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भगवान की पूजा करना, कुछ भी नहीं मांगना सब बिना मांगे आपको मिल जाएगा: माताजी

एक वर्ष पहले
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बुंदेलखंड के जैन तीर्थ क्षेत्र बंधा में आर्यिका अनंत मति माता सहित 21 आर्यिकाएं विराजमान हैं। जिनमें सानिध्य में बंधा में सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन किया जा रहा है।

अष्टानिका महापर्व के अवसर पर टीकमगढ़ शहर के नंदीश्वर कॉलोनी स्थित नंदीश्वर जिनालय में एवं बाजार मंदिर कमेटी द्वारा पुरानी तहसील प्रांगण में सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन चल रहा है। नंदीश्वर मंदिर में आर्यिका आदर्श मति माताजी की संघस्थ दुर्लभमति माताजी, अंतर मति माताजी सहित 19 आर्यिकाओं के सानिध्य में सिद्धचक्र महामंडल विधान में समाज के सैकड़ों लोग शामिल हो रहे हैं।

शनिवार को सुबह 6.30 बजे श्रीजी का अभिषेक एवं शांति धारा की गई। इसके बाद 8 बजे से विधान शुरू हुआ। शनिवार को नंदीश्वर मंदिर में सिद्ध चक्र महामंडल विधान में 256 अर्घ्य पारसनाथ भगवान की बेदी के सामने मंडप पर इंद्र-इंद्राणियों द्वारा समर्पित किए गए।

पंडित सुनील कुमार सौजना एवं पंडित राजीव कुमार शास्त्री द्वारा धार्मिक क्रियाएं कराई जा रही हैं। रविवार को सिद्धचक्र विधान में 512 अर्घ्य चढ़ाए जाएंगे। दुर्लभ मति माताजी ने कहा कि सिद्धचक्र महामंडल विधान में सिद्ध भगवान की आराधना की जा रही है। मैना सुंदरी एवं श्रीपाल चरित्र का वर्णन भी आप लोग सुन रहे हैं।

माताजी ने कहा कि जिस प्रकार से मैना सुंदरी ने सिद्धचक्र महामंडल विधान की आराधना करते हुए श्रीजी के अभिषेक के गंदोदक को लगाकर के अपने कोढ़ी पति सहित 700 लोगों की बीमारी ठीक की थी। आप लोग भी अपने निर्मल भावों से भगवान की पूजा आराधना करना, भगवान से कुछ भी नहीं मांगना सब कुछ बिना मांगे आपको मिल जाएगा। निश्चल भावों से की गई भगवान की भक्ति निश्चित रूप से फलदाई होती है। रात्रि कालीन वेला में 7 बजे संगीतमय आरती की गई। 8 बजे से पंडित द्वारा शास्त्र प्रवचन सुनाए गए।

आंगनबाड़ी केंद्र पर अंडे और मछली बांटे जाने का किया विरोध

वर्तमान समय में जहां पर पूरे विश्व में कोरोना वायरस से लोग परेशान हैं। लोग सामूहिक आयोजनों में जाने से बच रहे हैं। वहीं मप्र सरकार द्वारा आंगनवाड़ियों में छोटे छोटे मासूम बच्चो को अंडे बांटे जाने का फैसला लिया है। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा सोसायटियों में चावल, गेहूं, शक्कर के अलावा अंडा मछली बांटने जा रही है। दोनों सरकारों का मूल्य उद्देश्य भारत कि संस्कृति नष्ट करना है। नंदीश्वर कॉलोनी में 2 तारीख से चल रहे सिद्धचक्र महामंडल विधान में विराजमान आचार्य विद्यासागर महाराज की शिष्या दुर्लभमती, रजतमती माताजी सहित 19 आर्यिकाओं के द्वारा संबोधन प्रेरित होकर जीव दया एवं भारत निर्माण के युवाओं द्वारा विगत लंबे समय से गांवों गावों जाकर जनमत संग्रह के द्वारा 40 हजार से भी ज्यादा लोगों ने अपना विरोध जताया है।

बिलगांय गांव के मिथलेश खरे एवं भगवत मिश्रा ने कहा कि अंडे से गरीब परिवारों का कुपोषण दूर करने के लिए अंडे नहीं बांटे जा रहे है, बल्कि गरीबी का सामना कर रही सरकार अपना कुपोषण दूर करेगी। क्योंकि अंडे से विभाग को ज्यादा आमदनी होगी। कुपोषण दूर करने के लिए फल एवं मगध के लड्डू बांटे जा सकते है। जिससे बच्चों की बुद्धि का भी विकास होगा। अंकित जैन ने बताया कि भगवान राम, भगवान महावीर स्वामी के सिद्धांतों पर चलने वाले गांधी जी अहिंसा प्रेमी थे, लेकिन उनके देश में हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है। समाज के लोगों का कहना है कि अगर केंद्र और मप्र की सरकार अपना निर्णय वापस नहीं लेती है तो जल्दी ही बड़े आंदोलन किया जाएगा।

टीकमगढ़। सिद्ध चक्र महामंडल विधान का चल रहा आयोजन।

टीकमगढ़। आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित होने वाले अंडों का जैन समाज के लोगों ने किया विरोध।
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