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रेत निकालने मोड़ दी केन नदी की धारा, खनिज अफसरों को जानकारी पर नहीं जुटा पा रहे कार्रवाई की हिम्मत

Chhatarpur News - केन नदी में चल रहा अवैध रेत उत्खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। परेई गांव में रेत उत्खनन कारियों के हौसले इतने बुलंद...

Dec 08, 2019, 09:02 AM IST
Chhatarpur News - mp news drain of draining the river of cane river mineral officers dare not take action on information
केन नदी में चल रहा अवैध रेत उत्खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। परेई गांव में रेत उत्खनन कारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने नदी में बंधान बनाकर पानी के बहाव की धारा को ही बदल दिया है। पानी के बहाव की धारा बदलकर अब नदी के बीचों-बीच से रेत का उत्खनन किया जा रहा है। मजे की बात यह है कि ग्रामीणों ने खनिज विभाग को जानकारी दी है। अधिकारी मौके पर होकर भी आए हैं। पर इस अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

बांदा जिले की सीमा पर स्थित गौरिहार जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत परेई, रामपुर घाट, बरुआ और सिंग्रामपुर पंचायत में जमकर अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है। यहां से आसानी से रेत निकालकर हर दिन सैकड़ों ट्रक अवैध रूप से उत्तरप्रदेश भेजे जा रहे हैं। रेत का यह खेल विधायकों के संरक्षण में बनाया गया सिंडीकेट संचालित कर रहा है। परेई के सूती पत्थर घाट पर नदी की धारा प्रवाह को बदलकर नदी के बीच से ही सैकड़ों ट्रक रेत निकाली जा रही है।

गांव के लोगों ने बताया कि वे खनिज अधिकारियों को शिकायतें कर चुके हैं। खनिज विभाग के इंस्पेक्टर खदान का निरीक्षण भी कर चुके हैं, पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। बड़ी संख्या में ट्रक निकलने से किसानों की फसलें चौपट हो रही हैं। किसानों का कहना है कि उनके खेतों से ट्रक निकलने के कारण खेत बंजर पड़े हुए हैं। उत्खननकारी किसानाें को डराते धमकाते हैं। दहशत का अालम यह है कि एक भी ग्रामीण खुलकर विराेध करने काे तैयार नहीं है।

बरुआ पंचायत में जगह-जगह बनाईं खदानें : बरुआ पंचायत में जहां पर भी रेत दिख रही है। सिंडीकेट के संरक्षण में काराेबारी अपनी मशीनें उतार रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में बरुआ पंचायत में करीब 8 जगह से रेत निकाली जा रही है। इनमें नदी के घाट अाैर निजी खेत शामिल हैं। इनमें से किसी भी स्थान से खनन की वैध स्वीकृति नहीं है। काराेबारी किसानों को पैसों का लालच देकर और डरा धमकाकर रेत का उत्खनन कर रहे हैं।

बांदा सड़क में हमेशा लगा रहता है जाम

परेई और बरुआ से लेकर बांदा तक ट्रकों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। सड़क में सिर्फ धूल और मिट्टी के सिवा कुछ नजर नहीं आता है। सड़क से उठने वाली धूल के कहर से दो तीन किलोमीटर तक फसलें जमींन से निकलने से पहले ही नष्ट हो रही हैं, लेकिन अवैध खनन से प्राप्त होने वाली मलाई के आगे किसी का ध्यान गरीब किसान की नष्ट होने वाली फसलों की तरफ नहीं है। बेबस किसान अपनी फसलों की बर्बादी से परेशान है पर उनकी सुनने वाला काेई नहीं है।

भास्कर संवाददाता | छतरपुर

केन नदी में चल रहा अवैध रेत उत्खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। परेई गांव में रेत उत्खनन कारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने नदी में बंधान बनाकर पानी के बहाव की धारा को ही बदल दिया है। पानी के बहाव की धारा बदलकर अब नदी के बीचों-बीच से रेत का उत्खनन किया जा रहा है। मजे की बात यह है कि ग्रामीणों ने खनिज विभाग को जानकारी दी है। अधिकारी मौके पर होकर भी आए हैं। पर इस अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

बांदा जिले की सीमा पर स्थित गौरिहार जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत परेई, रामपुर घाट, बरुआ और सिंग्रामपुर पंचायत में जमकर अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है। यहां से आसानी से रेत निकालकर हर दिन सैकड़ों ट्रक अवैध रूप से उत्तरप्रदेश भेजे जा रहे हैं। रेत का यह खेल विधायकों के संरक्षण में बनाया गया सिंडीकेट संचालित कर रहा है। परेई के सूती पत्थर घाट पर नदी की धारा प्रवाह को बदलकर नदी के बीच से ही सैकड़ों ट्रक रेत निकाली जा रही है।

गांव के लोगों ने बताया कि वे खनिज अधिकारियों को शिकायतें कर चुके हैं। खनिज विभाग के इंस्पेक्टर खदान का निरीक्षण भी कर चुके हैं, पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। बड़ी संख्या में ट्रक निकलने से किसानों की फसलें चौपट हो रही हैं। किसानों का कहना है कि उनके खेतों से ट्रक निकलने के कारण खेत बंजर पड़े हुए हैं। उत्खननकारी किसानाें को डराते धमकाते हैं। दहशत का अालम यह है कि एक भी ग्रामीण खुलकर विराेध करने काे तैयार नहीं है।

बरुआ पंचायत में जगह-जगह बनाईं खदानें : बरुआ पंचायत में जहां पर भी रेत दिख रही है। सिंडीकेट के संरक्षण में काराेबारी अपनी मशीनें उतार रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में बरुआ पंचायत में करीब 8 जगह से रेत निकाली जा रही है। इनमें नदी के घाट अाैर निजी खेत शामिल हैं। इनमें से किसी भी स्थान से खनन की वैध स्वीकृति नहीं है। काराेबारी किसानों को पैसों का लालच देकर और डरा धमकाकर रेत का उत्खनन कर रहे हैं।

सीधी बात

अमित मिश्रा, जिला खनिज अधिकारी

इंस्पेक्टर गए हाेंगे पर मुझे नहीं बताया


- मुझे अब तक जानकारी नहीं थी, हम दिखवाते हैं।


- मेरी किसी ग्रामीण से बात नहीं हुई। इंस्पेक्टर गए हाेंगे पर उन्हाेंने मुझे नहीं बताया।


- हमने पहले कई मशीनें पकड़ी हैं, अापने सूचना दी है, परेइ में भी जल्द कार्रवाई करेंगे।

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