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वाह बाबूजी आप ठंडी हवा में, उधर मरीज गर्म लपटें झेल रहे

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर पहली बार जिला अस्पताल के भवन का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर सत्येंद्रसिंह को...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 13, 2018, 04:30 AM IST

वाह बाबूजी आप ठंडी हवा में, उधर मरीज गर्म लपटें झेल रहे
भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

पहली बार जिला अस्पताल के भवन का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर सत्येंद्रसिंह को स्थापना शाखा के सहायक ग्रेड-3 (बाबू) अशोक पठारे को अपने कमरे में कूलर की हवा में बैठे हुए देखकर बोले- वाह बाबूजी आप ठंडी हवा में बैठे हो और उधर वार्डों में मरीज गर्म लपटें झेल रहे हैं। वार्डों के कूलर खराब पड़े हुए हैं अौर तुमने नया कूलर लगाकर रखा है। उनकी भी फिक्र कर लो। बाबू ने कहा- सर दो साल पुराना है ये। कलेक्टर बोले- मेंटेन तो कर रखा है न, बाकी तो खराब पड़े हुए है, सुधरवा लो और उसमें नियमित पानी डलवाओ। कलेक्टर ने अस्पताल भवन को अच्छा बताया, लेकिन व्यवस्थाएं खराब होने पर नाराजगी जताई।

शनिवार सुबह 11 बजे कलेक्टर 10 मिनट के लिए पहुंचे थे। उसके बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग में शामिल होने चले गए। दोपहर 2 बजे दोबारा निरीक्षण के लिए अस्पताल आए। सिविल सर्जन डॉ. शकील अहमद के कैबिन में पहुंचे। बाहर निकलकर सीएस से बोले- नेम प्लेट नीचे लगाओ। नजर के सामने होना चाहिए। वरना लोग सीएस को ढूंढते रह जाएंगे। स्टूवर्ड अशोक सोनी के कमरे में पहुंचे। यहां से एसएनसीयू के मदर वार्ड के अंदर की व्यवस्था देखी। अधिकांश गद्दे खुले पड़े हुए थे।

कलेक्टर बोले- चादरें कहा हैं? इंचार्ज वंदना जॉनसन ने कहा कम है, जितनी भी है उसे बिछाकर देते है। मैं दोबारा लौटकर देखूंगा, आधे घंटे में यहां चादरें बिछनी चाहिए। यहां स्तनपान कराते पोस्टर भी नहीं है। माताएं बोर हो जाती होगी, टीके की जानकारी देते पोस्टर लगाओ, खाली समय पढ़कर योजना को समझ सकेगी। यहां से जाकर बच्चों का एसएनसीयू देखा और फिर प्रसव वार्ड के अंदर पहुंचे। यहां खराब पड़े दो कूलर देख बोले- ये क्यों रखे हैं, सुधरवाते क्यों नहीं? है तो उपयोग करो। वार्डों में रखवाओ। स्टूवर्ड से बोले- कूलर रखवाओ, गर्म लपट लग जाए तो तुम्हारी खबर बन जाएगी। लेबर वार्ड में जाकर सामान्य और सीजर महिलाओं की स्थिति देखी। कूलर से गर्म हवा निकलने पर देखा तो पानी नहीं था। कलेक्टर ने कहा- ये क्या सिर्फ फैन चल रहा है। जगह-जगह कूलर रखने से अच्छा एक सिस्टम बनाओ। छत पर टंकी रखकर कूलर की हवा पाइप से वार्डों तक पहुंचाओ, ठंडक बनी रहेगी। उनके साथ सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान भी थे।

कूलर में पानी नहीं होने पर कलेक्टर ने कहा- व्यवस्थाओं पर ध्यान दो।

पाॅकीजा शोरूम है या दवाइयों का भंडारा

पहली मंजिल पर मेडिकल वार्ड में दवाइयां देखकर कलेक्टर ने नर्स से कहा पाॅकीजा शोरूम है क्या ये। दवाईयों को मरीजों के सामने रखा हुआ है। क्या दवा देखकर ये ठीक हो जाएंगे या भंडारा लगा के रखा है, जिसमें लोग दवाई लेने आएंगे। कई मरीजों ने आज तक इंजेक्शन नहीं देखा होगा, तुम ले जाते होंगे तो देखकर ही दहशत में आते होंगे। मरीजों का स्वास्थ्य सुधारना है, तुम उन्हें दवाइयां दिखाकर डरा रहे हो। ये व्यवस्थित करो, स्टोर की जगह अलग करो।

तीन दिन से गर्भ में बच्चा मरा, डॉक्टर ने नहीं निकाला

निरीक्षण के दौरान अब्दुल मलिक ने कलेक्टर काे रोक लिया। उन्होंने कहा बैरी मैदान की अजगरी बानो के गर्भ में तीन दिन से नवजात मरा हुआ है। कितनी मिन्नतें कर ली अब तक उसे बाहर नहीं निकाला है। ये मेरी साले फरीद अहमद की घरवाली है। डॉक्टरों से कहो तो बोलते है देख रहे हैं। कलेक्टर ने सीएस से पूछा क्या है ये? सीएस बोले- डॉक्टर से बात हुई है, जल्द उनका ऑपरेशन कर निकालेंगे।

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