मकर संक्रांति पर लगा मेला, 70 साल में पहली बार नहीं हुई पाड़ों की टक्कर

Burhanpur News - मकर संक्रांति पर 70 साल के इतिहास में पहली बार निंबोला क्षेत्र में पाड़ों की टक्कर नहीं हुई। हालांकि पारंपरिक मेला...

Jan 16, 2020, 08:50 AM IST
Nimbola News - mp news fair held on makar sankranti not the first time in 70 years
मकर संक्रांति पर 70 साल के इतिहास में पहली बार निंबोला क्षेत्र में पाड़ों की टक्कर नहीं हुई। हालांकि पारंपरिक मेला जरूर लगा। टक्कर को लेकर प्रशासन ने कोई सख्ती नहीं बरती, बल्कि ग्रामीणों ने ही स्वेच्छा से टक्कर नहीं कराई। हालांकि इस बात की जानकारी नहीं होने के कारण कुछ गांवों से उत्साही पाड़ा मालिक अपने पाड़ों को लेकर टक्कर में शामिल होने निकले लेकिन निंबोला थाना पुलिस ने करीब पांच से अधिक पाड़ा मालिकों को रास्ते से ही लौटा दिया। तीन पाड़ों सहित उनके मालिकों को थाने ले जाया गया। यहां उन्हें समझाइश देकर शाम को घर भेज दिया गया।

मकर संक्रांति पर बुधवार को निंबोला बस स्टैंड क्षेत्र में परंपरानुसार मेला लगा। इसमें 10 गांवों से 10 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। बच्चों और महिलाओं सहित सभी ने झूलों का लुत्फ उठाया। मेले में लगीं 500 से अधिक दुकानों से मिठाई सहित अन्य जरूरी सामग्री की खरीदी की। मेले को लेकर बच्चों में अधिक उत्साह रहा। उन्होंने परिवार सहित मेले में हर चीज का लुत्फ उठाया। जमकर खिलौने खरीदे। मेले को लेकर व्यापारियों ने हफ्तेभर पहले से ही तैयारी शुरू कर दी थी। बुधवार सुबह से ही होटल सहित दुकानें लगने का सिलसिला शुरू हो गया। मेले के कारण गांव में दिन भर रौनक रही। मेले के तहत विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा जागरण कराया गया। ग्रामीणों ने भी रात को रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सभी ने इनका जमकर लुत्फ उठाया।

राहत का मेला
5 से अधिक पाड़ा मािलकों को रास्ते से लौटाया, 3 को ले गए थाने, समझाइश देकर छोड़ा

बच्चों सहित सभी ने मेले में लगे झूलों का लुत्फ उठाया।

टक्कर पर प्रतिबंध को ग्रामीणों ने माना, पुलिस ने भी समझाया

पशुक्रूरता अधिनियम के तहत पाड़ों की टक्कर पर लगाए गए प्रतिबंध के तहत ग्रामीणों ने भी पूरी तरह कानून का पालन किया। इस बार स्वेच्छा से ही पाड़ों की टक्कर नहीं कराई गई। इसी निर्णय के कारण टक्कर के लिए ग्रामीणों की ओर से अनुमति लेने की भी कोई पहल नहीं की गई। वहीं निंबोला थाना पुलिस भी इसको लेकर सतर्क रही। पुलिस ने ग्राम मचलपुरा पहुंचकर पाड़ा मालिकों को टक्कर नहीं कराने की समझाइश दी। इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर कुछ पाड़ा मालिकों को रोका। थाना प्रभारी जगदीश सिंधिया ने उन्हें समझाया कि टक्कर कराने से लोगों की जान को खतरा होता है। पाड़े भी घायल होते हैं। कोई पाड़ों की टक्कर कराता या इसमें शामिल होता है तो उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। कार्रवाई की जाएगी।

टक्कर के स्थान खड़काडोह नाले पर भी पुलिस मुस्तैद रही।

ग्रामीणों ने कहा- अब कराएंगे अन्य सार्थक कार्यक्रम

पुलिस की समझाइश के बाद पाड़ा मालिकों ने भी टक्कर में भाग नहीं लेने की बात कही। वहीं ग्रामीणों ने कहा- 70 सालों से पाड़ों की टक्कर कराते आ रहे हैं। पहले टक्कर गांव से सटी दूधमली नदी में होती थी। पिछले चार-पांच साल से खड़काडोह नाले में टक्कर कराई जा रही थी लेकिन इस पर प्रतिबंध के कारण इस साल टक्कर नहीं कराई गई। अब आने वाले वर्षों में टक्कर के बजाय अन्य कोई सार्थक कार्यक्रम कराएंगे।

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