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नगर रक्षा समिति सदस्यों को मिलेगा यूनिक नंबर

पुलिस के सहयोगी के रूप में जनसेवा करने वाले नगर रक्षा समिति के सदस्यों के सदस्यता फाॅर्म इस बार ऑनलाइन भरे जा रहे...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 02:26 AM IST
पुलिस के सहयोगी के रूप में जनसेवा करने वाले नगर रक्षा समिति के सदस्यों के सदस्यता फाॅर्म इस बार ऑनलाइन भरे जा रहे हैं। ऑनलाइन फाॅर्म के साथ उन्हें पुलिसकर्मियों की तरह शासन से यूनिक नंबर भी दिया जाएगा। हर सदस्य का प्रदेशभर में यही एक नंबर होगा।

गाैरतलब है कि पहले ऑफलाइन फाॅर्म भरने से नगर रक्षा समिति के सदस्य कई शहर या कई जगह फाॅर्म भर देते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब एक व्यक्ति एक ही जगह नगर रक्षा समिति का सदस्य होगा। ऑनलाइन सदस्यता करने के बाद गृह विभाग की ओर से उसे पुलिसकर्मियों की तरह एक नंबर दिया जाएगा, यही नंबर नगर रक्षा समिति कर्मी की पहचान होगा।

पुलिसकर्मियों की तर्ज पर एक सदस्य प्रदेश में एक ही जगह रहेगा, ट्रेनिंग और ड्यूटी करने पर मिलेगा बजट

वेरीफिकेशन के बाद नंबर मिलेगा

ऑनलाइन आवेदन के बाद इनकी वेरीफिकेशन किया जाएगा फिर इनको ऑनलाइन नंबर अलॉट कर दिया जाएगा। इसके बाद वर्दी, सीटी और डंडा उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा ड्यूटी करने पर 50 रुपए और नाश्ते के लिए 15 रुपए की राशि दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जैसे विभाग से आदेश आते हैं उसी के हिसाब से काम करेंगे। विभाग अगर ऑनलाइन फॉर्म जमा करने के लिए निर्देशित करेगा तो उसी के हिसाब से ऑनलाइन फॉर्म भरवाए जाएंगे।

वेरीफिकेशन के बाद नंबर मिलेगा

ऑनलाइन आवेदन के बाद इनकी वेरीफिकेशन किया जाएगा फिर इनको ऑनलाइन नंबर अलॉट कर दिया जाएगा। इसके बाद वर्दी, सीटी और डंडा उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा ड्यूटी करने पर 50 रुपए और नाश्ते के लिए 15 रुपए की राशि दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जैसे विभाग से आदेश आते हैं उसी के हिसाब से काम करेंगे। विभाग अगर ऑनलाइन फॉर्म जमा करने के लिए निर्देशित करेगा तो उसी के हिसाब से ऑनलाइन फॉर्म भरवाए जाएंगे।

दिसंबर में होगा प्रशिक्षण

सदस्य बनने के बाद नगर रक्षा समिति के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। अक्टूबर में नंबर मिलने के बाद समिति के सदस्यों को पुलिस लाइन में दिसंबर में एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान समिति के सदस्यों को पुलिस की कार्यप्रणाली, रायफल, पिस्टल और डंडे सहित अन्य हथियारों के बारे में जानकारी देकर उन्हें चलाना सिखाया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस की कार्यप्रणाली का व्यवहारिक तौर-तरीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी।