बुरहानपुर

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205 साल बाद मंगलवार को आ रही शनि जयंती

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर शनि जन्मोत्सव मंगलवार को अमावस्या के दिन मनाया जाएगा। भवानी माता रोड स्थित...

Dainik Bhaskar

May 15, 2018, 04:25 AM IST
भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

शनि जन्मोत्सव मंगलवार को अमावस्या के दिन मनाया जाएगा। भवानी माता रोड स्थित प्राचीन शनि मंदिर में इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम होंगे। सुबह 4 बजे से शाम 4 बजे तक शनि देव का तेल से स्नान, अभिषेक किया जाएगा। इसी दौरान शनिदेव व राहु-केतु का अखंड जाप किया जाएगा। दोपहर 12.30 बजे भगवान की आरती, पूजन एवं प्रसादी वितरण किया जाएगा।

इस बार शनि जयंती पर विशेष योग बन रहा है। पुराणों के अनुसार शनिदेव का जन्म सूर्य के स्वामित्व वाले नक्षत्र कृत्तिका में हुआ था। यह शुभ दिन मंगलवार मई को आ रहा है। इस दिन ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या भी है। पंडित गणेश शर्मा ने बताया शनि जयंती पर दुर्लभ योग बन रहे हैं। मंगलवार को शनि जयंती आ रही है। इस दिन मंगलग्रह का भी आधिपत्य स्थापित है। वर्तमान समय में मंगल अपनी उच्च राशि मकर में हैं।

शनि जयंती 205 साल बाद मंगलवार के दिन आ रही है। पूर्व में 30 मई 1813 को मंगलवार के दिन शनि जयंती आई थी। तब भी मंगल केतु के साथ मकर राशि में और राहू कर्क राशि में थे और बुध मेष में थे। 2018 में शनि धनु राशि में वक्री चल रहे हैं। 29 साल पहले भी शनि धनु राशि में थे जब शनि जयंती मनाई गई थी। पंडित गोलू शर्मा ने बताया भवानी माता रोड स्थित प्राचीन शनि मंदिर में श्री शनिदेव जन्मोत्सव धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा।

भवानी माता रोड स्थित प्राचीन शनि मंदिर में सुबह अभिषेक व दोपहर में होगी महाआरती

सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी शनि जयंती

पं. अंकित मार्कंडेय के अनुसार शनि महाराज का जन्मोत्सव सर्वार्थसिद्धि योग में मनाया जाएगा। साथ ही वट सावित्री अमावस्या और सोमवती अमावस्या का संयोग भी है। जेष्ठ कृष्ण अमावस्या मंगलवार के दिन विक्रम संवत 2075 भरणी नक्षत्र, शोभन योग, चतुष्पद करण तथा मेष राशि के चंद्रमा एवं सर्वार्थसिद्धि योग की उपस्थिति में आ रहा है शनि जन्मोत्सव। इस साल ज्येष्ठ मास अधिकमास भी है, जो बुधवार से प्रारंभ हो रहा है इसलिए प्रथम शुद्ध ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष में आ रही अमावस्या का खास महत्व है। इस दिन सुबह 11:10 से बुधवार 16 तारीख की रात अंत तक सर्वार्थसिद्धि योग रहेगा। इस दिव्य योग की साक्षी में शनिदेव की आराधना जातक को विशिष्ट शुभ फल प्रदान करेगी।

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