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कोई भी स्कूल या शिक्षक बच्चों के अधिकारों पर नहीं कर सकता अतिक्रमण : रजनीकांत
बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा का अधिकार कानून के पूर्णत: क्रियान्वयन को लेकर टीकमगढ़ जिले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का उत्सव भवन में किया गया। कार्यशाला में स्कूल प्रबंधन, स्कूल बस के ड्राइवर और कंडक्टर की लापरवाही से होने वाली घटना-दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी न्यायालय के आदेशों से अवगत कराया गया।
वहीं बच्चों में बढ़ती अपराधिक प्रवृत्ति को रोकने के लिए और बच्चों के साथ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए सभी से विस्तृत चर्चा की गई। कार्यशाला के अध्यक्ष राज्य बाल संरक्षण आयोग भोपाल के सदस्य द्रवींद्र मोरे ने स्कूलों के द्वारा बच्चों के लिए सुरक्षा एवं सुरक्षित परिवहन सुविधाओं पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सुरक्षा सभी बच्चों के लिए बहुत जरूरी है।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग नई दिल्ली के सदस्य रजनीकांत एवं विभांशु जोशी (कानून विद एवं सलाहकार भोपाल) उपस्थित थे। रजनीकांत ने स्कूलों में बाल सरंक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिए गए निर्देशों का कार्यान्वयन पर विशेष जोर देते हुए कहा, कि काेई विद्यालय या शिक्षक जीरो से 18 वर्ष तक बच्चों के अधिकारों का अतिक्रमण नहीं कर सकता है। संविधान के द्वारा एवं शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत बालक एवं बालिकाओं की सुरक्षा के जो दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
उन पर कार्यशाला के दौरान विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में कई जिले से सम्मलित किए प्रतिभागियों द्वारा भी विषय वस्तु पर बहुत से प्रश्नों के द्वारा बाल संरक्षण अधिनियम की जानकारी प्राप्त की गई। विशिष्ट अतिथि रमाकांत तिवारी समन्वयक राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल एवं पराग मेंडके स्वच्छता सलाहकार राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ बच्चों को साफ एवं स्वच्छ वातावरण में कैसे रखा जाए, इस बात पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इस तरफ कौन-कौन से कदम उठाना कारगर साबित होगा। कार्यशाला में कलेक्टर हर्षिका सिंह भी मौजूद थीं। उन्हाेंने कहा कि नए शिक्षण सत्र से सभी प्राइवेट स्कूलों में सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का पालन हो, इस पर विशेष जोर दिया जाएगा।
कार्यशाला की शुरूआत जिला परियोजना समन्वयक हरिश्चंद्र दुबे ने की। इस दौरान सहायक परियोजना समन्वयक सुभाष मिश्रा, शैलेष श्रीवास्तव, जेएस चौहान, सहायक संचालक एसके सोनी मौजूद थे। कार्यशाला के बाद सभी का आभार प्रदर्शन शैलेष श्रीवास्तव ने माना। दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला में अशासकीय स्कूलों के ड्राइवर, कंडक्टर और वाहन प्रभारी भी शामिल हुए। साथ ही सागर संभाग के बीआरसीसी और टीकमगढ़ जिले के सभी जन शिक्षकों ने कार्यशाला में भाग लिए।
इन बिंदुओ पर हुई चर्चा: बाल विवाह निषेध अधिनियम- 2006, बाल मजदूरी रोकना, शिक्षा का अधिकार, बाल तस्करी, किशोर न्याय अधिनियम, 2000 बाल यौन उत्पीड़न अधिनियम 2012।
स्कूलों में न्यायालय के आदेशों का नहीं होता पालन
कार्यशाला में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के सदस्य विभांशु जोशी ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों में संचालित बस कंडक्टर और ड्राइवर न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं करते। जिसके चलते टीकमगढ़ जिला ही नहीं प्रदेश में प्राइवेट स्कूल की बसों के साथ आए दिन दुर्घटना होती रहती हैं। इन्हीं घटनाओं पर विराम लगाया जाना बहुत जरूरी है। नए शिक्षण सत्र से स्कूलों में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन हो, जिससे बच्चों के साथ होने वाली घटनाओं और अपराधों को रोका जा सके।
टीकमगढ़। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की कार्यशाला का आयोजन।