--Advertisement--

मनमानी: जहां देखो वहीं बना दीं मिट्टी की खदानें, पोखर में गिरने से अब तक जा चुकी हैं कई जानें

Chhatarpur News - जिले में मिट्टी बेचने का गोरखधंधा तेजी से चल रहा है। कतिपय लोग अवैध तरीके से मिट्टी का अवैध उत्खनन कर रहे हैं। उनके...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 05:05 AM IST
Tikamgarh News - arbitrary where the look was made there the mud of mud far from falling into the puddle have known many
जिले में मिट्टी बेचने का गोरखधंधा तेजी से चल रहा है। कतिपय लोग अवैध तरीके से मिट्टी का अवैध उत्खनन कर रहे हैं। उनके लिए नियम कायदे कोई मायने नहीं रख रहे हैं। खुदाई इतनी गहरी कर देते हैं, कि वह जगह पोखर बन जाती है। इन पोखरों में अब तक कई जाने जा चुकी हैं। इसके बाद भी माइनिंग विभाग सतर्कता नहीं बरत रहा है। ताजा मामला डुमरऊ, उत्तमपुरा, नारगुड़ा और मवई का है। इन गांवों में लगातार अवैध उत्खनन किया जा रहा है। बिना किसी रोक टोक के ठेकेदार अपनी मनमर्जी से खुदाई कर रहे हैं। शासन से लीज पर मिली जमीन को छाेड़कर सरकारी गौचर जमीन पर भी मशीनों से खुदाई की जा रही है और मिट्टी को बेचने का काम खुलेआम चल रहा है। खनिज विभाग के अधिकारियों को पूरी जानकारी है। शिकायत के बाद भी इन पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है।

शिकायत करने पर मिलती है धमकी : ग्रामीणों का कहना है कि दिन-रात में मशीनों से खुदाई होती है। खोदने के लिए मना करने पर असमाजिक तत्वों द्वारा धमकी दी जाती है। उत्खनन के अवैध कार्य में गांव के सरपंच भी शामिल हैं। जो किसी प्रकार का विरोध नहीं करते है और ठेकेदारों से सांठगांठ करके इसमें लिप्त हैं।

खुदाई के पोखर बने बच्चों की जान का खतरा: दो माह के अंदर ग्रामीण क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर करीब 5 से अधिक बच्चों की पोखरों में डूबने से मौत हो गई। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। खुदाई के दौरान 10-15 फीट गहरे गड्ढे खोदकर छोड़ दिया जाता है। इन गड्ढो में बारिश का पानी जमा जाता है। गांव में पानी होने से बच्चे नहाने निकल जाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं।

मवई गांव में ऐसे ही पत्थर खदानों के हालात : मवई गांव से सटे दूरदराज इलाकों में लगातार खदानें संचालित हो रही हैं। यहां पर मुरम, पत्थर की खदानें हैं। सरकारी जगह से बड़े-बड़े पत्थरों को तोड़ने का काम किया जा रहा है। बड़ी मात्रा में सप्लाई करने में ठेकेदार जुटे हुए हैं। प्रशासन की सख्ती नहीं होने से पत्थरों को तोड़कर राजस्व को लाखों रुपए की क्षति पहुंचाई जा रही है।

रवि ताम्रकार| टीकमगढ़

जिले में मिट्टी बेचने का गोरखधंधा तेजी से चल रहा है। कतिपय लोग अवैध तरीके से मिट्टी का अवैध उत्खनन कर रहे हैं। उनके लिए नियम कायदे कोई मायने नहीं रख रहे हैं। खुदाई इतनी गहरी कर देते हैं, कि वह जगह पोखर बन जाती है। इन पोखरों में अब तक कई जाने जा चुकी हैं। इसके बाद भी माइनिंग विभाग सतर्कता नहीं बरत रहा है। ताजा मामला डुमरऊ, उत्तमपुरा, नारगुड़ा और मवई का है। इन गांवों में लगातार अवैध उत्खनन किया जा रहा है। बिना किसी रोक टोक के ठेकेदार अपनी मनमर्जी से खुदाई कर रहे हैं। शासन से लीज पर मिली जमीन को छाेड़कर सरकारी गौचर जमीन पर भी मशीनों से खुदाई की जा रही है और मिट्टी को बेचने का काम खुलेआम चल रहा है। खनिज विभाग के अधिकारियों को पूरी जानकारी है। शिकायत के बाद भी इन पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है।

शिकायत करने पर मिलती है धमकी : ग्रामीणों का कहना है कि दिन-रात में मशीनों से खुदाई होती है। खोदने के लिए मना करने पर असमाजिक तत्वों द्वारा धमकी दी जाती है। उत्खनन के अवैध कार्य में गांव के सरपंच भी शामिल हैं। जो किसी प्रकार का विरोध नहीं करते है और ठेकेदारों से सांठगांठ करके इसमें लिप्त हैं।

खुदाई के पोखर बने बच्चों की जान का खतरा: दो माह के अंदर ग्रामीण क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर करीब 5 से अधिक बच्चों की पोखरों में डूबने से मौत हो गई। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। खुदाई के दौरान 10-15 फीट गहरे गड्ढे खोदकर छोड़ दिया जाता है। इन गड्ढो में बारिश का पानी जमा जाता है। गांव में पानी होने से बच्चे नहाने निकल जाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं।

मवई गांव में ऐसे ही पत्थर खदानों के हालात : मवई गांव से सटे दूरदराज इलाकों में लगातार खदानें संचालित हो रही हैं। यहां पर मुरम, पत्थर की खदानें हैं। सरकारी जगह से बड़े-बड़े पत्थरों को तोड़ने का काम किया जा रहा है। बड़ी मात्रा में सप्लाई करने में ठेकेदार जुटे हुए हैं। प्रशासन की सख्ती नहीं होने से पत्थरों को तोड़कर राजस्व को लाखों रुपए की क्षति पहुंचाई जा रही है।

टीकमगढ़। खुदाई करती जेसीबी मशीन। इनसेट में : खुदाई बाद बने पोखर।

मिट्टी खोदने गई थीं महिलाएं, खदान धसकने से एक को गंवानी पड़ी थी जान

कुछ समय पहले शहर से सटे मानिकपुरा गांव की तीन महिलाएं मिट्टी खोदने के लिए गांव की ही खदान पर गई हुई थीं। अचानक मिट्टी धसकने से तीनों महिलाएं मिट्टी में दब गईं। घटना में एक महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। मानिकपुरा गांव की रहने वाली लाड़ कुंवर पति पुष्पेंद्र उम्र 30, रानी पति भानसिंह राजपूत उम्र 24 वर्ष, वती पति मनीराम राजपूत उम्र 34 वर्ष तीनों महिलाएं घर में मिट्टी की छाप करने के लिए गांव में बनी खदान पर मिट्टी खोदने गई हुईं थीं। मिट्टी खोदते समय अचानक पूरी मिट्टी भरभरा गई और तीनों महिलाएं मिट्टी में ही दब गईं थीं। लाड़कुंवर ने मौके पर दम तोड़ दिया था। वहीं रानी और वती को मिट्टी से सुरक्षित निकाला गया था।

मिट्टी खोदने गई थीं महिलाएं, खदान धसकने से एक को गंवानी पड़ी थी जान

कुछ समय पहले शहर से सटे मानिकपुरा गांव की तीन महिलाएं मिट्टी खोदने के लिए गांव की ही खदान पर गई हुई थीं। अचानक मिट्टी धसकने से तीनों महिलाएं मिट्टी में दब गईं। घटना में एक महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। मानिकपुरा गांव की रहने वाली लाड़ कुंवर पति पुष्पेंद्र उम्र 30, रानी पति भानसिंह राजपूत उम्र 24 वर्ष, वती पति मनीराम राजपूत उम्र 34 वर्ष तीनों महिलाएं घर में मिट्टी की छाप करने के लिए गांव में बनी खदान पर मिट्टी खोदने गई हुईं थीं। मिट्टी खोदते समय अचानक पूरी मिट्टी भरभरा गई और तीनों महिलाएं मिट्टी में ही दब गईं थीं। लाड़कुंवर ने मौके पर दम तोड़ दिया था। वहीं रानी और वती को मिट्टी से सुरक्षित निकाला गया था।

लीज के नियम दरकिनार

शासन से ठेकेदारों को खदानों की स्वीकृति आसानी से मिल जाती है, जिससे ठेकेदार नियमों का उल्लंघन करने में पीछे नहीं हटते। बिना किसी डर के अवैध उत्खनन किया जाता है। डुमरऊ गांव में रकवा 7.112 हैक्टेयर जमीन खसरा नंबर 156 बकाया सुरक्षित जमीन डली है। अपनी लीज की जमीन छोड़कर सरकारी दो हैक्टेयर में जेसीबी मशीन से दिन-रात उत्खनन करके मुरम को बेचने का काम किया जा रहा है। डंपरों में भरकर अपने स्थानों पर खदान की मुरम को एकत्रित करके राजस्व को हानि पहुंचाई जा रही है।

करमोरा में 8 लोग दब गए थे

टीकमगढ़ के नजदीक करमोरा गांव में मिट्टी की खदान धंसने से उसमें 8 लोग दब गए थे। मिट्टी निकालने के लिए दौरान ये हादसा हुआ था। जब वे मिट्टी की खुदाई कर रही थीं, उसी दौरान ये खदान धंस गईं थी। जैसे ही हादसा हुआ अफरातफरी मच गई थी। जब तक दबे लोगों को निकाला गया तब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी थी। जबकि 4 लोग गंभीर रुप से घायल हो गए थे।

सीधी बात अमित मिश्रा, खनिज अधिकारी


- जानकारी मिलते ही मौके पर निरीक्षण करने गए थे, लेकिन वहां न मशीन मिली न कोई व्यक्ति।


- हां कुछ जगह हैं, जहां उन्होंने खुदाई कर दी है।


- उसी के आसपास मुरम की दो खदानें हैं, वे एक दूसरे की शिकायत कर रहे हैं।


- दो बार निरीक्षण कर चुके हैं। पुलिस बल मिलते ही फिर से निरीक्षण किया जाएगा।


- ऐसा नहीं है, जो ठेकेदार हैं वही कर रहे होंगे।

Tikamgarh News - arbitrary where the look was made there the mud of mud far from falling into the puddle have known many
X
Tikamgarh News - arbitrary where the look was made there the mud of mud far from falling into the puddle have known many
Tikamgarh News - arbitrary where the look was made there the mud of mud far from falling into the puddle have known many
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..