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टोल टैक्स 7% बढ़ेगा, ई-वे बिल के साथ ही हेलमेट लगाना जरूरी

नए वित्तीय वर्ष में 1 अप्रैल से कई बदलाव होने जा रहे हैं। टोल दरों पर 7 फीसदी की बढ़ी दर ली जाएगी। स्कूली शिक्षकों के...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:45 AM IST
नए वित्तीय वर्ष में 1 अप्रैल से कई बदलाव होने जा रहे हैं। टोल दरों पर 7 फीसदी की बढ़ी दर ली जाएगी। स्कूली शिक्षकों के लिए एम शिक्षा एप लागू होगा।

इसी तरह 2 राज्यों के बीच 50 हजार से ज्यादा के माल की ढुलाई पर ई-वे बिल लगेगा। हालांकि सभी को लागू करने से पहले तैयारियों पर काम नहीं हो सकता है। इससे दिक्कत आ सकती है। इधर, हेलमेट अनिवार्यता को लेकर ट्रैफिक पुलिस भी इसी दिन से जांच अभियान छेड़ने जा रही है।

ई-वे बिल के साथ ही हेलमेट की अनिवार्यता भी शुरू होेगी, नए नियम अधूरी तैयारियों के साथ लागू करने की कवायद

एम-शिक्षा मित्र एप आज से

अनिवार्य, 6839 शिक्षक जुड़ेंगे

स्कूली कर्मचारी एवं शिक्षकों के लिए 1 अप्रैल से एम-शिक्षा मित्र एप का उपयोग अनिवार्य हो जाएगा। जिले से 6839 शिक्षक नई व्यवस्था से जुड़ेंगे। हालांकि कई संगठन विरोध में हैं लेकिन विभाग ने तैयारी कर ली है। उपस्थिति आधार पर वेतन जनरेट होगा। रोज समीक्षा होगी। स्कूलों की प्रोफाइल, नामांकन, पदस्थ शिक्षक, सुविधाएं, अधोसंरचना, लोकेशन, शाला में दर्ज विद्यार्थियों की सूची पर काम होगा।

असर : जहां नेटवर्क समस्या रहती, वहां परेशानी होगी। अतिथि शिक्षकों का अनुबंध खत्म होने का असर रहेगा। कई शिक्षक पुस्तिकाओं की जांच में हैं। ऐसे में सभी स्कूल खुलने के आसार कम है।

हेलमेट को लेकर अनिवार्यता : मकसद सड़क हादसों में कमी लाना है

हादसाें के मद्देनजर पुलिस हेडक्वार्टर ने 1 अप्रैल से 28 अप्रैल तक हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर आदेश जारी किए हैं। इस अवधि में निरंतर चालानी कार्रवाई होगी। शहर के छत्रसाल चौक, ओरछा रोड थाना, बिजावर नाका, सिविल लाइन थाना, महोबा रोड सहित जिले के सभी थाना-चौकियों के स्टॉफ को इस संबंध में निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

असर : कई दुर्घटनाओं में हेलमेट न लगाए होने के कारण वाहन सवारों की अधिकांश मौत हुई। कई केस में हेलमेट ना होना मौत का कारण बना। एएसपी जयराज कुबेर ने बताया हेलमेट से हादसों में कमी आएगी।

ई-वे बिल : 50 हजार रुपए से

अधिक के माल की ढुलाई

पर देना हाेगा चार्ज

जो व्यवसायी एक से दूसरे राज्य के बीच सामान भेजते-बुलाते हैं। उन्हें 1 अप्रैल से माल ढुलाई के दौरान इंटर स्टेट ई-वे बिल लगेगा। ई-वे बिल जनरेट करने के लिए पोर्टल www.ewaybillgst.gov.in पर रजिस्ट्रेशन होगा, इससे पोर्टल के लिए यूजर नेम व पासवर्ड मिल जाएगा। पोर्टल पर लॉगइन कर अपने व्यवसाय की जानकारी (नाम, पता, मोबाइल नंबर) जांच सकेंगे।

असर : कई व्यापारी सिस्टम से जुड़ना बाकी हैं। अभ्यस्त भी नहीं। ऐसे में पूरी तरह से अमल होने में समय लग सकता।

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