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मृतक व्यक्ति के नाम पर था जोगिंदर पेट्रोल पंप का लाइसेंस और जीएसटी नंबर, प्रशासन ने किया सील

सरदार गुरुमेजर सिंह की 2007 में हाे चुकी है माैत फिर भी उनके नाम पर चार बार लाइसेंस हो चुका है रिन्यू भास्कर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 02:00 AM IST

मृतक व्यक्ति के नाम पर था जोगिंदर पेट्रोल पंप का लाइसेंस और जीएसटी नंबर, प्रशासन ने किया सील
सरदार गुरुमेजर सिंह की 2007 में हाे चुकी है माैत फिर भी उनके नाम पर चार बार लाइसेंस हो चुका है रिन्यू

भास्कर संवाददाता|छतरपुर

बसस्टैंड के पास हाईवे पर स्थित सबसे पुराने पंपों में से एक जोगिंदर (मे. नेशनल पैट्रोल सप्लाई) पैट्रोल पंप को प्रशासन की टीम ने बुधवार की दोपहर सील कर दिया। पैट्रोल पंप का लाइसेंस सरदार गुरुमेजर सिंह के नाम पर था। सरदार गुरुमेजर सिंह की 6 जनवरी 2007 को मौत हो चुकी है। उनके निधन के बावजूद पंप का लाइसेंस अब तक उन्हीं के नाम से जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय में रिन्यू किया जा रहा था। मृतक के नाम पर लाइसेंस होने की शिकायत पर अपर कलेक्टर कार्यालय ने पंप को बंद करने का अादेश जारी कर दिया है। इसी के आधार पर खाद्य अधिकारी ने पैट्रोल पंप पर पहुंचकर उसे सील कर दिया है।

जोगिंदर सिंह पैट्रोल पंप शहर का सबसे व्यस्त पैट्रोल पंप है। यह पंप पांच हिस्सेदारों जोगिंदर सिंह, गुरमेजर सिंह, प्यारा सिंह, हरमिंदर सिंह और सुरजीत सिंह ने मिलकर शुरू किया था। जमीन भी शासन से लीज पर ली गई है। अब इन पांचों हिस्सदारों का निधन हो चुके हैं। वर्तमान में पंप की देख रेख सहित प्रबंधन की जिम्मेदारी परमजीत सिंह काले सरदार संभाल रहे हैं। पंप के पांच संस्थापकों के उत्तराधिकारियों की कुल संख्या 26 है। इन्हीं में से एक तेजिंदर पाल सिंह लालजी ने प्रशासन ने शिकायत दर्ज कराई है। लालजी की ही शिकायतों पर सुनवाई करते हुए अपर कलेक्टर छतरपुर ने पंप को सील करने को आदेश जारी किए हैं। इस आदेश पर अमल करते हुए खाद्य अधिकारी ने पैट्रोल पंप को सील कर दिया है।

लाइसेंसधारी की 11 साल पहले हो चुकी है मौत

खाद्य विभाग की ओर से सरदार गुरुमेजर सिंह के नाम पर पैट्रोल पंप जारी किया गया है। सरदार गुरुमेजर सिंह का 6 जनवरी 2007 में निधन हो चुका है। इसके बावजूद इसी नाम से पहले वर्ष 2007, फिर 2009, 2013 और अंत में 2015 में लाइसेंस रिन्यू हो चुका है। अंतिम बार वर्ष 2015 में लाइसेंस को वर्ष 2018 के लिए रिन्यू किया गया था। मृतक के नाम पर पिछले 11 सालों से लाइसेंस को रिन्यू किए जाने की शिकायत तेजिंदार पाल सिंह लालजी ने जिला प्रशासन में दर्ज कराई थी। इसका मामला अपर कलेक्टर न्यायालय छतरपुर में लंबित है। अपर कलेक्टर कार्यालय से जारी नोटिस का जवाब पंप के वर्तमान संचालक परमजीत सिंह काले सरदार ने जमा कराया है। पर इस जवाब से संतुष्ट नहीं होने के कारण एडीएम ने पंप को सील करने का आदेश जारी किया है।

सरदार गुरुमेजर सिंह की 2007 में हाे चुकी है माैत फिर भी उनके नाम पर चार बार लाइसेंस हो चुका है रिन्यू

भास्कर संवाददाता|छतरपुर

बसस्टैंड के पास हाईवे पर स्थित सबसे पुराने पंपों में से एक जोगिंदर (मे. नेशनल पैट्रोल सप्लाई) पैट्रोल पंप को प्रशासन की टीम ने बुधवार की दोपहर सील कर दिया। पैट्रोल पंप का लाइसेंस सरदार गुरुमेजर सिंह के नाम पर था। सरदार गुरुमेजर सिंह की 6 जनवरी 2007 को मौत हो चुकी है। उनके निधन के बावजूद पंप का लाइसेंस अब तक उन्हीं के नाम से जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय में रिन्यू किया जा रहा था। मृतक के नाम पर लाइसेंस होने की शिकायत पर अपर कलेक्टर कार्यालय ने पंप को बंद करने का अादेश जारी कर दिया है। इसी के आधार पर खाद्य अधिकारी ने पैट्रोल पंप पर पहुंचकर उसे सील कर दिया है।

जोगिंदर सिंह पैट्रोल पंप शहर का सबसे व्यस्त पैट्रोल पंप है। यह पंप पांच हिस्सेदारों जोगिंदर सिंह, गुरमेजर सिंह, प्यारा सिंह, हरमिंदर सिंह और सुरजीत सिंह ने मिलकर शुरू किया था। जमीन भी शासन से लीज पर ली गई है। अब इन पांचों हिस्सदारों का निधन हो चुके हैं। वर्तमान में पंप की देख रेख सहित प्रबंधन की जिम्मेदारी परमजीत सिंह काले सरदार संभाल रहे हैं। पंप के पांच संस्थापकों के उत्तराधिकारियों की कुल संख्या 26 है। इन्हीं में से एक तेजिंदर पाल सिंह लालजी ने प्रशासन ने शिकायत दर्ज कराई है। लालजी की ही शिकायतों पर सुनवाई करते हुए अपर कलेक्टर छतरपुर ने पंप को सील करने को आदेश जारी किए हैं। इस आदेश पर अमल करते हुए खाद्य अधिकारी ने पैट्रोल पंप को सील कर दिया है।

जीएसटी नंबर भी मृतक के नाम पर : मे. नेशनल पैट्रोल पंप का जीएसटी नंबर फर्म के एक अन्य पार्टनर सरदार हरमिंदर सिंह सहाम्बी के नाम पर जारी किया गया है। देश में जीएसटी को 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया है। पंप का जीएसटी नंबर हरमिंदर सिंह के नाम पर 18 सितंबर 2017 को जारी किया गया है। मजे की बात यह है कि सरदार हरमिंदर सिंह का 2 जून 2017 को पहले ही निधन हो चुका है। इस मामले में शिकायतकर्ता लालजी का आरोप है कि पंप के दस्तावेजों को झूठे तथ्यों के आधार पर तैयार किया गया है।

छतरपुर। स्टैंड पर स्थित जुगंदर पेट्रोल पंप को किया शील्ड।

काले सरदार बोले-हम वकील के माध्यम से रख रहे हैं तथ्य

इस मामले में पंप के वर्तमान संचालक परमजीत सिंह काले सरदार का कहना है कि प्रशासन ने अचानक आकर उनका पंप सील कर दिया है। उनके पास सभी तथ्य हैं। उन पर लगाए गए आरोपों के संबंध में वे कानूनी सलाह ले रहे हैं। वे वकील के माध्यम से प्रशासन को जवाब दे रहे हैं। दस्ताबेजों में कूट रचना के संबंध में उन्होंने कहा कि वे वकील से सलाह के बाद ही इस संबंध में अपना स्पष्टीकरण प्रशासन को देंगे।

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