पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Burhanpur News Mp News Tenure Of Panchayats To End Today Challenge To Appoint Administrator For 167 Panchayats In The District

आज खत्म होगा पंचायतों का कार्यकाल, जिले में 167 पंचायतों के लिए प्रशासक नियुक्त करना चुनौती

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

इस महीने के अंत में जनपद और जिला पंचायत का कार्यकाल भी होना है खत्म

जिले की 167 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल गुरुवार को समाप्त हो रहा है। इसके बाद पंचायतों में व्यवस्थाएं नई प्रशासनिक समिति देखेगी। इस व्यवस्था में प्रशासनिक समिति में प्रधान बनाए जाएंगे। यह दायित्व वर्तमान सरपंच को ही सौंपा जाएगा। हालांकि जिले की 167 पंचायतों के लिए इनकी बड़ी संख्या में प्रशासक नियुक्त करना और यहां के कामकाज पर निगरानी रखना चुनाैती होगी। वरिष्ठ अधिकारियों के समूह बनाकर पंचायत की जिम्मेदारी देने पर भी सभी पंचायतों में व्यवस्थाएं बेहतर रखना कठिन नजर आ रहा है। इसलिए सरपंच को ही समिति का प्रधान बनाया जाएगा।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव शोभा निकुम ने प्रदेश के सभी कलेक्टर के नाम सर्कुलर जारी किया है। इसके तहत अब पंचायतों में प्रशासकीय समिति का गठन किया जाएगा। साथ ही उन्होंने खातों से राशि निकालने के संबंध में भी निर्देश जारी किए हैं। जानकारी अनुसार कार्यकाल खत्म होने की तारीख से ग्राम पंचायतों के खातों के संचालन, आहरण और संवितरण पर सरपंचों के हस्ताक्षर पर रोक लगाई है। ग्राम पंचायतों के कार्यों के संचालन के लिए प्रशासकीय समिति के गठन का निर्णय लिया है। ताकि पंचायतों में काम बंद न हो।

समिति बनाने के आदेश जारी

-रोहन सक्सेना, सीईओ, जिला पंचायत, बुरहानपुर

25 मार्च को जिला पंचायत का कार्यकाल खत्म

जिले में जिला पंचायत और जनपद पंचायतों का कार्यकाल भी दो सप्ताह बाद ही खत्म होने वाला है। 25 मार्च को जिला पंचायत का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। यहां भी प्रशासक नियुक्त होंगे। जिले में नगरपालिका परिषद नेपानगर को छोड़कर निकाय और पंचायतों में प्रशासक ही व्यवस्थाएं देखेंगे।

पूर्व सदस्यों को बनाएंगे समिति का सदस्य

कार्यकाल खत्म होने से पहले जो ग्राम पंचायत में सदस्य रहे हैं, उन्हें समिति का सदस्य बनाया जाएगा। ग्राम पंचायत के कार्यकाल (2015-2020) समाप्त होने के पूर्व सरपंच रहे व्यक्ति को इस समिति का प्रधान बनाया जाएगा। समिति में दो एेसे व्यक्ति नियुक्त किए जाएंगे, जिनका नाम संबंधित ग्राम पंचायत की निर्वाचक नामावली में शामिल हो। यह समिति नियुक्त सदस्य न होने या मनोनयन के अभाव में भी काम करती रहेगी। प्रशासकीय समिति के प्रधान व ग्राम पंचायत के सचिव राज्य पंचायत राज व ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 66 और नियमों के अनुसार पंचायत के खातों से राशि का आहरण, संवितरण कर सकेंगे। समिति के गठन की जिम्मेदारी कलेक्टर को दी गई है।
खबरें और भी हैं...