किराएदार ने की शिक्षिका से दुष्कर्म की कोशिश, विरोध करने पर कर दी हत्या
सिविल लाइन थाना क्षेत्र की छुई खदान कॉलोनी में 10 मार्च की रात हत्या करने के बाद आरोपी हो गया था फरार
सिविल लाइन थाना क्षेत्र की छुई खदान कॉलोनी में किराए से रहने वाले महाराजपुर क्षेत्र के सिमरधा गांव के युवक ने 45 वर्षीय महिला टीचर के साथ घर में घुसकर 10 मार्च की रात दुष्कर्म करने का प्रयास किया। विरोध के दौरान पुलिस को बुलाने की बात कहने पर आरोपी ने पैर से गला दबाकर महिला की हत्या कर दी। घटना के दिन से गायब होने पर पुलिस ने आरोपी को पकड़कर कड़ी पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया।
सीएसपी उमेशचंद्र शुक्ला और सिविल लाइन टीआई विनायक शुक्ला ने प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि सटई रोड स्थित छुई खदान कॉलोनी की 45 वर्षीय अनुराधा उर्फ कुमकुम तिवारी अपने घर पर अकेली रहते हुए एक निजी स्कूल में पढ़ाती थी, जबकि महिला का पति पूरनलाल तिवारी बिजावर क्षेत्र में वन विभाग की नौकरी करता है। कुमकुम के घर के पास ही देवर राजू तिवारी का भी रहता है। राजू के घर में ही महाराजपुर क्षेत्र में सिमरधा गांव का विनोद पिता दीनदयाल पटेल किराए से रहता था। 10 मार्च की देर रात कॉलोनी में होलिका दहन के दौरान डीजे की ध्वनि का फायदा उठाते हुए दीनदयाल महिला के घर पहुंचा। उसने महिला के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। विरोध करते हुए महिला ने आरोपी के हाथ की उंगली में काट लिया। इस बात से नाराज आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। जब आरोपी नहीं माना तो महिला ने डायल 100 पुलिस को सूचना देकर बुलाने की बात कही। इस पर आरोपी विनोद ने महिला का पैर से गला दबाकर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
11 मार्च की दोपहर पुलिस लाइन का मुन्नालाल तिवारी अपने चचेरे साले पूरनलाल तिवारी के घर पहुंचा तो अनुराधा के घर का दरवाजा खुला मिला और कमरे में महिला का अर्धनग्न शव पड़ा था। घटना की जानकारी लगने पर मृतिका का पति और थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच करते हुए अज्ञात आरोपी पर हत्या का मामला दर्ज किया।
कॉलोनी और मृतिका के परिजनों से पूछताछ में मृतिका के परिजनों के यहां कराए से रहने वाला सिमरधा गांव का विनोद पटेल गायब था। शक के आधार पर पुलिस ने शुक्रवार को विनोद को पन्ना रोड के रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार करते हुए पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। इस कार्रवाई के दौरान टीआई विनायक शुक्ला, एसआई बृजेंद्र कुमार चाचोदिया, महाराजपुर एसआई अरुण शर्मा, एफएसएल अधिकारी रीतेश चंद्र शुक्ला, आरक्षक सतीश त्रिपाठी, हरचरण सिंह, धर्मेंद्र चतुर्वेदी, वीरेंद्र कुमार, कुलदीप कुमार, किशोर कुमार और शैलेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
महिला के मुस्कराने पर आरोपी काे हुई गलतफहमी
टीआई विनायक शुक्ला ने बताया कि आरोपी विनोद पटेल पड़ोस में रहने वाले राजू तिवारी के यहां पर किराए से रहता है। इसलिए कभी-कभी कुमकुम से बातचीत होती रहती थी। एक दिन महिला ने रास्ते में जाते हुए विनोद को देखकर मुस्करा दिया। इस पर उसे गलतफहमी हो गई। तभी से विनोद मौके की तलाश में घूम रहा था। होलिका दहन के दौरान कॉलोनी के लाेग डीजे बजाते हुए त्योहार मना रहे थे। इसी दौरान आरोपी महिला के घर में घुसा और दुष्कर्म करने के प्रयास में उसने उसकी हत्या कर दी।