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भेदभाव के खिलाफ शिवदयाल चौरसिया ने किया संघर्ष: आर्य
राज्य सभा के पूर्व सांसद बहुजन हितैषी बाबू शिवदयाल चौरसिया की जयंती महाराजपुर की चौरसिया धर्मशाला में मनाई गई। इस कार्यक्रम में चौरसिया समाज द्वारा बाबू शिवदयाल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता चौरसिया धर्मशाला के अध्यक्ष उत्तम दास चौरसिया ने की। इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के दौरान चितरंजन चौरसिया ने अपने विचार रखते हुए बताया कि बाबू शिव दयाल चौरसिया का जन्म 13 मार्च 1903 को लखनऊ के पास खरिका नामक ग्राम में हुआ। इसे अब तेलीबाग के नाम से जानते हैं। इनके पिता का नाम पराग राम था। श्री चौरसिया बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के रहे। उन्होंने बीएससी के बाद एलएलबी की शिक्षा प्राप्त की। धर्मशाला सचिव दयाराम आर्य ने कहा कि वे समाज के ऐसी पुरोधा रहे, जिन्होंने शिक्षा, पिछड़ापन, छुआछूत, भेदभाव के लिए जीवन भर संघर्ष किया। हम उनके अधूरे कार्यों को पूरा करने का प्रयास करें। सेवा निवृत्त शिक्षक दीनानाथ चौरसिया ने अपने विचार रखते हुए बताया कि बाबू शिवदयाल चौरसिया ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के साथ मिलकर काम किया। उन्होंने सन 1929 में वकालत शुरू की वे सामाजिक भेदभाव, ऊंच-नीच के विरोधी रहे। उन्होंने पिछड़ा और अनुसूचित जाति जनजातियों के खिलाफ हो रहे भेदभाव के खिलाफ जीवन भर संघर्ष किया। जब प्रथम राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग गठन के अध्यक्ष काका कालेलकर बने तो उन्हें इस आयोग का सदस्य बनाया गया। वे पिछड़ी जातियों को एक सूत्र में बांधने के लिए हमेशा तत्पर रहे।
सेवानिवृत्त शिक्षक भागीरथ चौरसिया ने कहा कि श्री चौरसिया एक महामानव थे, जिन्होंने पिछड़ा वर्ग और बहुजन जाति के लोगों के साथ किए गए भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाते हुए संघर्ष किया। पहले स्कूलों में पिछड़ा व हरिजनों के बच्चों को शिक्षा नहीं दी जाती थी, उन्होंने इस भेदभाव के खिलाफ कार्य किया। अध्यक्ष उत्तमदास चौरसिया ने बताया कि उन्होंने सामाजिक असमानता को दूर करने के लिए जीवन भर कार्य किया। सन 1974 में उन्होंने केके बिरला को हराकर राज्यसभा का चुनाव जीता। सन 1974 से 1980 तक वे राज्यसभा के सदस्य भी रहे। उन्होंने बचपन से लेकर अंतिम समय तक समाज से पिछड़ापन और असमानता दूर करने के लिए संघर्ष किया। सन 1995 में उनका निधन हो गया, लेकिन उनके द्वारा किए गए कार्य हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। कार्यक्रम में महाराजा छत्रसाल कॉलेज महाराजपुर की जन भागीदारी समिति अध्यक्ष बली चौरसिया, विवेक चौरसिया, बाबूलाल चौरसिया, मुन्नीलाल चौरसिया नेता, सुरेंद्र मलठया, विजय बहादुर चौरसिया, जयप्रकाश चौरसिया, सुरेंद्र लोहे वाले सहित अनेक लोग मौजूद रहे।