पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Nimbola News Mp News Jhanjhar Dam39s Main Valve Deteriorated 40 Water Saved Due To Continuous Flow In The Canal

झांझर डैम का मेन वॉल्व खराब, नहर में लगातार बहने से 40 फीसदी पानी बचा

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

{मार्च में ही डैम के ऐसे हाल होने पर किसानों की चिंता बढ़ी, कहा-गर्मी में बढ़ जाएगी फजीहत

{कई बार शिकायत के बाद भी जल संसाधन विभाग नहीं करा रहा वॉल्व की मरम्मत

झांझर डैम का मेन वॉल्व खराब होने के कारण पिछले चार महीने से इसकी नहर में लगातार पानी बह रहा है। इस कारण डैम में सिर्फ 40 फीसदी ही पानी बचा है। डैम से अब भी लगातार पानी बह रहा है। ऐसे में क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है मार्च में ही ऐसे हाल हैं। अभी तो पूरी गर्मी बाकी है। यही स्थिति रही तो पूरा पानी बहने से तालाब पूरी तरह सूख जाएगा। डैम के आसपास के कुएं-बावड़ियों का जलस्तर भी गिर जाएगा। ऐसे में गर्मी के मौसम में परेशानी बढ़ जाएगी। किसानों सहित क्षेत्रवासियों ने जल संसाधन विभाग से डैम के मेन वॉल्व की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने कहा- अफसरों को समस्या की ओर ध्यान देकर इसका जल्द निराकरण करना चाहिए।

इस साल भरपूर बारिश होने के कारण झांझर डैम लबालब हो गया था। यही नहीं यह ओवरफ्लो भी हुआ था। ऐसे में जल संसाधन विभाग द्वारा इसके पानी की निकासी नाले में की थी लेकिन मेन वॉल्व खराब होने के कारण चार महीने से लगातार नहर में पानी बह रहा है। किसानों द्वारा कई बार शिकायत करने के बाद भी जल संसाधन विभाग के अफसर कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। किसानों ने कहा- लगातार बहने से पानी की बर्बादी हो रही है। इसे जल्द रोका जाना चाहिए। डैम से निकली नहर करीब आठ किमी की है। यह रेलवे पुलिया के नीचे से अंडरग्राउंड भी निकली है। इसके पानी से ही किसान फसलों की सिंचाई कर रहे हैं। किसानों ने कहा विभाग द्वारा जरुरत अनुसार नहर में समय-समय पर पानी छोड़ा जाना चाहिए लेकिन यहां से लगातार पानी बह रहा है।

500 किसानों की 450 हैक्टेयर फसलों की होती है सिंचाई

डैम की नहर से झांझर, नसीराबाद, चुलखान ओर बोरीखुर्द के करीब 500 किसान जुड़े हुए हैं। इनके खेतों में करीब 450 हैक्टेयर में नहर के पानी से ही सिंचाई होती है। इस साल भी किसानों ने इसी पानी से फसल ली है। क्षेत्र के खेतों में गेहूं-चना फसल लगभग पककर तैयार है। झिरी के सरपंच प्रतिनिधि राजू चारण ओर किसान ईश्वर कैथवास सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया खेतों में अब भी करीब 15 प्रतिशत फसलें बाकी हैं। इनको सिंचाई की जरुरत है। नहर से पानी इसी तरह बहकर बर्बाद होता रहा तो किसानों की परेशानी बढ़ जाएगी। वाॅल्व का जल्द सुधार किया जाना चाहिए।

नहर से लगातार पानी बहने के कारण झांझर डैम में 40 फीसदी ही बचा है।
खबरें और भी हैं...