- Hindi News
- National
- Chhatarpur News Mp News Fashion Designing Music And Power Yoga Will Be Taught In Bal Sabha
बालसभा में सिखाएंगे फैशन डिजाइनिंग, म्यूजिक और पावर योगा
सर्वशिक्षा अभियान के तहत सभी सरकारी प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में यूथ एंड ईको क्लब का गठन किया जाएगा। जिसके माध्यम से छात्र-छात्राओं में पढ़ाई के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, आर्ट एंड क्राफ्ट, फैशन डिजाइनिंग, वाद-विवाद, म्यूजिक, खेलकूद, पावर योगा, वालीबॉल व फुटबॉल आदि सहित अन्य गतिविधियों कराई जाएंगी। छात्रों में सीखने-सिखाने एवं अच्छे अंक व ग्रेड के साथ पॉजीटिव रिजल्ट भी मिलेगा और पढ़ाई का दबाव भी नहीं पड़ेगा। साथ ही स्कूलों में नामांकन में भी सकारात्मक होगा। बच्चों में जीवन जीने का कौशल, आत्म सम्मान एवं आत्मविश्वास पैदा होगा।
बच्चों में तनाव, भय एवं संकोच जैसी प्रवृत्तियां दूर होंगी। इन्हीं उद्देश्य को ध्यान में रखकर क्लब के प्रभारी संचालन के लिए हर विकासखंड में चयनित स्कूलों का चयन किया जाना है। राज्य शिक्षा केंद्र का मानना है कि औद्योगिक क्रांति के काल में मनुष्य ने प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन किया है। जिसका सीधा असर पर्यावरण पर पड़ा है। प्राकृतिक संपदाओं का विलुप्त होना, ऑर्गेनिक अनाज की पैदावार कम होना, पानी की कमी, जंगल व मिट्टी के क्षरण से जैव विविधता का विनाश होना, वायु व जल प्रदूषण से जीवों के स्वास्थ्य को खतरा मुख्य है। स्कूलों में गठित यह क्लब जागरूकता पैदा करने, छात्रों को वास्तविकता, जीवन में कार्य करने का एक अवसर प्रदान करेगा। डीपीसी आरपी लखेर ने बताया कि यह गतिविधियां बालसभा के दौरान छात्रों को सिखाई जाएंगी। यह कार्यक्रम गांधी जयंती से शुरू हुआ था, जो 2 अक्टूबर 21 तक चलेगा।
क्लब गठन में शाला सिद्धि चैंपियन वाले स्कूलों को प्राथमिकता : यूथ एवं ईको क्लब का गठन करने के लिए हर विकासखंड में 13 स्कूलों को इस योजना में शामिल किया जाना है। कक्षा 1 से 8 तक की ईपीईएस शालाओं के चयन में शाला सिद्धि चैंपियन वाले स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी।
{ आर्ट एवं क्राफ्ट - संगीत, नृत्य, ड्रामा, लोक कलाएं, क्राफ्ट में ड्राइंग, ऑरीगैमी (कागज मोड़कर चिड़िया आदि बनाना), पेंटिंग, मुखौटे, लिफाफे आदि बनवाना।
{ खेल व स्वास्थ्य - बास्केटबॉल व बैडमिंटन के लिए नेट की व्यवस्था, मार्शल आट्र, जूडो-कराटे, स्पोर्ट्स कैंप का आयोजन आदि।
{ फैश डिजाइनिंग - कपड़ों की डिजाइनिंग। शाला/घर में वाटिका - गार्डनिंग कराना, उसमें औषधीय पौधों की पहचान, जैविक खाद के प्रति जागरुकता।
{ व्यक्तित्व विकास - नेतृत्व का गुण, परस्पर संवार का कौशल, तनाव प्रबंधन, भाषण कौशल विकास।
{ कंप्यूटर - कंप्यूटर कौशल विकसित करना, रोबोटिक्स, कैलीग्राफी आदि।
{ पर्यावरण जागरूकता : पर्यावरण संरक्षण को लिए उन्मुखीकरण कार्यक्रम जैसे संगोष्ठी, क्विज, वाद-विवाद, चित्रकला, औषधीय पौधों की पहचान व महत्व, स्कूलों को पॉलीथिन मुक्त बनाना व जैविक खाद बनवाना। बिन पानी सब सून - पानी की बर्बादी रोकना, दैनिक क्रिया-कलापों में जल के उपयोग का मापन करना अादि।
ईको क्लब में ये सुझावात्मक गतिविधियां शामिल रहेंगी