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टोल प्लाजा की सिक्योरिटी एजेंसी...

टोल प्लाजा की सिक्योरिटी एजेंसी... उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। एसपी ने बदमाशों की सूचना देने वाले को...

Danik Bhaskar | May 08, 2018, 04:10 AM IST
टोल प्लाजा की सिक्योरिटी एजेंसी...

उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। एसपी ने बदमाशों की सूचना देने वाले को 10 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। ग्वालियर-डबरा बायपास पर मेहरा स्थित टोल प्लाजा का संचालन पाथ इंडिया प्रा.लि. करती है। कंपनी ने सिक्योरिटी एजेंसी चैक मेट को कैश जमा करवाने का काम दे रखा है। रोज इकठ्ठा होने वाला कैश बैंक में जमा होता है। शनिवार रात 12 बजे से सोमवार सुबह 8 बजे तक इकठ्ठे हुए 24.20 लाख रुपए जमा करने के लिए सोमवार दोपहर तोमर, सुपरवाइजर अवधेश राजावत और ड्राइवर हिमांशु कुशवाह ओमनी वैन से दोपहर करीब 12.45 बजे सिटी सेंटर स्थित सिंडीकेट बैंक पहुंचे। रुपयों से भरा बैग अवधेश के हाथ में था। बैग लेकर यह लोग जब वैन से उतरे तो दो बदमाशों ने घेर लिया। तीसरा बदमाश बाइक पर बैठा रहा। दोनों बदमाशों के हाथ में पिस्टल थी। जिसकी नोंक पर उन्होंने अवधेश से रुपयों से भरा बैग छीन लिया। यह देखकर तोमर ने बैग बदमाश से छुड़ाने का प्रयास किया तो दूसरे बदमाश ने हवाई फायर करने के बाद उनमें गोली मार दी। इसके बाद बदमाश बैग लेकर बाइक से भाग गए। कुछ ही दूरी पर यूनिवर्सिटी थाने में पदस्थ आरक्षक पुष्पेंन्द्र सिंह और हिमाचल बाइक सर्विस करा रहे थे। गोली चलने के बाद बाइक से भाग रहे युवकों को देखकर उन्होंने आगे आकर रोका और एक बदमाश को दबोच लिया। लेकिन उसके दो साथियों ने एक के बाद एक चार फायर किए। चूंकि आरक्षक निहत्थे थे इसलिए बदमाश उनकी पकड़ से छूटकर भाग निकला।

आश्रम संचालिका और 79 साल...

इसमें शैला का भाई राजू भी शामिल था। लेकिन मानसिक रूप विक्षिप्त होने के कारण कोर्ट ने फिलहाल उसके मामले में अभी फैसला नहीं सुनाया है। इसके अलावा चौथे आरोपी बाल गृह में कंप्यूटर ऑपरेटर अतुल को कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। 1 अक्टूबर 2016 को दो लड़कियां बालगृह से भाग गई थीं। इन लड़कियों को पुलिस ने अशोकनगर से बरामद किया था। बाल कल्याण समिति ने दोनों लड़कियों से बातचीत की थी। इस दौरान एक लड़की ने यौन शोषण का खुलासा किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने कानून रद्द करते हुए...

जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस आर भानुमति की बेंच ने कहा- सरकारी बंगला सार्वजनिक संपत्ति है। यह सिर्फ जनता के लिए काम करने वालों की खातिर है। सिर्फ महत्वपूर्ण पद पर काम करने के आधार पर किसी को सरकारी आवास देने की बात गलत है। उल्लेखनीय है कि यूपी में पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास देने संबंधी कानूनी नियम को सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में रद्द कर दिया था। इसके बाद यूपी सरकार ने कानून में संशोधन कर इसे अनिवार्य कर दिया।

जबलपुर में हथियारों से लैस...

उसके बाद महिलाओं और बच्चे पर िरवॉल्वर तानकर सभी को एक कमरे में ले जाकर बंधक बना लिया। इसके बाद चादरें फाड़कर सभी के हाथ-पैर और चेहरे तक बांध िदए, 40 िमनट तक पूरे घर को खंगालने के बाद डकैत परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल फोन, 5 लाख रुपए नकद और 75 लाख की ज्वेलरी बटोरकर भाग िनकले।

10 साल में ब्रिटेन व जर्मनी को...

इसके अलावा वित्तीय और बैंकिंग सेवाएं, आईटी सेक्टर, बीपीओ, रियल एस्टेट, हेल्थकेयर और मीडिया सेक्टर में भी जबरदस्त ग्रोथ होने की उम्मीद है।