छतरपुर

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अब खाद्य पदार्थों का स्पॉट पर होगा ऑनलाइन सैंपल टेस्ट

अब प्रदेश के सभी जिलों में रेस्टोरेंट, होल सेलर आैर खाद्य सामग्री की सभी दुकानों का निरीक्षण ऑनलाइन होगा। इस...

Danik Bhaskar

Mar 04, 2018, 02:25 AM IST
अब प्रदेश के सभी जिलों में रेस्टोरेंट, होल सेलर आैर खाद्य सामग्री की सभी दुकानों का निरीक्षण ऑनलाइन होगा। इस प्रक्रिया को सुचारु रूप से चलाने के लिए प्रदेश सरकार ने कुछ पैरामीटर तय किए हैं।

इनके अनुसार जिले के सभी खाद्य निरीक्षकों को जानकारी मौके पर ऑनलाइन से देना होगी। सॉफ्टवेयर फॉर कोरस इन जानकारियों के आधार पर उसी समय नंबर देगा। इससे तय होगा कि सैंपल पास हुआ या फेल। इसके लिए प्रदेश के 160 खाद्य निरीक्षकों को टैबलेट देकर भोपाल में प्रशिक्षण भी दिया गया है। देश में पहली बार खाद्य टेस्टिंग की व्यवस्था ऑनलाइन होगी। निरीक्षण दल के निरीक्षकों को सारे पैरामीटर्स का उल्लेख ऑनलाइन करना होगा। इनके आधार पर सॉफ्टवेयर नंबर देगा। कुल 50 अंक निर्धारित किए हैं। नंबर के आधार पर तय होगा कि संस्था या दुकान पैरामीटर्स पर कितनी खरी उतरी है। 50 में से 50 अंक मिले तो दुकान में कोई गड़बड़ी नहीं।

नई व्यवस्था

गड़बड़ी मिली तो ई-मेल से दिया जाएगा अल्टीमेटम, खाद्य निरीक्षकों की लोकेशन भी हो सकेगी ट्रेस

प्रक्रिया के दौरान यह होंगे पैरामीटर

हाइजीन के लिए नरीक्षण करने वाले कर्मचारी ने दस्ताने, कैप पहना है या नहीं। दुकानदार ने खाद्य सामग्री खुले में रखी है या ढंक कर रखी है। खाद्य सामग्री गंदी जगह पर बन रही है या साफ जगह पर। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता खराब है या अच्छी। इन आधारों पर ही विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी।

35 दिन में सुधार नहीं हुआ तो लाइसेंस रद्द

कंप्लाइंस, नॉन कंप्लाइंस और सेमी कंप्लाइंस आधार पर तीन श्रेणी निर्धारित की गई है। नॉन कंप्लाइंस श्रेणी में जाने पर सॉफ्टवेयर द्वारा तुरंत संस्थान मालिक को ई-मेल से सूचना दी जाएगी। 14 दिन में व्यवस्था दुरुस्त नहीं की जाती हैं तो फिर से 14 दिन के लिए नोटिस दिया जाएगा।

सीएमएचओ बताएंगे कहां जाना है

निरीक्षक उन्हीं दुकानों पर कार्रवाई कर पाएंगे। जहां के लिए चीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिसर, सीएमएचओ निर्देशित करेंगे। टैबलेट इसलिए दिए गए हैं। ताकि कार्रवाई की जानकारी भोपाल में विभाग तक लाइव पहुंच सके। खाद्य और औषधि विभाग अब तक खाद्य निरीक्षक मैन्युअली काम करते थे। टैबलेट मिलने से फायदा यह होगा कि कहीं भी निरीक्षक कार्रवाई के लिए जाएंगे तो वहीं से फोटो सीधे सॉफ्टवेयर से अपलोड करना होंगे। सैंपल का फोटो भी तत्काल अपलोड करना होगा। लोकेशन तय होते ही निरीक्षकों को टैबलेट पर अपनी लोकेशन ऑन करना होगी। जहां-जहां निरीक्षक जाएंगे। सॉफ्टवेयर पर उनकी लोकेशन आ जाएगी।

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