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बुरहानपुर में 2 दिन में 2 बार सिंधिया का पुतला फूंकने की दी सूचना, नेपानगर में फूंक दिया

एक वर्ष पहले
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{ अनुमति नहीं मिलने को कारण बताकर फिर निरस्त किया पुतला दहन

{ प्रशासन ने कहा- पुतला जलाने की अनुमति मिलती ही नहीं

कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा का साथ पकड़ने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का पूरे प्रदेश में विरोध हो रहा है लेकिन बुरहानपुर में इसका मिला-जुला असर है। उनके विरोध में कांग्रेसी खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। दो दिन में दो बार कांग्रेसियों ने उनका पुतला फूंकने की सूचना सोशल मीडिया पर डाली लेकिन पुतला फूंकना तो दूर विरोध जताने भी तय स्थान पर कोई नहीं पहुंचा। बुरहानपुर में कांग्रेसी सोशल मीडिया पर दम भर रहे हैं। उधर नेपानगर में गुरुवार को युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिंधिया का पुतला फूंक दिया।

प्रदेश में चल रहे राजनैतिक घटनाक्रम को लेकर स्थानीय नेता भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं लेकिन खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हैं। फिलहाल सबकी नजर सरकार की स्थिरता और अस्थिरता पर लगी हुई है। इधर प्रशासन ने भी सख्ती कर रखी है। विरोध, धरना या कोई भी आंदोलन बिना अनुमति के करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। यही कारण है कि दो दिन से सोशल मीडिया पर सूचना डालने के बाद भी कोई कांग्रेसी सिंधिया का पुतला फूंकने नहीं पहुंचा।

जिले में यादव-दिग्विजय गुट का ज्यादा प्रभाव

जिले में पार्टी में अरुण यादव और दिग्विजयसिंह गुट के समर्थक ज्यादा हैं। सिंधिया समर्थकों की संख्या काफी कम है। जो उनके समर्थक हैं, उनका कांग्रेस से सीधा लेन-देन भी नहीं रहता। इसके बावजूद सिंधिया का क्षेत्र में अच्छा प्रभाव रहा है। उनकी सभा होने पर उन्हें सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोग आते हैं। कई युवा राजनीति में उन्हें अपना आइकॉन मानते हैं।

दोनों विधायक राजस्थान में, नहीं हुआ संपर्क

बुरहानपुर के निर्दलीय विधायक ठाकुर सुरेंद्रसिंह और नेपानगर से कांग्रेस विधायक सुमित्रा कास्डेकर फिलहाल राजस्थान में हैं। फूट से बचाने के लिए कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को राजस्थान भेज दिया है। उनसे सीधा संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। विधायक सोशल मीडिया पर भी अपनी कोई पोस्ट अपलोड नहीं कर रहे हैं।

सरकार गिरी तो दोनों विस क्षेत्रों में होगा असर

प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिरती है तो जिले के दोनों विधानसभा क्षेत्र में इसका असर पड़ेगा। नेपानगर विधानसभा से कांग्रेस और बुरहानपुर विधानसभा से निर्दलीय विधायक हैं। सरकार बदलने से इस बात का डर है कि दोनों विधानसभा क्षेत्र की उपेक्षा होगी और चल रहे विकास कार्य भी प्रभावित होंगे।

कार्यकर्ताओं ने फूंका पुतला और पुलिस खड़ी देखती रही

भास्कर संवाददाता | नेपानगर

गुरुवार दोपहर युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेपानगर के आंबेडकर चौराहे पर ज्योतिरादित्य सिंधिया का पुतला फूंका। बिना अनुमति किए गए विरोध प्रदर्शन के बावजूद पुलिस दूर खड़ी मूकदर्शक बनकर पुतला जलते देखती रही। कार्यकर्ताओं ने कहा 18 में से 16 साल तक ज्योतिरादित्य सिंधिया पार्टी से केंद्रीय मंत्री और सांसद रहे इसके बाद भी उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। हम सभी एकजुट होकर इसका विरोध करते हैं। कांग्रेसियों ने कहा हम सब एक हैं।

पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की। विरोध प्रदर्शन में नगर कांग्रेस अध्यक्ष सोहन सैनी, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष जगविंदरसिंह जॉली, जिला प्रवक्ता प्रकाशसिंह बैंस, नेता प्रतिपक्ष गेंदालाल मौर्य, विधानसभा अध्यक्ष अफसार खान, मंडलम अध्यक्ष जगमीतसिंह जॉली, विनोद पाटील, पार्षद राजेश पटेल, कैलाश पटेल, शांताराम ठाकरे और महिला कांग्रेस नगर अध्यक्ष भारती पाटील सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

विरोध प्रदर्शन की नहीं ली अनुमति

विशा माधवानी, एसडीएम, नेपानगर

राज्यसभा चुनाव का कर रहे इंतजार- नूर काजी

सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद बुधवार दोपहर सोशल मीडिया पर पूर्व विधायक हमीद काजी के पुत्र नूर काजी ने कार्यकर्ताओं के साथ कमल चौक पर पुतला दहन करने का मैसेज डाला था लेकिन कोई नहीं पहुंचा। शाम को उन्होंने लिखा हम राज्यसभा चुनाव का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद गद्दारों को बेनकाब कर बड़ा आंदोलन करंेगे।

सिंधिया काे खानदानी गद्दार बताया- जाधव

पूर्व एनएसयूआई अध्यक्ष संदीप जाधव ने बुधवार रात सूचना पोस्ट कर कहा गुरुवार दोपहर 1 बजे कमल चौक पर सिंधिया का पुतला फूंकेंगे लेकिन एक भी कार्यकर्ता कमल चौक पर नहीं पहुंचा। पुतला दहन समय के कुछ देर पहले यह जानकारी दी गई कि प्रशासन ने विरोध के लिए अनुमति नहीं दी, इसलिए विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ।

ज्योतिरादित्य सिंधिया का पुतला जलाते कांग्रेसी।
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