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मध्यप्रदेश के 4.25 लाख घरों में नहीं है बिजली, 51,929 गांवों से जुटाई जानकारी

हर घर में अटल ज्योति योजना की वजह से 24 घंटे बिजली दी जा रही है, लेकिन हकीकत चिंताजनक है।

​शैलेंद्र चौहान | Last Modified - Feb 12, 2018, 05:57 AM IST

मध्यप्रदेश के 4.25 लाख घरों में नहीं है बिजली, 51,929 गांवों से जुटाई जानकारी

भोपाल.सरकार का दावा है कि प्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाकों के हर घर में अटल ज्योति योजना की वजह से 24 घंटे बिजली दी जा रही है, लेकिन हकीकत चिंताजनक है। 12 हजार डाकियों ने 55 दिन में प्रदेश के 4.25 लाख ऐसे घर खोज निकाले हैं, जहां बिजली तो दूर कनेक्शन ही नहीं हुए हैं। इन घरों में रोशनी बिजली से नहीं चिमनी से होती है। केंद्र की सौभाग्य योजना के तहत प्रदेश में बिना बिजली वाले घरों के सर्वे की जिम्मेदारी केंद्रीय डाक विभाग के पास थी। प्रदेश के 12 हजार डाकियों ने 6 नवंबर से 31 दिसंबर 2017 तक सर्वे किया था।

भोपाल जिला

1207 घरों में अंधेरा
भोपाल जिले के 501 गांवों में सर्वे किया गया। इन गावों के 94675 घर तक पोस्टमैन पहुंचे। इनमें से 1207 घर ऐसे मिले, जिनमें अब तक बिजली नहीं पहुंच पाई है। वहीं इंदौर जिले के 994 घर ऐसे है, जिनमें बिजली कनेक्शन तक नहीं हो पाया है।

सर्वे... 51 जिलों के 51,929 गांवों से जुटाई जानकारी

सरकार ने डाक विभाग को 51 जिले के 51,929 गांवों में सर्वे करने का जिम्मा दिया था। विभाग के ग्रामीण डाक सेवक, शाखा डाकपाल और वितरण करने वाले डाकियों ने मिलकर 55 दिन तक सर्वे किया। सर्वे के लिए ड्यूटी के अलावा चार घंटे तय किए थे। एक पोस्टमैन के पास 8 से 10 गांवों की जिम्मेदारी थी। पोस्टमैन ने गांव के सरपंचों को साथ लेकर उनकी मौजूदगी में घर-घर जा कर बिजली की जानकारी जुटाई। कुल 1 करोड़ 11 लाख 821 घरों में सर्वे किया गया। इसमें से 1 करोड़ 6 लाख 87 हजार 220 घरों में तो रोशनी थी, लेकिन 4 लाख 25 हजार 601 घर ऐसे मिले हैं जहां आजादी के इतने वर्षों बाद भी रोशनी तो दूर यहां बिजली के कनेक्शन ही नहीं है।

क्या है सौभाग्य योजना

योजना का पूरा नाम ‘प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना’ है। इसके तहत 31 मार्च 2019 तक देश के हर घर में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है। बिजली कनेक्शन के साथ ही हर घर में 5 एलईडी बल्ब, एक पंखा और एक बैटरी दी जाएगी। जिन दूरस्थ गांवों में बिजली पहुंचाना संभव नहीं होगा, वहां सोलर पैक दिए जाएंगे। योजना पर 60% खर्च केंद्र, 10% राज्यों को वहन करना होगा, जबकि 30% बैंकों से कर्ज लिया जाएगा।

आदिवासी और नक्सली इलाकों में स्थिति खराब
सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक आदिवासी और नक्सल प्रभावित बालाघाट, डिंडोरी, मंडला, सिवनी जिलों के 62,384 घरों में अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, सीधी और सिंगरौली के 58,198 घरों में अंधेरा मिला है। ऐसे ही छिंदवाड़ा और बैतूल के 40,369 घर अब तक अंधेरे में हैं।

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