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अवैध सागौन की कटाई में लिप्त रेंजर को हटाया, 10 ट्राॅली लकड़ी जब्त, गिरोह की जांच में जुटी टीम

नौरादेही अभ्यारण में तिंदनी और सर्रा वन परिक्षेत्र में बड़े स्तर पर सागौन की कटाई होने का मामला सामने आया है। अवैध...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 02:35 AM IST
नौरादेही अभ्यारण में तिंदनी और सर्रा वन परिक्षेत्र में बड़े स्तर पर सागौन की कटाई होने का मामला सामने आया है। अवैध कटाई में रंेज में तैनात एक रेंजर भी भूमिका संदिग्ध होने पर उसे तत्काल हटा दिया गया है। मौके से अभ्यारण की टीम करीब 10 ट्राली सागौन की लकड़ी जब्त की है। अवैध कटाई में गिरोह दमोह का होना बताया जा रहा है। अभ्यारण के डीएफओ ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अभी लकड़ी की नपाई का काम किया जा रहा है, अधिकारी यह नहीं बता पा रहे हैं कि जब्त की गई लकड़ी की कीमत कितनी है। बताया जाता है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था, रेंजर तक पकड़ होने के कारण अवैध कटाई पर अंकुश नहीं लग पा रहा था।

दमोह के तेंदूखेड़ा और तारादेही क्षेत्र के तिंदनी और सर्रा वन परिक्षेत्र में लगे सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई की सूचना मिलने पर सागर के अभ्यारण के डीएफओ रमेश विश्वकर्मा ने टीम को भेजकर कार्रवाई कराई है। छापा मारने गई टीम पर पथराव और मारपीट करने की बात भी सामने आई है। डीएफओ के मुताबिक कई दिनों से अवैध कटाई का काम किया जा रहा था। मुखबिर से सूचना मिलने पर उन्होंने मौके पर टीम पहुंचाई तो करीब 10 ट्राली सागौन की लकड़ी मौके पर मिली है। जिसे जब्त करके सर्रा रेंज में रखवाया गया है। उन्होंने बताया कि अवैध कटाई में रेंजर आरएस कुशरे की भूमिका संदिग्ध है। इतने दिनों से अवैध कटाई चल रही थी, लेकिन उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि ग्रामीणों और गार्ड ने उनको सूचना पहुंचाई। जब्त लकड़ी की नपाई का काम किया जा रहा है। जिसकी जांच के बाद यह तय हो पाएगा कि कितनी मात्रा और कीमत लकड़ी की है। उन्होंने बताया कि अवैध कटाई की जांच के लिए टीम बनाई गई है। जांच से पहले ही रेंजर को हटा दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद यह पता चल पाएगा कि कुशरे की मिलीभगत कितनी है। फिलहाल वन विभाग की टीम गिरोह के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है। क्योंकि जब टीम मौके पर पहुंची थी तो आरोपियों ने पत्थर भी फेंक और मारपीट भी की है। डीएफओ के मुताबिक गिरोह दमोह का होना प्रतीत हो रहा है।

वन विभाग ने पकड़ी दो ट्रेक्टर ट्राली: एक ट्राली में जलाऊ लकड़ी, दूसरी में सागौन, सतकठा की बल्लियां

दमोह। सागौन की अवैध कटाई से इस तरह ठूंठ दिखाई देने लगते हैं।

तेजगढ़ रेंज में भी कार्रवाई: खमरिया बीट से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से जलाऊ लकड़ी, दूसरे से सतकठा जब्त की गई

भास्कर संवाददाता| जबेरा

बीती रात तेजगढ़ रेंज की अजीतपुर खमरिया बीट के दलपतखेड़ा के जंगल में वन विभाग द्वारा एक लकड़ी से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रालियांे को जब्त किया है। जिसमें एक ट्राली में जलाऊ लकड़ी तो दूसरी ट्रॉली में सागौन व सतकठा की बल्लियां पाई गई है। वहीं अधिकारियों को देखकर एक ट्रैक्टर-ट्राली को छोड़कर मौके से भाग निकला

जानकारी के अनुसार ग्राम दलतपतखेड़ा के जंगल में भारी मात्रा में लकड़ी की कटाई व ढुलाई का सिलसिला कई माह से चल रहा है। जिसकी शिकायत अधिकारियों से की गई थी। बीती बुधवार की रात जंगल में दो ट्रैक्टर-ट्राली में लकड़ी की सूचना डीएफओ दमोह को विश्वसनीय सूत्रों से मिली थी। जिसके बाद डीएफओ एचएस मिश्रा के निर्देशन में ट्रैक्टर-ट्राली पकड़ने का मिशन शुरू किया। जिसमें तेंदूखेड़ा एसडीओ एमके खरे, तेजगढ़ रेंजर जीएस भदौरिया, वनपाल सतीश परासर, मुकेश दुबे, राकेश दुबे, अनिल तिवारी, जय प्रकाश, वनरक्षक महेंद्र खरे, राकेश प्यासी ने अजीतपुर खामरिया बीट के दलपतखेड़ा के जंगल में छापा मारा। जहां पर दो ट्राली व एक ट्रेक्टर जलाऊ लकड़ी से लोड पकड़ा गया। वहीं एक ट्रैक्टर घटना स्थल से भागने में कामयाब रहा। वहीं पकड़ी की गई दो ट्रालियों में एक ट्राली में 23 मलगा सागौन के व 12 मलगा सतकठा के जब्त किए गए। वहीं दूसरी ट्राली में जलाऊ लकड़ी भरी हुई है।

जंगल को कर दिया माफिया ने साफ

वन एएसडीओ एम के खरे ने बताया कि आरोपी राजकुमार उर्फ जाली पिता चन्नू जैन निवासी खमरिया, सरजू पिता मूरतपाल दलपत खेड़ा का लाल रंग स्वराज ट्रैक्टर ट्राली जब्त किया गया है। वहीं राजकुमार जैन की ट्राली तो जब्त की गई, लेकिन ट्रैक्टर लेकर आरोपी फरार है। गौरतलब हो कि अजीतपुर खमारिया के दलपतखेड़ा गिदरा में लंबे समय से जंगल की लकड़ी की कटाई लकड़ी माफिया के द्वारा की जा रही थी, लेकिन ग्रामीणों के सहयोग से चल रहे जंगलों की कटाई के इस अवैध कारोवार अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही लकड़ी माफिया को जानकारी मिल जाती थी। जिससे यह लकड़ी चोर वन विभाग के हांथ नहीं लग पा रहे थे, लेकिन बुधवार की रात को डीएफओ को मिली सूचना पर तेजगढ़, तेंदूखेड़ा तारादेही वन अमले की संयुक्त कार्यवाही के चलते यह बड़ी सफलता हांथ लगी है।