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नवीन मान्यता : 81 में से 68 स्कूलों ने पूरी नहीं की थीं शर्तें, अब तक जांच नहीं, फिर आए आवेदन

एक वर्ष पहले
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छतरपुर जिले में संचालित स्कूल संचालकों ने शैक्षणिक सत्र 2019- 20 में मान्यता नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। शिक्षा विभाग द्वारा आवेदन पत्रों की जांच करते हुए दस्तावेजों में कमी पाए जाने पर 68 स्कूलों को 3 साल की सशर्त मान्यता दी गई थी। अब यह सत्र बीतने को है लेकिन इन 81 में से 13 स्कूलों को छोड़कर किसी ने भी निर्धारित नियम व शर्तें पूरी नहीं कीं और विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते बेखौफ होकर पूरे साल स्कूल संचालित कर नौनिहाल के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते रहे हैं। वहीं शिक्षा विभाग भी स्कूलों को सशर्त मान्यता देकर नियमों का पालन कराना भूल गया। नियमों का पालन न करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इन स्कूलों की जांच पूरी नहीं की गई और अब नए शैक्षिक सत्र के स्कूल संचालकों से ऑनलाइन आवेदन मंगा लिए गए। जिससे शिक्षा विभाग की पूरी कार्यप्रणाली विवादों के घेरे में नजर आ रही है।

जानकारी के मुताबिक छतरपुर जिले में स्कूल संचालन एवं नवीनीकरण के लिए जिले भर से 81 स्कूल संचालकों में से केवल 13 ने शर्तें पूरी कीं, वहीं 68 स्कूल संचालकों के दस्तावेज में कमी होने पर 3 वर्ष के लिए सशर्त मान्यता दे दी थी। सत्र समाप्त होने में कुछ ही दिन शेष बचे हैं लेकिन शिक्षा विभाग इनकी जांच करना और कार्रवाई करना भूल गया। जबकि नए सत्र के लिए मान्यता बावत ऑनलाइन आवेदन मंगा लिए गए। यह सभी 68 स्कूल संचालक धड़ल्ले से बेखौफ होकर स्कूल संचालन कर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इन बच्चों की चिंता न तो स्कूल संचालकों को है और न ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों को।

इन स्कूलों को मिली थी सशर्त मान्यता

मॉडर्न इंग्लिश स्कूल नौगांव, जीबीएमपी स्कूल नौगांव, आरएस मॉडर्न स्कूल नौगांव, डॉ. इकबाल मेमोरियल कान्वेंट स्कूल नौगांव, तक्षशिला सीनियर सेकेंडरी स्कूल दौरिया, डिलाइट इंग्लिश स्कूल नौगांव, चाचा नेहरु हाई स्कूल नौगांव, सरस्वती ज्ञान मंदिर हाई स्कूल नौगांव, सनराइज इंटरनेशनल स्कूल नौगांव, सरस्वती विद्या मंदिर नौगांव , पीआर शिक्षा निकेतन नौगांव, सरस्वती ज्ञान मंदिर मिडिल स्कूल नौगांव, तक्षशिला हायर सेकंडरी स्कूल नौगांव, शिक्षा द एजुकेशन मिडिल स्कूल, महर्षि विधा मंदिर नौगांव, उज्जैनी स्टडीमेट अकादमी नौगांव , डॉ राधा कृष्णन मेमोरियल पब्लिक स्कूल नौगांव, मांटेसरी विद्या मंदिर नौगांव, आर एस हायर सेकंडरी स्कूल नौगांव, राधे श्याम मेमोरियल पब्लिक स्कूल नौगांव , चंद्रशेखर आजाद हायर सेकंडरी स्कूल नौगांव, मां सरस्वती ज्ञान मंदिर हाई स्कूल नौगांव, सरस्वती शिक्षा निकेतन महाराजपुर , सरस्वती शिशु मंदिर महाराजपुर, स्वास्तिक इंग्लिश स्कूल महाराजपुर सहित नौगांव ब्लाक के नौगांव, हरपालपुर, महाराजपुर, गढ़ीमलहरा सहित शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में 68 स्कूल ऐसे हैं जिन्हें शिक्षा विभाग सशर्त मान्यता देकर नियमों का पालन कराना भूल गया है।

नवीनीकरण के लिए जिले भर से 81 स्कूल संचालकों में से केवल 13 ने शर्तें पूरी कीं, वहीं 68 स्कूल संचालकों के दस्तावेज में कमी होने पर 3 वर्ष के लिए सशर्त मान्यता दे दी थी। सत्र समाप्त होने में कुछ ही दिन शेष बचे हैं लेकिन शिक्षा विभाग इनकी जांच करना और कार्रवाई करना भूल गया। जबकि नए सत्र के लिए मान्यता बावत ऑनलाइन आवेदन मंगा लिए गए। यह सभी 68 स्कूल संचालक धड़ल्ले से बेखौफ होकर स्कूल संचालन कर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इन बच्चों की चिंता न तो स्कूल संचालकों को है और न ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों को।


क्या है नियम एवं मापदंड

स्कूलों के नवीनीकरण एवं संचालन की मान्यता के लिए फर्म एवं सोसायटी से पंजीकृत संस्था, जिस भवन में स्कूल संचालन होना है उसका नक्शा एवं रजिस्टर्ड किरायानामा, ग्राउंड फ्लोर पर भवन, शिक्षित प्रशिक्षक, कम से कम 600 वर्ग फीट का खेल मैदान, बालक- बालिकाओं एवं शिक्षकों के लिए अलग-अलग शौचालय सहित कई अन्य शर्तें हैं। स्कूल की मान्यता के लिए आवेदन पत्र के साथ इनका विवरण दिया जाता है।

न खेल मैदान हैं और न ही नियमानुसार शौचालय : शिक्षा विभाग ने जिन 68 स्कूलों को सशर्त मान्यता प्रदान की थी, उसमें अधिकांश के पास न तो रजिस्टर्ड किरायानामा है और न ही अधिकांश स्कूल संचालकों के लिए ग्राउंड फ्लोर पर भवन उपलब्ध हैं। साथ ही अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था भी नहीं पाई गई है। वहीं सशर्त मान्यता वाले स्कूलों के पास नियमानुसार 600 वर्गफीट का प्ले ग्राउंड भी नहीं है, जिसके चलते शिक्षा विभाग ने सशर्त मान्यता प्रदान की थी।

डीईओ बोले- अब नए आवेदनों पर दिखाएंगे सख्ती : इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी एसके शर्मा का कहना है कि जिन स्कूल संचालकों के आवेदनों में कमियां थीं, उन्हें सशर्त मान्यता दी थी। उन्हें हमने कमियों को पूरा करने का अवसर दिया था। अब नए ऑनलाइन आवेदन उन्होंने फिर जमा किए हैं। अब हम देखेंगे कि उन्होंने सभी नियम शर्तों को पूरा किया अथवा नहीं। जिसने निर्धारित शर्तें पूरी नहीं कीं उनकी मान्यता सख्ती के साथ निरस्त कर दी जाएगी।

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