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दो-दो केन्द्रीय मंत्री होने के बाद भी नहीं दिला पाए मेडिकल कॉलेज: पूर्व मंत्री

28 फरवरी को जारी मप्र के बजट में स्वीकृत 9 मेडिकल कालेजों में टीकमगढ़ का नाम न होने पर पूर्व मंत्री मप्र यादवेंद्र...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 02:30 AM IST
28 फरवरी को जारी मप्र के बजट में स्वीकृत 9 मेडिकल कालेजों में टीकमगढ़ का नाम न होने पर पूर्व मंत्री मप्र यादवेंद्र सिंह ने तीखा विरोध दर्ज कराते हुए भाजपा सरकार की तीखी आलोचना की।

उन्होंने कहा कि टीकमगढ़ जिले का दुर्भाग्य है कि नगर पालिका भाजपा के पास, विधायक भाजपा का, सांसद भाजपा का, भारत का इकलौता जिला है टीकमगढ़ जिसके 2-2 केंद्रीय मंत्री मोदी सरकार में बैठे हैं। उसके बावजूद टीकमगढ़ के लोगों को भाजपा ने संगठित होकर छलावा किया। पहले केंद्र सरकार द्वारा घोषित मेडिकल कालेज के लिए क्षेत्रीय सांसद एवं मंत्री वीरेंद्र खटीक ने टीकमगढ़ के आम जनमानस से विश्वासघात करते हुए वोट तो टीकमगढ़ की 5 विधानसभाओं से लिए, लेकिन छतरपुर में मेडिकल कालेज खुलवाने के लिए प्रयास किए। जिस पर जिले में पिछले 15 दिनों से जारी आंदोलन के बावजूद भाजपा नेताओं की चुप्पी दिखाती है कि उनको टीकमगढ़ की जनता से ज्यादा पार्टी संगठन प्यारा है। जनता के भारी आक्रोश के बावजूद भाजपा नेताओं को शायद कोई फर्क नहीं पड़ा। जिसका सबूत है बुधवार को मप्र विधानसभा में पेश हुआ बजट। जिसमें स्वीकृत 9 मेडिकल कालेजों में टीकमगढ़ का नामोनिशान भी नहीं है। भाजपा नेताओं के दबदबे वाले क्षेत्रों में मेडिकल कालेज को सौगातें दे दी गई, लेकिन टीकमगढ़ के नेता सोते रहे। यादवेंद्र सिंह ने विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि केके श्रीवास्तव को मेडिकल कालेज एवं स्वास्थ्य सेवाओं से ज्यादा हाकी टूर्नामेंट ज्यादा महत्वपूर्ण था। टीकमगढ़ के आम जन मानस की लगातार हो रही उपेक्षा से ये साफ है कि भाजपा नेताओं को सिर्फ जनता से वोटो का सरोकार है इससे ज्यादा कुछ नहीं। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर जल्द ही किसान आंदोलन की तर्ज पर एक विशाल आंदोलन करेगी और सरकार को बाध्य करेगी कि टीकमगढ़ में मेडिकल कालेज खोले। ऐसा न होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। यादवेंद्र सिंह ने कहा कि जल्द ही कांग्रेस की युवा इकाई द्वारा आम जनमानस के बीच जाकर मेडिकल कालेज नहीं तो वोट नहीं कैम्पेन चलाया जाएगा और लोगो को उनके हकों की लड़ाई लड़ने के लिए जागरूक करेंगे।