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जलसंरक्षण के लिए कार्य करने पर सौरभ भटनागर का सीएम ने किया सम्मान

जल संसद में प्रदेश के 313 विकासखंडों में उपलब्ध नदियों के संरक्षण संवर्धन पर चिंतन मंथन किया गया। जिसमें बिजावर...

Dainik Bhaskar

May 03, 2018, 02:30 AM IST
जलसंरक्षण के लिए कार्य करने पर सौरभ भटनागर का सीएम ने किया सम्मान
जल संसद में प्रदेश के 313 विकासखंडों में उपलब्ध नदियों के संरक्षण संवर्धन पर चिंतन मंथन किया गया। जिसमें बिजावर विकासखंड की श्यामरी नदी के पुनर्जीवन और उपयोगिता सुनिश्चित करने नदी प्रेरक ने अपना विचार प्रस्तुत किया। इस मौके पर गौ-आधारित समग्र ग्राम विकास के तहत जल संरक्षण की दिशा में काम करने वाले स्वयंसेवी सौरभ भटनागर का सम्मान प्रदेश के चार सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किया गया है।

बीते रोज सीहोर जिले के ईटखेडी छाप गांव में जल संसद 2018 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गिरते हुए भूजल स्तर पर चिंता व्यक्त कर जन भागीदारी से महा-अभियान चलाने का आव्हान किया ।

उन्होंने 500 करोड़ की लागत से नए तालाब बनाने तथा प्रदेश में 15 जुलाई से पौधरोपण कराने एवं वर्षा जल को रोकने के लिए सोख्ता पिट, चैक डेम, बोरी बंधान , पुराने तालाबों का रख्ररखाव करने समाज और शासन की भूमिका पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने मप्र जन अभियान परिषद द्वारा 313 विकासखंडों में नदियों के गहरीकरण के लिए शुरू किए गए श्रमदान के लिए प्रशंसा करते हुए 4 जिलों में जल संरक्षण संवर्धन के लिए श्रेष्ठ कार्य करने वाले स्वयंसेवियों का सम्मान भी किया। जिसमें छतरपुर जिले के बिजावर विकासखंड में सामाजिक कार्यकर्ता सौरभ भटनागर द्वारा गुलाट क्षेत्र में सोख्ता पिट, बोरी बंधान, परक्यूलेशन टैंक और बड़ागांव से उदगम हुई श्यामरी नदी के संरक्षण संवर्धन पर किए गए कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

औषधीय गुणों से युक्त है श्यामरी नदी का पानी

सौरभ ने बताया कि श्यामरी नदी से लुहरपुरा, खैराकलां , देवरा गांव के कुछ हिस्सों के किसानों को लाभ मिलता है तो बड़ागांव इस नदी से लाभ लेने पीछे है। जटाशंकर धाम में श्यामरी नदी के जल का अदभुत लाभ लाखों दर्शनार्थियों को मिलता है। पहाड़ों से बहकर जड़ी-बूटी युक्त जल कई गंभीर बीमारियों को दूर करने में कारगार सिद्ध हुआ है।

जल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने पर सौरभ भटनागर हुए सम्मानित।

नदी का सर्वे कार्य किया गया

सौरभ ने बताया कि श्यामरी नदी बड़ागांव से निकलकर पहाड़ी क्षेत्र में बहती है जिसका अधिकांश जल कृषि और पेयजल के लिए उपयोग नहीं हो पाता क्योंकि यह जमीन के अंदर ही अंदर बहती है। जिसकी उपयोगिता सुनिश्चित करने के लिए शासन और समाज मिलकर काम करेगा तो क्षेत्र में खेती पेयजल समस्या का समाधान स्थानीय स्तर पर हो जाएगा। फिलहाल जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक आशीष ताम्रकार के निर्देशन में श्यामदी नदी का सर्वे कार्य किया गया है तथा यहां जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारी और स्वयंसेवी श्रमदान कर गहरीकरण कार्य प्रारंभ कर चुके हैं जो वारिश के पहले लगातार 2 माह तक चलेगा।

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