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प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाएं जाने और तीसरे दिन जीवित हो उठने का ईस्टर पर्व मनाया

प्रभु यीशु को क्रूस पर चढाएं जाने के तीसरे तीन वह पुनः जीवित हो गए थे, जिसकी खुशी में ईस्टर का पर्व मसीही समाज...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:40 AM IST

प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाएं जाने और तीसरे दिन जीवित हो उठने का ईस्टर पर्व मनाया
प्रभु यीशु को क्रूस पर चढाएं जाने के तीसरे तीन वह पुनः जीवित हो गए थे, जिसकी खुशी में ईस्टर का पर्व मसीही समाज हर्षोल्लास के साथ हर वर्ष मनाता है। प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी मसीही समाज ने ईस्टर पर चर्च में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। रविवार को शहर के चर्च में ईस्टर का त्यौहार मनाया गया। इसके पूर्व शुक्रवार को प्रभु यीशु मसीह को क्रूस पर चढाएं जाने की याद में गुड फ्राइडे का त्यौहार मनाया गया था। तीसरे दिन प्रभु यीशु मसीह मृत्यु से जी उठे थे। इस दौरान समाज के लोगों ने पुष्प अर्पित किया, मोमबत्ती व अगरबत्ती जलाकर प्रार्थना की। इसमें गीतों के साथ प्रभु यीशु मसीह के वचनों का पठन किया गया। लोगों ने एक दूसरे को ईस्टर की बधाई दी।

गौरतलब है कि महोबा रोड स्थित चर्च से रविवार की सुबह ईसाई समाज के द्वारा सुबह 4 बजे मसीही अराधनालय से होकर फब्बारा चौके तक हाथों में मोमबत्ती लेकर गीत गाते हुए रैली निकाली गई। इस रैली का संचालन मीरोज सिंह के द्वारा किया गया। इसके बाद चर्च मैदान में सनराईज सर्विस प्रारंभ हुई, जिसका संचालन शोभा विलियम और मौनिका सिंह के द्वारा किया गया। सर्विस के दौरान गीत एवं प्रार्थना हुई। वचन की सेवकाई मिनी मौल अर्निस्ट द्वारा की गई। ईस्टर पर्व की विशेष अाराधना सुबह 8 बजे चर्च में प्रारंभ हुई, जिसका संचालन स्थानीय पादरी दीपक नलवंशी के द्वारा किया गया। पादरी पीएससिंह के द्वारा समाज और देश के लिए प्रार्थना की गई।

परमेश्वर की स्तुति हुई

अाराधना सभा के दौरान परमेश्वर की स्तुति के लिए प्रेमनायक, प्रतिमा डेनियल, स्कूल ऑफ नर्सिंग, किश्चिन यूथ, सीएमसी बैल्लौर नर्सिग स्टूडेंट द्वारा विभिन्न गीत प्रस्तुत किए गए। इन गीतों के लिए आकाश, कनिश सिंह, एवं प्रेमनायक के द्वारा संगीत दिया गया। लुधियाना पंजाब से आए विश्व नोर्ज जोजफ द्वारा ईस्टर का संदेश जो कि हमारे लिए विजय दिवस है प्रस्तुत किया गया। इसके बाद अध्यक्ष विनय जाेन ने सभी को ईस्टर की शुभकामनाएं और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

40 दिनों तक चला उपवास

इसके पहले के 40 दिनों में उपवास, ईश वचन पठन, त्याग व तपस्या करते हैं। प्रभु यीशु आज ही के दिन अपनी मृत्यु के बाद तीसरे दिन फिर से जी उठे थे। जिस प्रकार उन्होंने कहा था, ‘मानव पुत्र को पापियों के हवाले कर दिया जाना होगा, क्रूस पर चढ़ाया जाना और तीसरे दिन जी उठना होगा। ईसा मसीह के यरुशलम में विजयी प्रवेश को खजूर रविवार के नाम से मनाया जाता है, क्योंकि लोगों ने ईसा के स्वागत में खजूर की डालियां और कपड़े उनके रास्ते में बिछा दिए थे। खजूर रविवार से पवित्र सप्ताह प्रारंभ होता है और 40 दिन तक ईस्टर चलता है।

छतरपुर। चर्च में हुआ ईसाई समाज के कार्यक्रम में मौजूद लोग। इनसेट में प्रार्थना एवं गीत गाते युवक एवं युवतियां।

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