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जिस स्कूल में पढ़ रहे बच्चे, उसी को बनाया बोर्ड परीक्षा का केंद्र
इस साल कक्षा पांचवीं और आठवीं की परीक्षा बोर्ड पैटर्न पर हो रही है। नियमानुसार जिस स्कूल में विधार्थी अध्ययनरत हैं, वहां बोर्ड परीक्षा नहीं कराई जा सकती, बल्कि हाईस्कूल, हायर सेकंडरी या दूसरी प्राथमिक-माध्यमिक शालाओं को सेंटर बनाकर परीक्षा ली जा सकती है लेकिन शिक्षा विभाग ने जिले के अधिकांश क्षेत्रों में पहले सेंटर बनाए और बाद में बदल दिए। इसमें आदिवासी ग्राम मांडवा भी शामिल है।
यहां कक्षा पांचवीं व आठवीं के बच्चों के लिए परीक्षा केंद्र हाईस्कूल मांडवा बनाया लेकिन बाद में केंद्र बदल दिया। इसके पीछे पहला कारण यह बताया जा रहा है कि हाईस्कूल में बच्चे नहीं बैठ पाएंगे तो वहीं दूसरा कारण शिक्षा विभाग द्वारा बनाया गया एन्युअल एक्जामिनेशन मैनेजमेंट सिस्टम एप है, जिस पर हाईस्कूल की जानकारी फीड नहीं हो पाना बताया जा रहा है। इस कारण सेंटर बदलने पड़े। सोमवार को कक्षा आठवीं का विज्ञान और पांचवीं का अंग्रेजी का पेपर था, जो नवीन माध्यमिक शाला मांडवा में हुआ। जबकि यह पेपर हाईस्कूल में होना था। इसे पहले परीक्षा केंद्र बनाया गया, परंतु नवीन शासकीय माध्यमिक शाला के एेसे 75 बच्चे भी इस परीक्षा में बैठे जो यहीं अध्ययनरत हैं और बोर्ड की परीक्षा इसी केंद्र पर देने आए।
कक्षा पांचवीं और आठवीं की परीक्षा हो रही है बोर्ड पैटर्न पर
नवीन माध्यमिक शाला में इन स्कूलों के बच्चे बैठे
स्कूल दर्ज परीक्षा में
विद्यार्थी बैठे
नवीन मांडवा 75 67
पीएस मांडवा 73 68
सुरसिंग फाल्या 15 15
बाथू मोहल्ला 24 22
हाईस्कूल में बैठने की उचित व्यवस्था
राजेश कुमार गोस्वामी, सहायक केंद्राध्यक्ष
शिक्षा विभाग ने ही बदले हैं परीक्षा केंद्र
राजेश कापड़े, जनशिक्षक
202 केंद्र जिले में, अधिकांश जगह
यही परेशानी
जिलेभर में 202 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। मांडवा के अलावा अधिकांश जगह यह समस्या आ रही है। वहीं नवीन माध्यमिक शाला में शिक्षकों की कमी भी बताई जा रही है। यहां माध्यमिक शाला में 3 शिक्षक और एक अतिथि के भरोसे व्यवस्था चल रही है तो वहीं प्राथमिक शाला में भी 4 शिक्षक और 4 अतिथि हैं। नियमानुसार 30 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक होना चाहिए लेकिन यहां 70-90 बच्चों पर एक शिक्षक हैं। स्कूल में महज 4 ही कमरे हैं।
यह बता रहे परेशानी- डाइस कोड नहीं हो रहा मैच
शिक्षा विभाग अफसरों के मुताबिक जो नया मैनेजमेंट सिस्टम बनाया गया है, उसमें सिर्फ प्राथमिक माध्यमिक शालाओं की जानकारी ही फीड हो रही है। डाइस कोड मैच नहीं होने से हाईस्कूल की जानकारी फीड नहीं हो रही। इसके कारण परीक्षा केंद्र बनाने के बाद बदलना पड़े। मैनेजमेंट सिस्टम एप में केवल प्राथमिक, माध्यमिक शालाओं की जानकारी ही फीड हो पाई है। बताया जा रहा है यह सिस्टम नया है इसलिए ऐसा हो रहा है।
नवीन शासकीय माध्यमिक शाला में परीक्षा देते 5वीं व 8वीं के विद्यार्थी।