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टाइगर रिजर्व की टीम ने आदिवासियों को पीटा, रेंजर बोले- गांव से ही एक शिकारी को गिरफ्तार किया है

Chhatarpur News - सीलौन पुलिस चौकी के पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जंगली जानवर का शिकार किया गया। शिकार की सूचना मिलने पर...

Dainik Bhaskar

Mar 04, 2018, 02:25 AM IST
टाइगर रिजर्व की टीम ने आदिवासियों को पीटा, रेंजर बोले- गांव से ही एक शिकारी को गिरफ्तार किया है
सीलौन पुलिस चौकी के पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जंगली जानवर का शिकार किया गया। शिकार की सूचना मिलने पर चंद्रनगर रेंज के रेंजर अपनी 10 सदस्यीय टीम के साथ करोदया गांव पहुंचे। टीम ने एक आदिवासी को हिरासत में भी लिया है। इस दौरा गांव के करीब 10 आदिवासियों के साथ मारपीट भी की गई है। इस मारपीट की शिकायत इन ग्रामीणों ने सीलौन पुलिस चौकी में की है। चौकी पुलिस ने शुक्रवार को आदिवासियों की शिकायत लेकर घायलों की एमएलसी कराई साथ ही मामले को जांच में ले लिया है।

होली की रात पन्ना टाइगर रिजर्व एरिया में एक जंगली जानवर के शिकार की खबर आई है। इस पर रेंजर भुवनेश योगी अपने विभाग के 10 कर्मचारियों के साथ गांव पहुंचे। सबसे पहले वे गांव के मंगू आदिवासी के घर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि वन अधिकारियों ने मंगू और उसकी प|ी हिरिया बाई से जंगली जानवार के शिकार करने की बात की। इंकार करने पर विभाग की टीम ने उनके साथ मारपीट की। इस मारपीट का विरोध करने पर गांव के लोग एकत्र हो गए। इसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने गांव के करीब 10 आदिवासियों के साथ लाठी और डंडों से मारपीट कर घायल कर दिया। इस मारपीट की शिकायत करने के लिए गांव के लोग सीलौन चौकी पहुंचे। वहां पर शिकायत दर्ज न होने पर सभी आदिवासी बमीठा थाना पहुंचे। पूरे दिन थाने में बैठे रहने के बाद भी वन विभाग के कर्मचारियों पर मारपीट का मामला दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद कांग्रेस के पूर्व विधायक शंकर प्रताप सिंह बुंदेल, सिद्धार्थ शंकर बुंदेला और लखन दुबे सहित अन्या लोग थाने पहुंचे। मौके पर पहुंचे खजुराहो एसडीओपी इसरार मंसूरी ने आदिवासियों की शिकायत लेते हुए घायलों की एमएलसी करवाई। साथ ही मामले को जांच में ले लिया। इस मामले में सीलौन चौकी प्रभारी एमएल यादव ने बताया कि यह मामला जंगली सुअर के शिकार का है। गांव के कुछ लोगों ने शिकार किया। वन विभाग की कार्रवाई का विरोध करने पर गांव में झगड़ा हुआ। घायलों की शिकायत का आवेदन लेकर डॉक्टर द्वारा एमएलसी कराई गई है। वन विभाग का मामला होने के कारण उसे जांच में लिया गया है।

यह आदिवासी हुए घायल: वन विभाग की टीम द्वारा की गई मारपीट से करोदिया गांव का उम्मेदा पिता बाबू कोंवादर उम्र 45 वर्ष, राममिलन पिता उम्मेदा आदिवासी, हजारी लाल पिता श्याम लाल आदिवासी उम्र 17 वर्ष, देशराज पिता मुन्ना आदिवासी उम्र 20 वर्ष, देवेंद्र पिता रामनाथ आदिवासी उम्र 20 वर्ष, मंगू पिता हरजू आदिवासी उम्र 40 वर्ष, राम अवतार पिता मन्नू आदिवासी उम्र 25 वर्ष और हिरया बाई पति मंगू आदिवासी उम्र 38 वर्ष को हाथ, पैर, पीठ और सिर में चोटें आई हैं।

छतरपुर। थाने में शिकायत करने आदिवासियों के साथ पहुंचे कांग्रेस नेता।

रेंजर बोले- बदले की

कार्रवाई से हुई शिकायत

इस मामले में रेंजर भुवनेश योगी का कहना है कि वे शिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे थे। उन्होंने आरोपी मंगू अादिवासी को सुअर के मांस के साथ गिरफ्तार करके जेल भी भेज दिया है। रेंजर योगी का कहना है कि आदिवासी उनकी टीम के खिलाफ मारपीट की झूठी शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने किसी के साथ मारपीट नहीं की है।

कांग्रेसी बोले- मारपीट

कानूी उल्लंघन है

कांग्रेस के पर्व विधायक शंकर प्रताप सिंह बंुदेला का कहना है कि आदिवासियों ने शिकार नहीं किया है। वन विभाग के लोगों को इन आदिवासियों के पास से कुछ भी नहीं मिला है। इसी करण वन विभाग के कर्मचारियों ने इन आदिवासियों के साथ मारपीट की, जो कानून के दायरे में नहीं आता। मारपीट अपराध है। इसलिए दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कर्रवाई होना ही चाहिए।

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