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प्रशासन और परिवहन विभाग नहीं दे रहा ध्यान, हजार रुपए प्रतिदिन पर किराए से चल रहे वाहन

शादी विवाह के सीजन शुरू होते ही वाहन मालिकों को चांदी होने लगती है। रोडवेज के नाम पर सवारियों से हजारों रूपए का...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:30 AM IST

प्रशासन और परिवहन विभाग नहीं दे रहा ध्यान, हजार रुपए प्रतिदिन पर किराए से चल रहे वाहन
शादी विवाह के सीजन शुरू होते ही वाहन मालिकों को चांदी होने लगती है। रोडवेज के नाम पर सवारियों से हजारों रूपए का शुल्क लिया जाता है, लेकिन मालिक परिवहन विभाग को राजस्व की हानि पहुंचा रहे है। इसके बाद भी परिवहन विभाग ऐसे वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता।

नगरीय सीमा में करीब सैकड़ों चार पहिया लग्जरी वाहन बिना टैक्सी कोटे की अनुमति प्राप्त खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं। यहां पुलिस थाने के सामने, हाईवे किनारे, अस्पताल चौराहा, नया बस स्टैंड के पास, तहसील के सामने सुबह से ही खड़े देखे हो जाते है। इनमें अधिकांश वाहन निजी कोटे के हैं। यह वाहन हजार रुपए प्रतिदिन के किराए के मान से चलाए जा रहे हैं, जबकि परिवहन विभाग से इन वाहन मालिकों द्वारा वाहनों को टैक्सी के रूप में पास नहीं कराया गया है। इसके बावजूद भी नगर से सैकड़ों की संख्या में निजी लग्जरी वाहन सवारी पार्टियों को एक प्रांत से दूसरे प्रांत तक सफर कराते हैं, लेकिन वाहन को टैक्सी के रूप में रजिस्ट्रेशन नहीं कराते। इससे शासन को प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए राजस्व की चपत लग रही है। परिवहन विभाग या स्थानीय प्रशासन इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

इसका कारण यह है कि टैक्सी के रूप में पास कराने पर भारी भरकम टैक्स विभाग को चुकाना पड़ता है। इससे बचने के लिए निजी वाहन मालिक वाहनों को पार्टियों पर चलाने वाले गाड़ी मालिकों द्वारा सांठ-गांठ कर परिवहन विभाग के साथ-साथ शासन के खजाने को भी भारी राजस्व की हानि पहुंचा रहे हैं। विभाग की मानंे तो निजी लग्जरी गाड़ियों की चेकिंग करना संवेदनशील मामला है, क्योंकि वाहन चालक पार्टी ले जाते समय उन यात्रियों को समझा देते हैं कि रास्ते में यदि कोई पुलिस या परिवहन विभाग का अमला वाहन रोकता है या चैक करता है तो उनसे क्या कहना है।

निजी वाहनों के कारण होता है यातायात

प्रभावित, बनती है जाम की स्थिति

नगर के बीचों बीच बने हाइवे पर अक्सर वाहन खड़े लेते है। जिससे झांसी रोड, छतरपुर रोड, अस्पताल चौराहा, पुराना बस स्टैंड एवं तहसील परिसर के सामने सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में यह निजी वाहन आकर खड़े हो जाते हैं जिनसे हाईवे पर यातायात प्रभावित होता है। और कई बार हाईवे पर जाम की स्थिति भी निर्मित हो जाती है। इसके बावजूद भी स्थानीय प्रशासन इन निजी वाहनों जो बिना टैक्सी परमिट के किराए पर चलते हैं और मैन रोड पर वाहनों को खड़े करके टैक्सी स्टैंड बनाए हुए है।

घरेलू सवारी की आड़ में बिना टैक्सी परमिट के दौड़ रहे वाहन : नगर में चार पहिया वाहन बिना टैक्सी परमिट के संवारियां ढो रहे हैं। लेकिन जब इनसे पूछताछ की जाती है तो यह बहाना बना देते हैं कि गाड़ी में घर की संवारियां ही बैठीं हुई है। इन वाहनो में रोजाना भोपाल, इंदौर, जबलपुर, झांसी छतरपुर, ललितपुर सहित अन्य स्थानों पर जाने के लिए सवारियां यात्रा करती है। लेकिन अधिकांश वाहन ऐसे हैं जिनका टैक्सी परमिट नहीं है। नगर में दो दर्जन से अधिक निजी लग्जरी चार पहिया वाहन सवारियों को लाने ले जाने का काम कर रहे हैं, जिनका टैक्सी परमिट नहीं है। फिर भी वह टैक्सी के रूप में सवारी वाहन बनकर राजस्व की हानि कर रहे हैं।

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