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खेती को लाभ का धंधा बनाने विशेषज्ञों ने दी जानकारी

बीते 14 अप्रैल से 5 मई तक चल रहे ग्राम स्वराज अभियान के तहत किसान कल्याण (आत्मा) और कृषि विकास विभाग छतरपुर के...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:30 AM IST

खेती को लाभ का धंधा बनाने विशेषज्ञों ने दी जानकारी
बीते 14 अप्रैल से 5 मई तक चल रहे ग्राम स्वराज अभियान के तहत किसान कल्याण (आत्मा) और कृषि विकास विभाग छतरपुर के तत्वावधान में टूंड़ेवार मंदिर परिसर में किसान कल्याण कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें विकासखंड क्षेत्र से आए कृषक मित्रों एवं कृषकों को कृषि को लाभ का धंधा कैसे बनाएं, इस विषय पर कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने जानकारी दी। साथ ही सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी व लाभ लेने के तौर तरीके समझाए।

विकासखंड वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी एसपी त्रिपाठी ने कृषि विभाग द्वारा कृषकों के लिए किए जा रहे कार्यों को बताते हुए कहा कि अभी कृषक खेतों में जो उर्वरक डालते हैं वह असंतुलित होता है। जिस कारण खेती की लागत अधिक आ रही है जबकि उत्पादन कम मिल रहा है, साथ ही भूमि भी बंजर होने की ओर जा रही है। उन्होंने कृषकों को सलाह देते हुए कहा कि बेहतर उत्पादन के लिए अपने खेत की मिट्टी का परीक्षण कराएं और परीक्षण के बाद अनुशंसित उर्वरक ही खेत में डालें। उच्च गुणवत्ता युक्त हाइब्रिड व मानक स्तर का बीज ही उपयोग करें।

उन्होंने कहा कि किसान रासायनिक उर्वरक व दवाइयों के बजाय जैविक खाद का उपयोग करें। इससे जमीन में फसल उत्पादन के लिए आवश्यक तत्व के साथ उर्वरा शक्ति बनी रहे। उन्होंने बताया कि मिट्टी परीक्षण की जांच निशुल्क है और विकासखंड मुख्यालय पर यह सुविधा शीघ्र ही उपलब्ध हो जाएगी। अब किसानों को कृषि यंत्रों के अनुदान के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। एमपी ऑनलाइन पर अपना रजिस्ट्रेशन करा कर वहीं आवेदन करें। विभाग से स्वीकृति मिलते ही कहीं से भी किसान कृषि यंत्र खरीद सकता है तथा अनुदान की राशि उसके खाते में एक सप्ताह के अंदर आ जाएगी। उद्यानिकी विभाग के मुनीश शर्मा ने खेती को लाभ के धंधे में परिवर्तित करने के लिए किसानों को परंपरागत खेती के साथ उद्यानिकी खेती करने की सलाह दी। फलदार, फूलदार, इमारती पौधे लगाने की जानकारी देते हुए बताया कि सब्जी क्षेत्र विस्तार योजना के तहत प्रत्येक किसान को एक हेक्टेयर पर 10 हजार तक का अनुदान दिया जा रहा है। सब्जी व फूलों की खेती से रोज आमदनी होती है।

ग्राम स्वराज अभियान के तहत किसान कल्याण व कृषि विकास के तत्वावधान में चल रही किसान कार्यशाला

बड़ामलहरा। किसान कार्यशाला में उन्नत कृषकों का हुआ सम्मान।

मुनगा को भी कृषि की श्रेणी में शामिल किया गया है

मसाले की फसलों के साथ-साथ उन्होंने बताया कि मुनगा का पौधरोपण भी अब कृषि की श्रेणी में शामिल किया गया है। मुनगा के उत्पादों की सरकार ने मार्केटिंग की भी व्यवस्था की है। इसकी खेती कर एक एकड़ से एक लाख तक कमाया जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने सिंचाई के लिए टपक योजना, स्प्रिंकलर योजना और इसमें सरकार द्वारा दिए जाने वाले अनुदान की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद सांसद प्रतिनिधि सुनील मिश्रा ने भी उद्बोधन दिया। विशिष्ठ अतिथि के रूप जीत सिंह यादव मौजूद रहे।

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