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15 वर्षों से कचरा उठाने नहीं आया ठेकेदार, संक्रामक बीमारियों का बढ़ रहा है खतरा

Damoh News - सीएचसी में 15 वर्षों से अस्पताल से निकलने वाला कचरा उठाने ठेकेदार नहीं आया। अस्पताल के निवेदन नगर परिषद अस्पताल का...

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 02:25 AM IST
15 वर्षों से कचरा उठाने नहीं आया ठेकेदार, संक्रामक बीमारियों का बढ़ रहा है खतरा
सीएचसी में 15 वर्षों से अस्पताल से निकलने वाला कचरा उठाने ठेकेदार नहीं आया। अस्पताल के निवेदन नगर परिषद अस्पताल का कचरा उठाकर ले जाती है। लेकिन जिस ठेकेदार को यहां की साफ-सफाई का ठेका मिला है वह ठेका होने के बाद कभी नहीं आता। जबकि जिला मुख्यालय से भुगतान सभी सीएचसी सेंटर का जारी हो रहा है, हैरानी की बात यह कि टेंडर सभी सातों ब्लाक का एजेंसी ने लिया और उसे भुगतान भी मिल रहा है, मगर बाये मेडिकल वेस्ट कचरा उठाने के लिए वाहन पथरिया नहीं पहुंचा रहा है।

यहां पर बता दें कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कचरा प्रबंधन के लिए सतना की कंपनी इंडो वायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट को ठेका दिया गया था। इस कंपनी द्वारा दमोह जिले की संपूर्ण अस्पतालों का ठेका लिया गया है, लेकिन पथरिया अस्पताल का कचरा ठेकेदार द्वारा एक भी दिन नहीं उठाया गया और न ही कभी पथरिया आया है। जबकि नियमानुसार ठेकेदार को रोज कचरा उठाने के लिए एक बड़ी पाॅलीथीन बैग अस्पताल को देना होती है जिसके भर जाने के बाद ठेकेदार उठाकर ले जाता है। इसके बाद दूसरा बैग रखकर जाता है। लेकिन आज तक न तो ठेकेदार कभी पथरिया अस्पताल आया और न ही यहां का कचरा उठाया गया। हैरानी की बात तो यह है कि अस्पताल से निकलने वाला कचरा बहुत ही खतरनाक होता है। इसे न तो खुले में फेंकने को प्रावधान है और न ही जलाने का। नियमानुसार इसे जमीन में गाढने को प्रावधान है। लोगों के स्वास्थ को देखते हुए सरकार द्वारा लाखों रुपए के ठेके दिए जाते हैं ताकि स्वास्थ्य पर का बुरा असर न पड़े, लेकिन ठेकेदार द्वारा बड़ी लापरवाही बरती जा रही है।

अस्पताल से निकलने वाला कचरा जिसमें दवाइयां, इंजेक्शन, बॉटल, कैमिकल, लैब का सामान सहित प्रसव वार्ड का सहित अन्य खतरनाक बेस्टेज सामग्री निकलती है। जिसके संपर्क में रहने से इन्फेक्शन सहित गंभीर बीमारियां होती हैं, लेकिन ठेकेदार न होने के कारण यह कचरा अस्पताल में ही पड़ा रहता है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन द्वारा इस गंभीर समस्या को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने नगर पालिका को पत्र लिखकर अस्पताल का कचरा फेंकने का निवेदन किया, जिसके बाद नगर परिषद द्वारा यहां का कचरा उठाकर खुले में फेंक दिया जाता है। लेकिन खुले में अस्पताल का मेडिकल वेस्ट फेंके जाने से न केवल आसपास रहने वाले लोगों बल्कि नगर परिषद के कर्मचारियों के लिए भी गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है। बताया गया है कि अस्पताल से निकलने वाला कचरा खुले फेंके जाने से बारिश के पानी में घुलकर जमीन के अंदर एवं आसपास के जलस्रोतों में चला जाता है। जिससे लोगों को पेट दर्द, चर्म रोग सहित अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

जनप्रतिनिधियों को नहीं चिंता: पथरिया नगर के किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा इस और ध्यान नहीं दिया गया। जबकि हर बार स्थानीय विधायक रोगी कल्याण समिति अध्यक्ष रहे। यहां तक कि पिछली पंचवर्षीय में पथरिया विधायक रामकृष्ण कुसुमरिया मंत्री भी रहे। विधायक लखन पटेल ने बताया कि मुझे इस विषय में कोई जानकारी नहीं है। मैं अभी सीएमएचओ से बात करता हूं। ठेका है कि नहीं।

कर बार कर चुके शिकायत


पथरिया। अस्पताल परिसर से निकलने वाले कचरे को बाउंड्रीबाल के पास फेंक दिया जाता है।

अस्पताल में प्रतिदिन आते

हैं दो सौ मरीज

पथरिया स्वास्थ्य विभाग में प्रतिदिन पथरिया नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन 100 से 200 मरीजों का आना बना रहता है। जो इलाज कराने आते हैं। साथ ही कुछ गंभीर बीमारी होने के कारण बाहर अन्य जगहों पर भी इलाज को जाते हैं।

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