आदमपुर छावनी में कचरे से बिजली के लिए नगर निगम तलाशेगा नए विकल्प

Chhatarpur News - कंपनी ने वर्ष 2016 में 23 करोड़ की बैंक गारंटी दी है। तीन सालों में सड़क, बाउंड्रीवॉल और अन्य कार्यों के लिए कंपनी, निगम को...

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 07:41 AM IST
DEREE News - mp news municipal corporation will explore new options for waste to electricity in adampur cantonment
कंपनी ने वर्ष 2016 में 23 करोड़ की बैंक गारंटी दी है। तीन सालों में सड़क, बाउंड्रीवॉल और अन्य कार्यों के लिए कंपनी, निगम को 10 करोड़ के बिल दे चुकी है। हालांकि कंपनी का दावा है कि वह 20 करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर चुकी है। समय पर पीपीए नहीं किए जाने के आधार पर कंपनी 23 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी की वापसी के साथ ही अब तक हुए निवेश का भुगतान भी करने की मांग करेगी। नगरीय आवास एवं विकास विभाग के अधिकारी बताते हैं कि इस पर अंतिम फैसला विभाग के आयुक्त करेंगे।

दो बड़ी अड़चनों से आगे नहीं बढ़ सका प्रोजेक्ट

पहली- अनुबंध के बाद बदल गए स्वच्छ भारत मिशन के मापदंड

नगर निगम ने 2016 में आदमपुर छावनी में कचरे से बिजली बनाने के लिए मुंबई की एस्सेल इंफ्रा से अनुबंध किया था। दिसंबर 2017 से आदमपुर छावनी में कचरा इस उम्मीद के साथ डम्प किया गया था कि अगले कुछ दिनों में कचरे से बिजली बनना शुरू हो जाएगी। उस समय कचरे के सेग्रीगेशन का प्रावधान नहीं था। यह प्रोजेक्ट भी मिक्स कचरे की टेक्नालॉजी पर बनाया गया था। लेकिन अब स्वच्छ भारत मिशन के मापदंडों के तहत सेग्रीगेशन जरूरी हो गया है। ऐसे में टेक्नालॉजी भी बदलना होगी।

हम तलाश रहे हैं िवकल्प

Ãएस्सेल इंफ्रा के साथ हुई बैठक में यह स्पष्ट हो गया है कि अब कंपनी इस प्रोजेक्ट को नहीं करेगी। हम नए विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। प्रोजेक्ट क्लोज करने के साथ ही बैंक गारंटी आदि का भी हिसाब किया जाएगा। बी विजय दत्ता, कमिश्नर, नगर निगम

दूसरी- 40 फीसदी सब्सिडी के कारण पीपीए में देरी, अब कंपनी राजी नहीं

पावर पर्चेज एग्रीमेंट (पीपीए) के अनुसार निगम, कंपनी को 465.76 करोड़ की 40 प्रतिशत राशि लौटाएगा। बिड डॉक्यूमेंट में बिजली की दर 6.39 रुपए यूनिट बताई गई है। मप्र विद्युत नियामक आयोग ने बिजली के लिए टैरिफ 6.39 रुपए यूनिट ही तय किया है, लेकिन उसमें स्पष्ट कहा गया है कि इस दर में सब्सिडी को शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में पावर मैनेजमेंट कंपनी इस दर पर अनुबंध करने को राजी नहीं हुई और कंपनी कम दर पर राजी नहीं हो रही थी। नगर निगम ने कंपनी को बताया कि अब राज्य सरकार 6.39 रुपए प्रति यूनिट पर बिजली लेने पर राजी हो गई है।

कंपनी का दावा- हमने 20 करोड़ खर्च िकए, 10 करोड़ के बिल भी निगम को दिए

कंपनी बोर्ड करेगा अंतिम निर्णय

à नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक हुई है। उन्होंने पीपीए के बारे में जानकारी दी है। अब प्रोजेक्ट को करने के बारे में अंतिम निर्णय कंपनी का बोर्ड करेगा। हमने मुख्यालय के उच्च अधिकारियों को जानकारी दे दी है। नारायण राव, प्रोजेक्ट मैनेजर, एस्सेल इंफ्रा

X
DEREE News - mp news municipal corporation will explore new options for waste to electricity in adampur cantonment
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना