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मॉडल स्कूल का कंसेप्ट फेल, खाली रहती हैं सीट

सुविधाओं का अभाव व शैक्षणिक क्वालिटी ठीक न होने से ब्लॉक मुख्यालय पर बने मॉडल स्कूलों में छात्र प्रवेश लेना नहीं...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 04, 2018, 03:10 AM IST

सुविधाओं का अभाव व शैक्षणिक क्वालिटी ठीक न होने से ब्लॉक मुख्यालय पर बने मॉडल स्कूलों में छात्र प्रवेश लेना नहीं चाहते। इसी कारण हर साल इनकी सीट खाली रह जाती हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन काम करने वाला ओपन स्कूल बोर्ड जिले के पांच उत्कृष्ट व मॉडल स्कूलों में प्रवेश के लिए रविवार को परीक्षा लेगा। इस बार भी तीन मॉडल स्कूलों में वहां खाली सीटों की तुलना में कम छात्र परीक्षा देंगे।

जिले के हर ब्लॉक में एक-एक मॉडल स्कूल संचालित है। घोषणा यह हुई थी कि केंद्र व राज्य सरकार की मदद से चलने वाले इन सभी स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाई होगी। टीचर अंग्रेजी मीडियम के होंगे और आवास तथा भोजन व्यवस्था भी मुहैया कराई जाएगी। सरकार पिछले कई साल सेे चल रहे इन स्कूलों में ऐसा कुछ नहीं कर पाई है। यहां पर टीचर दूसरे स्कूलों से बुलाए जाते हैं जबकि आवास रहने योग्य नहीं हैं। लश्कर क्षेत्र का मॉडल स्कूल डीडीनगर में है, दूरी ज्यादा होने के कारण ही यहां पर छात्र प्रवेश नहीं लेना चाहते। इसी तरह से भितरवार, डबरा व घाटीगांव के मॉडल स्कूलों में भी कक्षा 9 के लिए 80-80 सीटों पर प्रवेश होना हैं पर यहां पर क्रमश: 39, 52 व 32 छात्रों ने ही फार्म भरे हैं। उत्कृष्ट स्कूल मुरार से जुड़े उमेश पाठक ने कहा, रविवार को सुबह सात केंद्रों पर लगभग दो हजार 200 छात्रों की परीक्षा होनी है। दो साल पहले तक यह काम पीईबी के पास था पर अब प्रवेश परीक्षा स्कूल शिक्षा विभाग का ओपन बोर्ड कराता है। श्री पाठक ने कहा, मुरार के उत्कृष्ट स्कूल में कक्षा 9 की 240 सीटों पर प्रवेश को लेकर परीक्षा होगी जबकि बाकी चार ब्लॉक के मॉडल स्कूलों में 80-80 सीटें भरी जाएंगी।

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Web Title: मॉडल स्कूल का कंसेप्ट फेल, खाली रहती हैं सीट
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