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रोमांटिक काल के कवियों की कविताएं भारतीय दर्शन और अध्यात्म से प्रेरित: डाॅ. एके बाजपेयी
महाराजा कॉलेज के अंग्रेजी विभाग में उच्च शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन परियोजना के तहत नेचर इन रोमांटिक पोएट्री, एन इंटेलेक्चुअल एंड स्पिरिचुअल इंटर्प्रिटेशन विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस दौरान स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं के लिए महात्मा गांधी कॉलेज करेली से आए अंग्रेजी विषय के प्राध्यापक डॉ. एके वाजपेयी ने व्याख्यान दिया।
डॉ. वाजपेई ने व्याख्यान के दौरान रोमांटिक कविता में प्रकृति, एक बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विमर्श के तहत बताया कि रोमांटिक काल के कवि एसटी कोलरिज, विलियम वर्ड्सवर्थ, पीबी शैली और जॉन कीट्स ने अपनी कविताओं में जो दर्शन, बौद्धिकता और अध्यात्म प्रस्तुत किया है, वो भारतीय दर्शन और अध्यात्म से प्रेरित हैं। इसके लिए उन्होंने भगवत गीता और जातक कथाओं का उल्लेख श्रोत व संदर्भ के रूप में किया। उन्होंने बताया कि विलियम वर्ड्सवर्थ रूस की क्रांति से प्रभावित थे। जहां से उन्होने स्वतंत्रता, समानता आैर बंधुता के सिद्धांत, जो भारतीय संस्कृति के भी मूल तत्व हैं, को अंगीकृत किया।
यही सिद्धांत उन्होंने प्रकृति में बहुत ही करीब से महसूस किए। यही कारण है कि उनकी कविताएं प्रकृति में निहित अध्यात्म पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि जहां विलियम वर्ड्सवर्थ ने प्रकृति में अध्यात्म देखा। वहीं पीबी शैली को प्रकृति में बौद्धिकता प्रतीत हुई। रोमांटिक काल के कवियों की रचनाओं में दर्शन, बौद्धिकता और अध्यात्म को दिखाने के लिए डॉ. बाजपेई ने इन कवियों की कई रचनाओं को संदर्भ के रूप में प्रस्तुत किया।
डॉ. बाजपेई ने जहां रोमांटिक पोएट्री में निहित दर्शन, बौद्धिकता एवं अध्यात्म का आधार भारतीय संस्कृति को बताया। वहीं इस बात पर चिंता भी व्यक्त की कि भारतीय विद्यार्थी पोएट्री का अध्ययन केवल परीक्षा के दृष्टिकोण से करते हैं। लेकिन उसमे निहित दर्शन, बौद्धिकता और अध्यात्म को अंगीकृत नहीं करते, जो भौतिकतावादी जीवनशैली का प्रभाव है। इस व्याख्यान के विषय का प्रवर्तन एवं विषय विशेषज्ञ का परिचय अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ बीपी सिंह गौर ने प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम का संचालन प्रो आरडी अहिरवार और आभार प्रदर्शन डॉ गायत्री ने किया। इस अवसर पर दर्शन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जेपी शाक्य विशिष्ट अतिथि के रूप में और प्राध्यापक डॉ. गायत्री बाजपेई हिन्दी विभाग, वनस्पति विभाग से डॉ. पीके खरे, डॉ. पीएल प्रजापति सहित बड़ी संख्या में अंग्रेजी विषय के छात्र मौजूद रहे।
नेचर इन रोमांटिक पोएट्री, एन इंटेलेक्चुअल एंड स्पिरिचुअल इंटर्प्रिटेशन विषय पर आयोजित किया गया व्याख्यान