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जिले का पहला प्री-फेब्रिकेटेड आईटीआई कॉलेज लोकार्पित, दो डिग्री कम रहता है अंदर का पारा

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर जिले का पहला प्री-फेब्रिकेटेड शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था का भवन। ये आईटीआई...

Danik Bhaskar | May 24, 2018, 01:55 PM IST
भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

जिले का पहला प्री-फेब्रिकेटेड शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था का भवन। ये आईटीआई कॉलेज पूरी तरह से वॉटर प्रूफ बनाया गया है। इसमें किसी भी तरह से आग भी नहीं लगती है। अंदर का तापमान भी बाहर से दो डिग्री कम ही रहता है। जिससे अध्ययन में विद्यार्थियों को तकलीफ नहीं होती। सीमेंट कांक्रीट का कुछ-कुछ जगह उपयोग किया है। बाकी दीवारों से लेकर छत तक फायर से बनी हुई है।

लोक निर्माण विभाग की परियोजना क्रियान्वयन इकाई द्वारा 630.48 रुपए की लागत से बुरहानपुर और नेपानगर क्षेत्र में दो भवन बनाए है। दोनों भवनों में अलग-अलग विषयों के अध्ययन के लिए 24-24 कमरे बनाए है। बुरहानपुर में शाहपुर रोड पर क्षेत्रफल और नेपानगर में क्षेत्रफल में बना है। ये करीब सालभर से बनकर तैयार खड़ा है। छह माह पहले ही इसमें कॉलेज शिफ्ट हुआ है। जिसका बुधवार को ऊर्जा मंत्री पारसचंद जैन ने लोकार्पण किया। फीता काटने के बाद कॉलेज के बाहर 10 मिनट रूककर उदबोधन दिया और शहर की ओर निकल पड़े।

बुरहानपुर के भवन की छह माह से बिजली कटी हुई थी। नवंबर-दिसंबर में कॉलेज को शिफ्ट किया गया। ये पहले लोधीपुरा में किराए के भवन में चल रहा था। चार माह तक विद्यार्थियों ने बिना बिजली पढ़ाई की। दो महीने पहले ही बिजली बिल भरने पर कनेक्शन जुड़ा है।

मोहना नदी के पास बना जिले का पहला प्री-फेब्रिकेटेड आईटीआई भवन।

मंत्री जैन ने बाजार में पहुंचकर कपड़े की थैली बांटी

प्रभारी मंत्री जैन व मंत्री चिटनीस ने पर्यावरण जागरूकता रैली को किया रवाना

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

‘बीट प्लॉस्टिक पॉल्युशन‘ अभियान के रूप में रैली निकालकर ऊर्जा व जिला प्रभारी मंत्री ने बाजार में एक-एक दुकान-दुकान पहुंचकर कपड़े की थैलियां बांटी और पर्यावरण को संरक्षित करने का आह्वान किया।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 19 मई से 5 जून तक के तहत स्वच्छता चलाया जा रहा है। जिसके तहत बुधवार शाम 7 बजे ऊर्जा व प्रभारी मंत्री पारसचंद जैन कमल तिराहा पहुंचे। यहां आमजन को संबोधित कर कहा कि दैनिक उपयोग की बहुत सी वस्तुएं जो पहले प्लॉस्टिक की नहीं होती थी, अब प्लॉस्टिक की होने से इसका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। प्लॉस्टिक पर्यावरण का दुश्मन है। पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है कि प्लॉस्टिक का न्यूनतम उपयोग किया जाए। हमें पालीथीन की जगह पर कपड़े की थैली का उपयोग करने की आदत डालना चाहिए। यदि एक कपड़े की थैली अच्छे तरीके से बनाई जाए तो जीवन भर साथ नहीं छोड़ेगी। जब भी घर से निकले तो अपने साथ कपड़े की थैली जरुरत ले जाए। हमें बुरहानपुर को स्वच्छ और सुंदर बनाना है। इसलिए हमें पालीथीन का उपयोग नहीं करना चाहिए। महापौर अनिल भाेसले ने कहा प्लास्टिक हमारे शरीर के लिए हानिकारक है। हम जो बाजार से गर्म भोजन व चाय प्लास्टिक की थैली में भरकर लाते है। यही प्लास्टिक के गरम होने से उसमें शामिल रसायन उसी भोजन में मिल जाता है और हमारे शरीर में प्रवेश करता है। जिससे हमेशा गंभीर बीमारी होने का अंदेशा बना रहता है। इस दौरान महिला बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस, कलेक्टर सत्येंद्रसिंह, पुलिस अधीक्षक पंकज श्रीवास्तव, महापौर अनिल भोसले सहित अन्य उपस्थित थे।

ऊर्जा मंत्री पारसचंद जैन ने बाजार में एक-एक दुकान पहुंचकर कपड़े की थैली बांटी।

कोपा-वेल्डर में एक-एक प्रशिक्षक, औजार भी कम

कॉलेज में वेल्डर, फीटर, विद्युत तार, कम्प्यूटर ऑपरेटर एंड असिस्टेंट प्रोग्राम कोर्स चल रहा है। जिसमें से फीटर और विद्युत तार के दो-दो प्रशिक्षक है। कोपा और वेल्डर के लिए एक-एक ही है। इन दो विषयों में एक-एक और चाहिए। चारों विषयों में लगभग 110 विद्यार्थी अध्ययनरत है। यहां पांच लिपिक, 10 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, जिनमें चौकीदार, चपरासी, स्वीपर की कमी है। यहां औजार सहित अन्य उपकरण की भी कमी है।