू भी बोल देता है तो बड़े साहब (मिश्रा जी) दूसरे ही दिन उनकी ड्यूटी बदल देते हैं। सूत्रों के अनुसार अवैध हॉकर वेंडरों का रूट और टीसी की ड्यूटी भी एक साथ तय होती है ताकि किसी को धंधा करने में परेशानी न हो। मंगलवार को डीआरएम के साथ आए सीनियर डीसीएम सुनील मिश्रा ने भी हेड टीसी जेपी मिश्रा की ओर बताते हुए एक अधिकारी को कहा इन्हें यहां काफी समय हो गया है काम काज नहीं करते हंै। इनसे वसूली नहीं होती है टिकट चेकिंग नहीं करते। टारगेट पूरा नहीं होता है। पहले भी इन्हें हटाने के निर्देश दिए थे। टीसी स्टाफ के खिलाफ खंडवा बुरहानपुर से लगातार शिकायतें मिलने के बाद मीडिया में खबरें प्रकाशित हो रही है। मिश्रा और उनके साथी बौखला गए। फिलहाल मामले में डीआरएम ने जांच के निर्देश दिए।

ट्रेन में रखे डिब्बे।

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