21 तपियों का जुलूस निकाला, मुनिश्री बोले- गुरु मिलने से आई यह ताकत

Burhanpur News - पर्युषण पर्व : पहली बार 10 दिन अन्न का दाना खाया न पानी की एक बूंद पी भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर पर्युषण पर्व पर...

Sep 14, 2019, 07:02 AM IST
पर्युषण पर्व : पहली बार 10 दिन अन्न का दाना खाया न पानी की एक बूंद पी

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

पर्युषण पर्व पर पहली बार 10 दिन तक अन्न का दाना ग्रहण किया न पानी की एक बूंद चखी। ऐसे 16 से 62 साल की उम्र के 31 व्रतधारियों को मुनि प्रणुतसागर महाराज ने तपी की संज्ञा दी। 4 सितंबर से जैन समाज के 31 लोगों ने तप शुरू किया। इनमें सबसे कम उम्र 16 साल के अरिहंत पाटनी, दर्शन लुहाड़िया और सबसे ज्यादा उम्र 62 साल की मंजू ठोलिया की है। दर्शन ने पहली बार और मंजू ठोलिया ने चौथी बार व्रत रखा। इनमें से 23 व्रतधारियों ने 10 दिन तक निर्जल और बिना अन्न के उपवास किया।

इनमें 13 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल हैं। शुक्रवार सुबह 9 बजे आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से 21 तपियों का जुलूस निकाला गया। पांच बग्घियों में चार-चार तपियों काे बैठाया गया। आगे जैन धर्म की पताका लहराई। बैंड-बाजे के भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूमते चले। इंदिरा कॉलोनी क्षेत्र में भ्रमण कर जुलूस राजस्थान भवन पहुंचा। यहां सम्मान समारोह हुआ। इसमें प्रसन्नमन: मुनि 108 प्रणुतसागर महाराज ने व्रतधारियों को तपी की संज्ञा दी। उन्होंने कहा जन्म लेने के बाद मनुष्य भोजन शुरू कर देता है। इसके बाद वो भूखा रहने की सोच भी नहीं सकता। लेकिन जीवन में गुरु मिल जाए तो कुछ भी करने की ताकत आ जाती है। सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ने व्रतधारियों का सम्मान किया। इस दौरान ज्ञानेश्वर पाटील और विनोद पाटील भी मौजूद थे।

ये लोग कहलाए तपी

मंजू ठोलिया, विशाल ठोलिया, प्रवीण गंगवाल, पंकज कासलीवाल, संदेश जैन सनावद वाले, सुरेंद्र पाटनी, विशाल हुमड़, प्रेमलता पाटोदी, संदेश जैन, राखी लुहाड़िया, रितु लुहाड़िया, अंजू ठोलिया, चेरिश ठोलिया, कनक बड़जात्या, निकिता पाटनी, स्मिता गंगवाल, प्रज्ञा सिंघई, स्वाति पाटनी, मीता हुमड़, 16 साल के अरिहंत पाटनी और दर्शन लुहाड़िया 10 दिन का व्रत कर तपी कहलाए।

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