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एक साल में 50 फीसदी भी पूरा नहीं हुआ ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन प्लांट का काम
अब तक सिर्फ एक टीन शेड ओर ओटला बनने के साथ सूचना बोर्ड लगे, आसपास फैल रहा कचरा
शहर को कचरामुक्त बनाने और कचरे तथा वेस्ट प्लास्टिक से खाद बनाने के लिए नगर पालिका ने शहर से करीब छह किमी दूर वार्ड क्रमांक 15 में सातपायरी रोड पर ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन प्लांट बनाने का काम शुरू किया था। काम की शुरुआत अप्रैल 2019 में हुई थी, लेकिन करीब एक साल में इसका 50 फीसदी काम भी पूरा नहीं हो पाया है। करीब 20 लाख रुपए की लागत से बन रहे इस प्लांट पर टीन शेड, ओटला और आसपास बोर्ड ही लगे नजर आ रहे हैं।
एक दिन पहले बुधवार तक यहां काम बंद था। नगर पालिका सीएमओ राजेशकुमार मिश्रा का कहना है ठेकेदार ने गुरुवार से काम शुरू करने की बात कही थी। सोमवार तक काम शुरू नहीं हुआ तो ठेकेदार से काम वापस लेकर नगर पालिका अपने स्तर पर कराएगी। गौरतलब है कि करीब छह महीने पहले नगर पालिका द्वारा ठेकेदार को राशि का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद ठेकेदार ने यहां काम बंद कर दिया था। कुछ रािश का भुगतान होने पर दोबारा काम शुरू कराया गया लेकिन बीच में फिर काम बंद कर दिया गया। अब यहां तीन-चार बोर्ड लगा दिए गए हैं। इन पर यह दर्शाया गया है कि प्लांट के किस स्थान पर क्या होगा।
लगना है फटका मशीन
ट्रेंचिंग ग्राउंड पर 20 लाख रुपए लागत की फटका मशीन लगाई जाना है। यहां भवन तैयार किया जा रहा है लेकिन राशि का भुगतान नहीं होने ठेकेदार ने अब तक काम पूरा नहीं किया है। मशीन लगने पर इसके माध्यम से कचरे से कांच, पन्नियां और अन्य पदार्थों को अलग कर खाद बनाने की योजना है।
राजेशकुमार मिश्रा, सीएमओ नगर पालिका नेपानगर
पहले यह थी व्यवस्था
पहले नगर पालिका द्वारा घरों से एकत्र किया गया कचरा भवानी नगर रोड के पास खाली पड़ी जमीन पर डाला जाता था। इसको लेकर कई बार लोगों ने विरोध जताया था। इसके बाद राजस्व विभाग द्वारा सातपायरी वार्ड क्रमाक 15 में राजस्व की खाली पड़ी जमीन पर ट्रेंचिंग ग्राउंड तैयार कराया। यहां 30 बाय 50 के गड्ढे खोदकर इसमें कचरा डालना शुरू किया गया।
अभी यह है स्थिति
{सातपायरी रोड स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरा डालने में भी लापरवाही बरती जा रही है। कई बार कचरा रोड किनारे ही फेंक दिया जाता है। जबकि पहले इसे बाकायदा एक गड्ढे में डाला जाता था लेकिन फिलहाल बरती जा रही लापरवाही के कारण कचरा रोड पर भी उड़ रहा है। ऐसे में बाइक चालकों को हर समय हादसे का अंदेशा रहता है।
{नगर पालिका का वाहन गीला और सूखा कचरा तो एकत्र कर रहा है लेकिन इसे ट्रेंचिंग ग्राउंड के आसपास ही फेंका जा रहा है।
{मवेशी यहां पड़ी पॉलीथिन खाकर बीमार हो रहे हैं। इसलिए ट्रेंचिंग ग्राउंड पर मशीन लगाकर कचरे से कांच, प्लास्टिक और खाद्य पदार्थों को अलग िकया जाएगा। बचे हुए कचरे से खाद बनेगी। इससे नगर पालिका के राजस्व में बढ़ोतरी होने की बात भी कही जा रही है।
सातपायरी वार्ड में 20 लाख रुपए की लागत से बन रहा है प्लांट
प्लांट पर होंगी ये यूनिट
50 टन क्षमता : गीला कचरा संग्रहण केंद्र प्रोसेसिंग यूनिट,
50 टन क्षमता : निर्माण और विध्वस्त यूनिट
50 टन क्षमता : सूखा कचरा संग्रहण यूनिट
प्लांट बनाने का यह उद्देश्य
नगर पािलका ने सातपायरी के पास ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाकर शहर से जमा कचरा यहां नष्ट करना शुरू कराया था। इसके पीछे उद्देश्य था शहर के लोगाें को कचरे और पाॅलीथिन से मुक्ति मिले, ऐसा नहीं हो पाया है।
शहर से प्रतिदिन निकलता है आठ टन कचरा
नगर पालिका के अफसरों के अनुसार शहर में 24 वार्ड हैं। इनमें से प्रतिदिन करीब आठ टन कचरा निकलता है। रोजाना कचरा वाहन में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग ले जाया जाता है। खाद बनने की प्रक्रिया शुरू होने से नगर पालिका सहित आमजन को भी लाभ होगा। खाद बनाने की प्रक्रिया में करीब छह महीने का समय लगना बताया गया था लेकिन एक साल बाद भी खाद बनना शुरू नहीं हुई है।
अलग-अलग स्थानों पर अलग यूनिट में कचरे का संग्रहण कर ट्रीटमेंट होगा।