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राज्यों के बाहर माल परिवहन के लिए ई-वे बिल 1 फरवरी से लागू

गुरुवार से एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच 50 हजार रुपए या उससे अधिक मूल्य के माल परिवहन के लिए ई-वे बिल जरूरी हो जाएगा।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 31, 2018, 04:41 AM IST

राज्यों के बाहर माल परिवहन के लिए ई-वे बिल 1 फरवरी से लागू

भोपाल.गुरुवार से एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच 50 हजार रुपए या उससे अधिक मूल्य के माल परिवहन के लिए ई-वे बिल जरूरी हो जाएगा। एक फरवरी या उसके बाद बने बिल पर भेजे जाने वाले माल के लिए यह जरूरी होगा। इस संबंध में मप्र शासन ने मंगलवार रात को नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जिलों और शहरों के अंदर माल परिवहन के लिए 1 मार्च से ई-वे बिल लागू होगा। यह 11 श्रेणी की वस्तुओं पर जरूरी होगा। बिना ई-वे बिल के परिवहन करने पर वस्तु के मूल्य का 50 फीसदी तक जुर्माना हो सकेगा। केंद्र सरकार ने राज्यों को यह छूट दी थी कि अगर वह चाहें तो राज्य में ई-वे बिल लागू करने का फैसला 31 मई के बाद ले सकते हैं। छग और राजस्थान ने यह बिल 1 जून से लागू करने का फैसला लिया है। लेकिन मप्र ने इसे 1 मार्च से ही लागू कर दिया।

जिलों में अभी ई-वे बिल जरूरी नहीं, पर इनवायस और दस्तावेज रखने होंगे
- अभी शहरों में परिवहन के लिए ई-वे बिल लागू नहीं है इसके बाद भी ट्रांसपोर्टर को इनवायस और अन्य कागजाद रखने होंगे। तब दरअसल, मप्र सरकार का टैक्स कलेक्शन लक्ष्य से 25 से 30 फीसदी तक कम है। ऐसे में राज्य सरकार ने पहले चरण में 11 श्रेणी की वस्तुओं के लिए ई-वे बिल जरूरी किया है। विशेषज्ञों की मानें तो सभी वस्तुएं वही हैं जिनमें टैक्स चोरी की संभावना ज्यादा रहती है।

- कमर्शियल टैक्स कमीश्नर के मुताबिक, अगर किसी कारणवश व्यापारी एक ई-वे बिल की वैधता तक दी गई दूरी नहीं तय कर पाता तो उसके पास ई-वे बिल फिर से इश्यू कराने का विकल्प रहेगा। वह अगर दूसरी गाड़ी से माल लाता है तो भी ई-वे बिल लेना होगा।

इन श्रेणी की वस्तुओं पर एक मार्च से लगेगा ई-वे बिल

1- पान मसाला
2- चॉकलेट्स, बिस्किट्स
3- प्लाईवुड और लेमिनेशन शीट
4- खाद्य तेल

5- ऑटो पार्ट्स

6- सिगरेट, जर्दा युक्त उत्पाद
7- इलेक्ट्रिक एवं इलेक्ट्रानिक्स गुड्स
8- फर्नीचर

9- ल्यूब्रिकेंट्स

10- टाइल्स,
11- सिरामिक ब्लॉक्स, सिरामिक पाइप

ऐसे जेनरेट होगा ई-वे बिल
- केंद्र सरकार ने जीएसटीएन पोर्टल में एक डेडिकेटेड काॅमन पोर्टल केवल ई-वे बिल लेने के लिए बनाया है।

- व्यापारी को पोर्टल में जाकर आईडी और पासवर्ड जेनरेट करना होगा।

- इसके बाद वह ई-वे बिल जेनरेट कर सकेगा। आईडी और पासवर्ड सिर्फ एक बार ही बनानी होगी।

पेनाल्टी के ये हैं प्रावधान
- यदि करदाता खुद माल लेकर जा रहा है और ई-वे बिल नहीं है तो 10 हजार या टैक्स चोरी की राशि के बराबर पेनल्टी होगी। किसी ट्रांसपोर्टर से माल भिजवाया जा रहा है तो 25 हजार तक पेनाल्टी होगी।

- ई-वे बिल के साथ ही इनवायस व अन्य दस्तावेज नहीं हैं तो टैक्स राशि और इसके बराबर ही पेनल्टी लगेगी। माल लेने कोई नहीं आया तो जब्त होगा।

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Web Title: rajyaon ke baahar maal parivhn ke liye ee-ve bil 1 frvri se laagau
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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