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भवन अच्छा है, जून से पहले स्टाफ आए तो मान्यता मिलते ही शुरू कर सकते हैं प्रवेश

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर विभिन्न संकाय में प्रवेश की मान्यता देने पर विचार करने से पहले मापदंड को परखने के...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 03:45 AM IST

भवन अच्छा है, जून से पहले स्टाफ आए तो मान्यता मिलते ही शुरू कर सकते हैं प्रवेश
भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

विभिन्न संकाय में प्रवेश की मान्यता देने पर विचार करने से पहले मापदंड को परखने के लिए नई दिल्ली सेंट्रल कौंसिल इंडिया मेडिसिन के दल ने डॉ. शिवनाथ शास्त्री आयुर्वेदिक अस्पताल, कॉलेज भवन का निरीक्षण कर स्टाफ से चर्चा की।

गुरुवार को सीसीआईएम के दल में इंदौर आयुर्वेदिक कॉलेज के डॉ. धर्मेंद्र शर्मा और वड़ोदरा से डॉ. एसडी शर्मा 100 से ज्यादा बिंदुओं के मापदंड को परखने के लिए मोहम्मदपुरा स्थित अस्पताल और कॉलेज भवन पहुंचे। सीसीआईएम दल के डॉ. शर्मा बोले- नया भवन अच्छा बन गया। अब इसे शुरू करने के लिए सिर्फ स्टाफ की जरुरत है। यदि जून से पहले फैकल्टी आ जाए तो इसी साल से मान्यता मिल जाएगी और फिर प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। नीट की परीक्षा पूरी हो चुकी है। 5 जून को उसका रिजल्ट घोषित हो जाएगा। 10 जून से कॉलेजों का आवंटन शुरू होगा। तब तक स्टाफ आ जाना चाहिए। मान्यता मिलते ही कॉलेज सूची में शामिल होगा। च्वाइस फिलिंग के दौरान विद्यार्थियों को बुरहानपुर का विकल्प मिलेगा। विद्यार्थियों के छात्रावास की व्यवस्था का जायजा लिया।

5 जून को घोषित होगा नीट का रिजल्ट, 10 जून से शुरू होगा कॉलेजों का आवंटन

सीसीआईएम दिल्ली के दल ने आयुर्वेदिक अस्पताल, कॉलेज का निरीक्षण कर मरीजों से व्यवस्थाओं की हकीकत जानी।

व्यवस्थाओं पर अफसरों ने जताया संतोष

नए भवन की व्यवस्था पर अफसरों ने संतोष जताया। अस्पताल के वार्डों में बेड व्यवस्था देखी। भर्ती मरीजों से व्यवस्था की जानकारी जुटाई। राेजाना की ओपीडी, आईपीडी के आंकड़े चेक करने के बाद बिजली फिटिंग सहित अन्य व्यवस्थाओं के फोटो शूट कर वीडियो बनाएं और मरीजों के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था के लिए निर्देश दिए। अफसरों ने कहा- जल स्तर गिरा है, इससे पानी की समस्या हो रही है। इस पर अफसरों ने कहा- फिर भी अतिरिक्त पानी की इंतजाम करना चाहिए। तीन मंजिला बिल्डिंग के निरीक्षण में पूरा दिन लगा। इस बीच उन्होंने शिकारपुरा स्थित पुराना भवन भी देखा।

सात रीडर, प्रोफेसर, 11 लेक्चरार की जरुरत

कॉलेज, अस्पताल के लिए 11 रीडर, प्रोफेसर की जरुरत है। फिलहाल यहां सिर्फ 4 रीडर, प्रोफेसर कार्यरत हैं। लेक्चरार के 16 पद भरे जाना है। इसमें से सिर्फ पांच हैं। यानी 11 रिक्त पद और भरना है। जो प्रतिनियुक्ति पर भेजे हैं, उन्हें भी दोबारा लाने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

फैकल्टी भेजने के लिए भोपाल स्तर से प्रयास तेज हो गए

प्राचार्य डॉ. दीपक कुलश्रेष्ट ने कहा केंद्र और राज्य स्तर पर मुख्यालय को सुझाव दिए है। जिन-जिन कॉलेजों में ज्यादा फैकल्टी है, उन्हें उन कॉलेज और स्टाफ की जानकारी भेजी है। यदि वहां से ट्रांसफर कर यहां भेजते है तो कुछ नई नियुक्तियां भी करना पड़ेगी। भोपाल स्तर पर इसके प्रयास तेज हो गए है। इस बार मान्यता मिलने की संभावना दिख रही है।

ऑनलाइन भेजी रिपोर्ट, 15 दिन में होगा निर्णय

निरीक्षण खत्म करते ही कॉलेज से सीसीआईएम दल ने ऑनलाइन रिपोर्ट भेज दी। इसमें फोटो, वीडियो भी अपलोड कर भेजे। स्टाफ के तकनीकी जानकारियां भी सबमिट की। सीसीआईएम दल के डाॅ. धमेंद्र शर्मा ने बताया 15 दिन में जमा की गई रिपोर्ट पर विचार-विमर्श कर कमेटी का निर्णय आ जाएगा। उसके बाद ही प्रवेश प्रक्रिया पर कुछ कहा जा सकता है।

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