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विधायक ने मांगी 10 साल में बंटे जातिवार राजस्व पट्टों की जानकारी
विधानसभा में लगाया है प्रश्न, तहसील में दिनभर रिकाॅर्ड खंगालते रहे अफसर-कर्मचारी
नेपानगर िवधायक सुमित्रा कास्डेकर ने विधानसभा में प्रश्न लगाया है। इसमें उन्होंने नेपानगर विधानसभा क्षेत्र में िपछले 10 साल से अब तक राजस्व की जमीन पर दिए गए पट्टों की जानकारी मांगी है। खास बात यह है कि विधायक ने यह जानकारी जातिवार मांगी है। यानी किस वर्ग के कितने लोगों को पट्टे दिए गए हैं। इसको लेकर तहसील कार्यालय में रिकाॅर्ड खंगालने की कवायद चल पड़ी। एसडीएम से लेकर तहसीलदार और कर्मचारी िरकाॅर्ड ढूंढने में लगे हैं।
बताया जाता है यह जानकारी आसानी से मुहैया कराई जा सकती है लेकिन इसमें जातिवार जानकारी पूछने पर अफसर-कर्मचारी परेशान हुए। मंगलवार दिनभर िरकाॅर्ड ढंूढने का काम चलता रहा। इसके पीछे उद्देश्य यह बताया है कि राजस्व की जमीन पर पट्टा लेकर व्यवसाय करने वाले लोगों को बैंक ऋण नहीं मिल पाता। उन्हें मालिकाना हक नहीं मिलता। इस कारण जातिवार जानकारी एकत्रित कर उन्हें रोजगार के अवसर मुहैया कराए जा सकते हैं। वहीं नेपा मिल द्वारा नगर पालिका को जमीन हस्तांतरण प्रक्रिया के मामले में भी विधानसभा में प्रश्न लगाने की जानकारी सामने आई है।
इधर... विधानसभा में सरकारी कर्मचारियों की राजनीतिक टिप्पणी पर मांगी जानकारी
एक दिन पहले सोमवार को प्रभारी विधानसभा सेल कार्मिक की ओर से सभी जिले के पुलिस अधीक्षक और इकाइयों को पत्र भेजा है। इसमें बताया कि विधानसभा में डॉ. मोहन यादव की ओर से एक प्रश्न लगाया है। इसमें सोशल मीडिया पर शासकीय कर्मचारियों द्वारा राजनीतिक टिप्पणी की जानकारी चाही गई है। इसकी जानकारी तत्काल प्रभाव से जिलों से मांगी गई है। पत्र में पूछा है कि शासकीय अधिकारी-कर्मचारी द्वारा सोशल मीडिया पर राजनीतिक दलों के विरुद्ध प्रतिक्रिया दी जा सकती है या नहीं। अगर नहीं तो कार्रवाई के क्या नियम हैं। जनवरी 2019 से अब तक सोशल मीडिया पर प्रदेश के कितने अधिकारी-कर्मचारियों की शिकायत हुई है। कितनों पर कार्रवाई की गई है। नाम, पद और विभागवार जानकारी दें। साथ ही पूछा गया है कि शासन किसी भी राजनीतिक दल या शासन के खिलाफ टिप्पणी करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई करेगा या नहीं, यह स्पष्ट करें। अगर हां तो कब तक।
सुमित्रा कास्डेकर।