छतरपुर

  • Home
  • Madhya Pradesh News
  • Chhatarpur News
  • जनआकांक्षा रैली में 15 से अिधक संगठनों ने शामिल होकर मेडिकल काॅलेज की मांग उठाई
--Advertisement--

जनआकांक्षा रैली में 15 से अिधक संगठनों ने शामिल होकर मेडिकल काॅलेज की मांग उठाई

जिले में पिछले 13 दिनों स.े मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए कार्यकर्ता रोज आंदाेलन कर रहे हैं लेकिन अब तक कोई निष्कर्ष...

Danik Bhaskar

Mar 01, 2018, 02:00 AM IST
जिले में पिछले 13 दिनों स.े मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए कार्यकर्ता रोज आंदाेलन कर रहे हैं लेकिन अब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। बुधवार को मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर सैंकड़ों लोग जन आकांक्षा रैली में शामिल हुए। शहर के नजरबाग मैदान में मेडिकल संघर्ष समिति के बैनर तले 15 से अधिक संगठनों से एकत्र होकर एक सुर में मेडिकल कॉलेज की आवाज बुलंद की। नजरबाग से जन आकांक्षा रैली अवस्थी चौराहा, अस्पताल चौराहा होते हुए कलेक्टोरेट पहुंची। जहां पर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ.वीरेंद्र खटीक के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एडीएम एसके अहिरवार को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने मांग करते हुए कि टीकमगढ़ स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से बहुत ही पिछड़ा हुआ है। यहां से मेडिकल कालेज झांसी-ग्वालियर तक जाने के लिए दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति, ह्रदयघात के मरीज, गंभीर रूप से बीमार लोग व अन्य मरीज रास्ते में ही स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ देते है। ऐसे मेें जिले तक पहुंच मार्गों की सुगमता व साधन कम है। इसलिए टीकमगढ़ में मेडिकल कॉलेज खोला जाए। जहां सभी कार्यकर्ताओं ने एक सुर में मेडिकल कॉलेज की मांग उठाया। वहीं समिति को गति देने वाले कई कार्यकर्ता ने समिति से किनारा कर लिया। कार्यकर्ताओं ने बताया कि समिति में रहकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मानो सत्ताधारी पार्टी इस समिति को संचालित कर रही है। रैली में पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह, हबीब राईन, अरविंद खटीक, कय्यूम अली सहित कई संगठनों के लोग उपस्थित थे।

समिति का राजनीतिकरण नहीं होने देंगे: संघर्ष समिति के पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पहले जन आकांक्षा रैली में सभी संगठनों को बैनर लेकर शामिल होने को कहा गया था, लेकिन कुछ लोगों ने इस रैली का राजनीतिकरण करना चाहा था। जिसके चलते सभी को बैनर और झंडे न लाने के लिए मना किया गया। जिसका कुछ लोगों ने विरोध किया। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन शुरू से ही गैर राजनैतिक रहा है और आगे भी गैर राजनैतिक रहेगा। चौहान के अनुसार हमारे एक सक्रिय कार्यकर्ता जो अपनी राजनीतिक सोच को छोड़कर हमारा सबसे अच्छा साथी थे। उन्होंने राजनैतिक दवाब के चलते शायद समिति से हटना उचित समझा। विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष राजकुमार पाठक ने कहा कि यहां न तो हवाई सुविधाएं हवाई न ही बड़े-बड़े हाईवे होने के कारण जिले के बाहर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जाना आम जनमानस के लिए संभव नहीं है। 18 लाख की आबादी वाले जिले के मुख्य अस्पताल में सिर्फ 11 डाक्टर मौजूद हैं। जिसमें से सिर्फ 3 विशेषज्ञ डाॅक्टर ही उपलब्ध है एवं 22 से जायदा विशेषज्ञ डाॅक्टरों का अभाव है।

मनु जैन हटे समिति से: मेडिकल संघर्ष समिति के कार्यकर्ता मनु जैन समिति से हट गए। उन्होंने बताया कि टीकमगढ़ में मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर पिछले 13 दिनों से सतत आंदोलन कर रहा हूं। इस दौरान हर घर, समाज, राजनैतिक दल को साथ लेने के प्रयास से जन आंदोलन की शुरूआत की थी, ताकि मेडिकल कॉलेज का अहम मुद्दा पार्टी विशेष की राजनीति में दब के न रह जाए।

जिसके लिए पिछले 13 दिनों से अपने स्तर पर हर राजनैतिक दल को साथ लेने की कोशिश की गई। इसके साथ आम जनता को जोड़ने का प्रयास किया, लेकिन सत्ताधारी पार्टी के दवाब के चलते इस समिति में रहकर काम करना मुश्किल हो रहा है। संघर्ष समिति से खुद को अलग कर रहा हूं। जिससे अब पार्टी स्तर पर अपनी पूरी ताकत लगाकर किसी भी सूरत में टीकमगढ़ में मेडिकल कॉलेज खुलवाया जा सके।

टीकमगढ़। रैली में शामिल हुए विभिन्न संगठन के सदस्य।

जिले में सिर्फ 3 विशेषज्ञ डॉक्टर

जन आकांक्षा रैली में शामिल हुए लोकसभा अध्यक्ष शाश्वत सिंह ने कहा कि जिले की वर्तमान जनसंख्या लगभग 18 लाख है, जिला मुख्यालय से लगे छतरपुर जिले के घुवारा, भगवा क्षेत्र के लोग ललितपुर उप्र के महरौनी, बानपुर क्षेत्र के लोग स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में टीकमगढ़ पर निर्भर हैं। हमारे निकटवर्ती जिलों में पहले से ही मेडिकल कालेज के समकक्ष सुविधाएं हैं। जबकि टीकमगढ़ जिला स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में स्वस्थ्य जीवन के लिए लगातार मेडिकल कॉलेज की मांग कर रहा है।

Click to listen..