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दूषित पानी पीने से बीमार हो रही हॉस्टल की छात्राएं, 10 दिन में एक बार आता है टैंकर

Chhatarpur News - शहर के गर्ल्स हॉस्टलों के बुरे हाल हैं। हम दो हॉस्टलों की ही बात करें तो पन्ना रोड पर बाल संप्रेक्षण गृह के सामने...

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 02:36 AM IST
Chhatarpur - दूषित पानी पीने से बीमार हो रही हॉस्टल की छात्राएं, 10 दिन में एक बार आता है टैंकर
शहर के गर्ल्स हॉस्टलों के बुरे हाल हैं। हम दो हॉस्टलों की ही बात करें तो पन्ना रोड पर बाल संप्रेक्षण गृह के सामने हरिजन कन्या छात्रावास की छात्राएं दूषित पानी पीने से बीमार हो रही हैं। 7 दिन में इस छात्रावास की 10 छात्राएं जिला अस्पताल में भर्ती हो चुकी हैं। इसके अलावा पुराना पन्ना नाका स्थित पोस्ट मैट्रिक पिछड़ा वर्ग कन्या छात्रावास की 50 छात्राएं विभाग की लापरवाही के चलते पिछले 5 माह से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।

पन्ना रोड स्थित अनुसूचित छात्रावास की छात्रा किरण पिता हरिचरण अहिरवार उम्र 17 वर्ष, आकांक्षा पिता चेतराम अहिरवार उम्र 17 वर्ष सहित 10 छात्राएं बीमार होकर जिला अस्पताल के मेल सर्जिकल वार्ड में भर्ती होकर अपना इलाज करा चुकी हैं। जब यह छात्राएं बीमार हो जाती हैं तो अधीक्षिका सहपाठी छात्राओं के साथ बीमार छात्रा को इलाज कराने के लिए भेज देती हैं, खुद नहीं जाती। देर रात जब किरण अहिरवार बीमार हुई तो अधीक्षिका के स्थान पर वहां का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचा और छात्रा को वार्ड में भर्ती कराने के बाद गायब हो गया। दूसरे दिन भी अधीक्षिका नहीं पहुंची।

पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास की जर्जर बिल्डिंग

इस हॉस्टल में हैं 50 छात्राएं, यहां के बोर की मोटर बिगड़ी

पुनारा पन्ना नाका स्थित पोस्ट मैट्रिक पिछड़ा वर्ग कन्या छात्रावास में 50 छात्राएं हैं। यहां पर ट्यूबवेल है, लेकिन पंप 6 माह से खराब है। छात्राओं के इस्तेमाल के लिए नपा के टैंकर से 10 दिन में एक बार पानी सप्लाई किया जा रहा है और छात्राएं यही पानी इस्तेमाल करती हैं।

छात्रा अांचल चौरसिया, सोनम ताम्रकार, रामकली पटेल और नीतू रजक ने बताया कि नगर पालिका में कई बार फोन करो जब पानी आता है। पानी आ जाता है तो यहां पर उसे रखने के लिए टंकियां भी नहीं हैं इसलिए अपने-अपने घर से लाए बर्तनों में पानी रखते हैं। पंप पिछले 5 माह से खराब होने के कारण पुराना पानी इस्तेमाल करना पड़ रहा है। यदि बीच में पानी खत्म हो जाए तो रोड कनारे लगे हैंडपंपों पर जाते हैं।

बाथरूम पड़े हैं खराब

छात्राओं ने बताया कि पंप खराब होने के साथ ही नीचे के सभी बाथरूम पिछले एक साल से खराब हैं। जब से यह भवन बना है तब से इस भवन की न तो मरम्मत हुई है और न ही पुताई कराई गई है। छात्रावास का प्रवेश द्वार तो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसकी दीवारों से बारिश का पानी लगातार टपक रहा है।

विभाग को कई बार आवेदन दिया : अधीक्षिका भारती गौतम का कहना है कि पांच माह से खराब पड़े पंप को ठीक कराने के लिए विभाग को आवेदन दिए पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा छात्राओं की समस्यओं का बार-बार लिखित आवेदन देने पर विभाग ने मुझे यहां से हटाकर दूसरी अधीक्षिका का आदेश कर दिया है।

मरम्मत का बजट हो गया था लैप्स

अल्पसंख्यक पिछड़ा वर्ग अधिकारी नारायण सिंह का कहना है कि पिछड़ा वर्ग छात्रावास की सही देखभाल न करने पर अधीक्षिका काे हटा दिया गया है। पिछले सत्र में इस भवन की मरम्मत के लिए 1.33 लाख रुपए का बजट पास हुआ पर विभाग के बाबू की गलती से वह वापस चला गया। फिर से भवन की मरम्मत सहित पंप ठीक कराने का प्रस्ताव बनवाया गया है। छात्राओं के बीमार होने की सूचना मिलने पर विभाग ने मुआयना किया है। अब वहां पर सभी छात्राएं ठीक हैं।

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