क्षमावाणी के साथ शहर में निकली श्रीजी की शोभायात्रा, महिलाओं ने उतारी आरती

Chhatarpur News - जिले भर में 10 दिनों से चल रहे पर्यूषण पर्व का शुक्रवार को समापन किया गया। इस अवसर पर जैन समाज के लोगों ने श्रीजी की...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 06:25 AM IST
BALDEVGARH News - mp news shreeji39s procession goes out in the city with apology women perform aarti
जिले भर में 10 दिनों से चल रहे पर्यूषण पर्व का शुक्रवार को समापन किया गया। इस अवसर पर जैन समाज के लोगों ने श्रीजी की शोभायात्रा निकाली। झांकियों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया। मंदिरों में चल रहे दस दिवसीय आयोजन में आर्यिका 105 आदर्श मति माता ने प्रवचन के माध्यम से लोगों को धर्म के मारे में बताया।

दोपहर 2 बजे मझार जैन मंदिर से श्रीजी की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में सबसे पहले बैंड बाजे धार्मिक गीत गाते हुए निकले। मंदिर की बैंड पार्टी द्वारा शानदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बारिश होने लगी, बारिश के बीच श्रद्धालु नाचते हुए निकले। शोभायात्रा कटरा, जवाहर चौक, सिंधी धर्मशाला, कोतवाली, गंाधी चौराहा से मानस मंच पहुंची। जहां शोभायात्रा का समापन किया गया।

इसके बाद आदर्श मति माता ससंघ के साथ विराजमान हुई। श्रद्धालुओं ने संगीत के साथ श्रीजी का अभिषेक किया। पूजा-अर्चना के बाद आदर्श मति माता ने प्रवचन के माध्यम से लोगों को धर्म के बारे में बताया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरूष कार्यक्रम में शामिल शामिल हुए।

पर्यूषण पर्व के समापन पर जलाभिषेक, हुई प्रतियोगिताएं

भास्कर संवाददाता। बल्देवगढ़

पर्यूषण पर्व पर नगर के दिगंबर जैन मंदिर में सायंकालीन बेला में जलाभिषेक कार्यक्रम संपन्न हुआ। जैन मंदिर में पूरे दस दिन धार्मिक स्वर लहरियों की धूम मची रही।

मंदिर में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। जिसमें प्रश्नोत्तरी, आरती प्रतियोगिता और कौन बनेगा धर्म शिरोमणि प्रतियोगिता प्रोजेक्टर के माध्यम से संपन्न हुई। विभिन्न प्रतियोगिताओं को पुरस्कार वितरित किए गए।

महाआरती के बाद ब्रह्मचारिणी बहन सुनीता जैन द्वारा शास्त्र प्रवचन में उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की व्याख्या करते कहा कि ब्रह्मचर्य का मतलब आज कल अविवाहित होने से लिया जाता है, लेकिन यथार्थ में इसका मतलब है कि जब कोई सन्यास मार्ग पर चलने लगे तो उसे अपना ध्यान ईश्वर और अपनी आत्मा से एक पल के लिए भी नहीं हटाना चाहिए। कोई भी बाधा उन्हें अपने मार्ग से नहीं हटा सके यही ब्रह्मचर्य है।

श्रावक और श्राविकाओं के लिए ब्रह्मचर्य का अर्थ है। वह अपने साथी के प्रति समर्पित रहें ब्रह्मचारी का अर्थ है। वे अपने साथी के प्रति समर्पित रहें। धर्म प्रेम को बढ़ाता है इच्छाओं और बंधन को नहीं मोक्ष की ओर बढ़ने के लिए सभी इच्छाओं और बाधाओं को दूर करना जरूरी है।

आज की शांति धारा करने का शुभ अवसर अर्पण जैन को प्राप्त हुआ।

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जगह-जगह श्रीजी की उतारी आरती, संदेश देकर निकली झांकिया

शोभायात्रा के दौरान कंधों पर श्रीजी को लेकर निकले। भगवान के भ्रमण करने पर जगह-जगह महिलाओं ने आरती आरती उतारी। शोभायात्रा में शामिल लोगों का जगह-जगह स्वागत किया। सिंधी धर्मशाला के पास विधायक राकेश गिरी और नपा अध्यक्ष लक्ष्मी गिरी ने भी श्रीजी की आरती उतारी। पुष्पेंद्र जैन ने बताया कि शोभायात्रा में इस बार संदेश देकर झांकी निकाली गई। झांकी में मुनिश्री की तपस्या को बताकर लोगों को संदेश दिया गया। हाथ से बनी हुए वस्त्र हथकरघा की झांकी निकाली। आचार्यश्री का कहना है कि हथकरघा के वस्त्र ही उपयोग करें। साथ ही झांकी के माध्यम से संदेश दिया कि इंडिया नहीं भारत बोलो जो भी बोलो हिंदी में बोलों का संदेश किया।

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