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भमराड़ी पुल की दीवार पर 10 फीट तक चढ़ा ट्रक, 11 घंटे बाद हटाया

एक वर्ष पहले
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इंदौर-इच्छापुल हाईवे पर सुक्ती नदी पर बने भमराड़ी पुल पर शुक्रवार तड़के एक अनियंत्रित ट्रक पुल की दीवार पर चढ़ गया। ट्रक चालक के अनुसार सामने से तेज गति से आ रही बस के कारण यह स्थिति बनी। संयोग से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। इस पुल पर एक बार में एक ही बड़ा वाहन निकल सकता है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस पहुंच गई थी। एक साइड खाली होने से वाहन धीरे-धीरे निकलते रहे। जाम की स्थिति नहीं बनी। ट्रक से माल खाली कराने में 11 घंटे का समय लगा। इसके बाद ट्रक को जेसीबी से खींचकर पुल से हटाया गया।

इंदौर-इच्छापुर हाईवे के इस संकरे पुल पर अकसर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। पुल काफी पुराना और जर्जर हो चुका है। इसके पिलर भी जमीन छोड़ चुके हैं। भास्कर समय-समय पर इसके खतरे से प्रशासन को अवगत कराता रहा है लेकिन अब तक नए पुल निर्माण की जहमत नहीं उठाई गई। शुक्रवार तड़के 4.30 बजे के करीब यह हादसा हुआ। ट्रक चालक के अनुसार बुरहानपुर की ओर से तेज गति से आ रही बस पुल में घुस गई। उसे देख मैंने ट्रक नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस दौरान ट्रक पुल की दीवार पर चढ़ गया। अगला टायर हवा में लटक गया।

नए पुल की एप्रोच का निर्माण शुरू फूल-प्रसादी की तीन दुकानें हटाई

भास्कर संवाददाता | आशापुर

खंडवा-होशंगाबाद हाईवे पर आशापुर की अग्नि नदी पर बन रहे नए पुल की माताजी मंदिर साइड के एप्रोच का काम शुरू हो गया है। एप्रोच में मंदिर के सामने आ रही फूल-प्रसादी की दुकानों को हटाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को तीन दुकानें हटा दी गईं। जैसे-जैसे काम आगे बढ़ेगा, अन्य दुकानें भी हटाई जाएंगी। दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि इस कार्रवाई का अहसास उन्हें पहले से ही था।

अग्नि नदी पर पुल पुराना और क्षतिग्रस्त होने से करीब एक साल पहले नए पुल का निर्माण शुरू किया गया था। नदी में पिलर खड़े होने के साथ चार स्लैब भी डाले जा चुके हैं। पुल के पास ही माताजी मंदिर भी है। मंदिर के सामने सालों से 11 दुकानदार फूल-प्रसादी व चाय बेचकर रोजी-रोटी चला रहे हैं। हालांकि पुल निर्माण शुरू होने के समय से ही उन्हें पता है कि दुकानें हटानी पड़ेंगी। एप्रोच का काम शुरू होने के बाद शुक्रवार को तीन दुकानें हटा दी गईं। दुकानों के पीछे वन विभाग की आरक्षित जमीन है। दुकानदार अपनी दुकानें पीछे भी नहीं हटा सकते। दुकानदारों का रोजगार तो प्रभावित होगा ही, श्रद्धालुओं को भी फूल-प्रसादी मिलने में दिक्कत होगी। मंदिर के बाजू से भी चार दुकानें लगी हैं। फिलहाल इन्हें कोई खतरा नहीं है।

ठेकेदार ने एप्रोच का काम शुरू कर दिया है।

हाईकोर्ट में मुआवजा प्रकरण

पुल की गांव साइड की एप्रोच में कुछ मकान आ रहे हैं। शासन से इन मकानों का जो मुआवजा निर्धारण किया है, उससे वे संतुष्ट नहीं है। चार-पांच प्रभावितों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। इस पर जल्द ही सुनवाई होने वाली है। इस केस को देखते हुए गांव साइड एप्रोच का काम फिलहाल टलता दिख रहा है।

विधायक व सीसीएफ को आवेदन देंगे दुकानदार

रोजी-रोटी का संकट खड़ा होते ही दुकानदार अब विधायक विजय शाह, कलेक्टर, डीएफओ व सीसीएफ से दुकानें लगाने के लिए वन विभाग की कुछ जमीन देने की मांग करेंगे। हालांकि विधायक शाह शुक्रवार को दिल्ली में थे। एेसे में दुकानदार उनके निजी सचिव को लेकर खंडवा सीसीएफ से मिलने जाने की तैयारी में थे।

यह है विकल्प

दुकानदारों ने दुकान के लिए काफी जगह घेर रखी थी। हटने के बाद उनके सामने एक विकल्प बचता है कि वे हाथठेले पर चलित दुकानें खोल लें। जितनी जगह उन्होंने घेरी थी, उतनी मिलना अब संभव नहीं है। एप्रोच निर्माण के बाद ही स्थायी रूप से ठेले या गुमटी लगाने की स्थिति साफ हो सकेगी।

चापड़ से भरे ट्राले को 11 घंटे बाद हटाया

12 टायर ट्रक (ट्राला) में सोयाबीन चापड़ भरी हुई है। मजदूरों की व्यवस्था कर ट्रक को खाली कराया गया। इसके बाद जेसीबी की मदद से ट्रक को दीवार से हटाया गया। 11 घंटे बाद पुल से पूरी तरह आवागमन सुचारू हो सका।

सुधार के लिए विधायक लिख चुके हैं पत्र

इस प्रमुख हाईवे के पुराने, संकरे व क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत के लिए पंधाना विधायक राम दांगोरे चार माह पहले एमपीआरडीसी को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन विभाग ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया है।

हादसा टला } इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर बने पुल के पिलर छोड़ चुके हैं जमीन

ट्रक थोड़ा और आगे बढ़ता तो पुल से नीचे गिर जाता।
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