Hindi News »Madhya Pradesh »City Campus Bhopal »News» This Farmer One Acre Earning Of Rupees Millions

एक एकड़ खेत से लाखों रुपए कमा रहा है ये किसान, आप भी कर सकते हैं ऐसी कमाई

यह ऐसे किसान हैं जिन्होंने एक एकड़ में पपीता और अन्य मौसमी सब्जियां उगाकर हर साल पांच लाख रुपए से ज्यादा कमाई कर रहे हैं

bhaskar news | Last Modified - Apr 25, 2018, 04:50 AM IST

एक एकड़ खेत से लाखों रुपए कमा रहा है ये किसान, आप भी कर सकते हैं ऐसी कमाई

टीकमगढ़.पिछले तीन सालों से बुंदेलखंड क्षेत्र सूखे की मार झेल रहा है। यहां पर कई किलोमीटर तक धरती खाली और वीरान खेत नजर आते हैं, मगर टीकमगढ़ जिले के नादिया गांव में अमरचंद प्रजापति के खेतों में ऐसी तपती गर्मी में हरियाली नजर आती है। यह ऐसे किसान हैं जिन्होंने एक एकड़ में पपीता और अन्य मौसमी सब्जियां उगाकर हर साल पांच लाख रुपए से ज्यादा कमाई कर रहे हैं।


- अमरचंद प्रजापति और नाथूराम कुशवाहा ने मिलकर एक एकड़ जमीन पर पपीता, मिर्ची, टमाटर, बैगन वगैरह की खेती कर जिले में विकसित किसान की मिसाल बन गए हैं।

- ये किसान बहुत कम पानी का उपयोग कर अपनी आजीविका चलाने में कामयाब हुए हैं।

- अमरचंद बताते हैं कि उन्होंने एक एकड़ क्षेत्र में 20 से ज्यादा कतारों में पपीता लगाए हैं, वहीं बीच के हिस्से में मिर्ची, टमाटर और बैगन को उगाया है।

- इससे उन्हें सालाना पांच लाख से ज्यादा की आमदनी हो जाती है। इतना ही नहीं, वे यह सारी फसल बहुत कम पानी का उपयोग कर उगाते हैं।

एक कतार में निकलता है 50 हजार का पपीता
- नाथूराम का कहना है कि पपीते की अच्छी पैदावार हो तो एक कतार से ही 50 हजार रुपए का पपीता सालभर में निकल आता है।

- एक एकड़ में बीस कतार हैं, इस तरह अच्छी पैदावार होने पर सिर्फ पपीता से ही 10 लाख रुपए कमाए जा सकते हैं। इसके अलावा अन्य सब्जियों से होने वाली आय अलग है।

एक दिन में लगता है सिर्फ 8 सौ लीटर पानी
- नाथूराम के अनुसार वे दिनभर में इन फसलों की मुश्किल से आठ सौ लीटर पानी से सिंचाई करते हैं।

- उनके ट्यूबवेल में पानी बहुत कम है, इसके बावजूद ड्रिप सिंचाई का उन्हें भरपूर लाभ मिल रहा है। कम पानी में भी वे अच्छी फसल ले रहे हैं।

- अमरचंद के खेत में पहुंचकर दूर से पपीते के पेड़ नजर आने लगते हैं और जमीन में काली पॉलीथिन बिछी नजर आती है।

- पॉलीथिन के नीचे मिट्टी की क्यारी बनाई गई हैं और उस पर ट्यूब बिछी हुई है। इस ट्यूब से हर पेड़ के करीब पानी का रिसाव होता है।

- जिससे मिट्टी में नमी बनी रहती है और ऊपर पॉलीथिन होने के कारण पानी वाष्पीकृत होकर उड़ नहीं पाता। लिहाजा कम पानी में ही पेड़ों की जरूरत पूरी हो जाती है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×