- Hindi News
- National
- MAVAI News Mp News Success Story Of Primary School Of Mavai Village Selected At State Level
मवई गांव के प्राथमिक स्कूल की सफलता की कहानी राज्य स्तर पर की गई चयनित
विद्यालय के सार्थक बदलाव पर आधारित सफलता की कहानी का चयन राज्य स्तर पर किया गया है, यह सक्सेस स्टोरी शासकीय प्राथमिक स्कूल कुमरयाना मवई की है। स्टोरी का लेखन कार्य शफी मोहम्मद संस्था प्रधान ने किया है। पूर्व में टीकमगढ़ जिले के डाइट द्वारा कहानियों का संकलन राज्य शासन के निर्देशन में कराया गया था। तीन कहानियां जिले से चयन कर राज्य स्तर पर आईकफ आश्रम भोपाल में भेजी गई थी, तथा प्रेजेंटेशन भी कराया गया था।
राज्य स्तर पर अब इस चयनित कहानी को भारत शासन नीपा (नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ प्लानिंग एण्ड एडमिनिस्ट्रेशन) को भेजा जाना है। भारत शासन की गाइड लाइन अनुसार लेखकर्ता को केस स्टडी लिखने के निर्देश मिले हैं। केस स्टडी लेखन कार्य डाइट के लीडरशिप प्रभारी ओपी मिश्रा सहायक प्राध्यापक एवं कनिष्ठ व्याख्याता रामगोपाल रैकवार के मार्गदर्शन में पूरा कराया गया है। लेखन कार्य में जिला शिक्षा अधिकारी जेएस बरकड़े ने भी लगातार मॉनीटरिंग की है। जिससे जिले के नवाचार से प्रदेश के शिक्षकों को भी सीखने का मौका मिल सके।
सहायक शिक्षक शफी मोहम्मद प्राथमिक स्कूल कुमरयाना मवई ने एक कदम समृद्ध विद्यालय की ओर कहानी में प्रदर्शित वीडियो में क्लास रूम अधिगम आकर्षण एवं मल्टीपरपज कार्पेट निर्माण को दिखाया। डाइट कुंडेश्वर से कहानी प्रभारी ओपी मिश्रा ने बताया कि यह कहानी जिले के एक समृद्ध स्कूल है। जिसमें बच्चों को प्राइवेट स्कूल जैसा वातावरण उपलब्ध करवाया जा रहा है। साथ ही बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस स्कूल का चयन सार्थक बदलाव को देखते हुए भौतिक सत्यापन के बाद जिले से प्रदेश स्तर के लिए किया गया है।
यह किए शिक्षा में बदलाव
विद्यालय में आकर्षक एवं प्रेरणादायी कक्षा कक्ष का सृजन, पालकों में विद्यालय के प्रति जागरुकता, छात्र उपस्थित के लिए डोर टू डोर संपर्क बाल केबिनेट के साथ किए गए। शिक्षक शफी मोहम्मद ने बताया कि अगर कोई लगातार एक सप्ताह स्कूल नहीं आता है तो विद्यालय में खोज पंजी बनाई गई है। जिसे लेकर बाल केबिनेट के साथ बच्चे के अभिभावकों से संपर्क करते हैं। बच्चे के स्कूल न आने का कारण जानते हैं। यदि बच्चा घर पर खेलते हुए मिलता है, तो बाल केबिनेट उसे लेकर अपने साथ स्कूल वापस ले आती है। उन्होंने बताया कि बच्चों के अभिभावकों से समय-समय पर बैठकों में स्कूल में किए तरह के और बदलाव किए जाएं। इस पर चर्चा की जाती है।
शिक्षा का स्तर बढ़ाने नवाचार पर विशेष महत्व
सहायक परियोजना समन्वयक शैलेष श्रीवास्तव ने बताया कि शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए नवाचार को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इसी के चलते टीकमगढ़ जिले के कुछ सरकारी स्कूलों ने अपने नवाचार से सभी को प्रभावित किया है। उन्हीं में से एक मवई का प्राथमिक स्कूल भी है। जहां स्कूल में किए गए नवाचार को प्रदेश में स्थान मिलने के बाद अब उसे राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
टीकमगढ़। शिक्षक के साथ बाल केबिनेट ने छात्र के घर पहुंचकर स्कूल न आने के कारणों को जाना। इनसेट: राज्य स्तर पर चयनित एक कदम समृद्ध विद्यालय की ओर