नामांतरण मामले खारिज किए जाने से वकील नाराज, हड़ताल की चेतावनी
पिछले दिनों तहसीलदार ने न्यायालय में चल रहे 100 से अधिक नामांतरण कर दिए थे खारिज
छतरपुर तहसील अधिवक्ता संघ ने शनिवार को तहसील न्यायालय का बहिष्कार करते हुए जिला प्रशासन सहित जनप्रतिनिधियों को आवेदन देते हुए छतरपुर तहसीलदार को हटाने की मांग की। इस दौरान उन्होंने तहसीलदार पर 100 से अधिक नामांतरण बिना कराण के खारिज करने की बात कहते हुए उन्हों यहां से हटाने की मांग उठाई। कार्रवाई न होने पर अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी प्रशासन को दी है।
तहसील अधिवक्ता संघ अध्यक्ष यूनुस खान ने बताया कि छतरपुर तहसीलदार लाखन सिंह चौधरी द्वारा बिना सोचे समझे कई नामांतरण खारिज कर दिए गए हैं। जब यहां के अधिवक्ताओं ने इस पर आपत्ति उठाई तो तहसीलदार ने कहा कि तुम लोगों के खिलाफ एफआईआर करवा देंगे और जेल पहुंचा देंगे। इस तरह को धमकी तहसीलदार द्वारा दी गई और न्यायालय में विचाराधीन कई प्रकरणों को बिना सोचे समझे खारिज कर दिया गया। जिसको लेकर तहसील अधिवक्ता संघ एकत्रित होकर जनप्रतिनिधियों के पास अपनी बात रखने पहुंचे। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों को पत्र द्वारा पूरे मामले से अवगत कराया जाएगा और कलेक्टर से तहसीलदार को हटवाने की मांग की जाएगी। यदि तहसीलदार को नहीं हटाया जाता है तो अनिश्चितकालीन हड़ताल करते हुए न्यायालय का बहिष्कार किया जाएगा। अध्यक्ष ने बताया कि तहसील कार्यालय में इन दिनों भर्राशाही मची हुई है, जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों को ध्यान देना होगा।