• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Damoh News
  • पहले दिन ही पकड़े गए तीन मुन्नाभाई, प्रवेश पत्र में नाम और चेहरा मिलाया तो दोनों बदले निकले
--Advertisement--

पहले दिन ही पकड़े गए तीन मुन्नाभाई, प्रवेश पत्र में नाम और चेहरा मिलाया तो दोनों बदले निकले

भास्कर संवाददाता| दमोह/तेंदूखेड़ा हायर सेकंडरी परीक्षा प्रारंभ हाेने के पहले दिन ही गुरुवार को तेंदूखेड़ा में...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 02:35 AM IST
भास्कर संवाददाता| दमोह/तेंदूखेड़ा

हायर सेकंडरी परीक्षा प्रारंभ हाेने के पहले दिन ही गुरुवार को तेंदूखेड़ा में तीन मुन्नाबाई पकड़े गए। तीनों को थाना ले जाया गया, जहां पर नकली छात्र की जगह असली मौके पर पहुंच गया और नकली पर प्रवेश पत्र चोरी करने का आरोप लगाया। जबकि नकली दो छात्रों को परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया, केंद्राध्यक्ष ने उन्हें अनुपस्थित घोषित कर दिया। हैरानी की बात यह जिले का सबसे बड़ा परीक्षा केंद्र है और यहां पर 13 सौ छात्र-छात्राएं बैठकर परीक्षा दे रहे हैं। इन परीक्षाथियों में महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश तक के अभ्यार्थी शामिल हैं। सेंटर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी होने के कारण यहां पर केंद्राध्यक्ष भी ड्यूटी करने से डर रहे हैं। पहले दिन सख्ती के चलते करीब 35 परीक्षार्थी पेपर देने कक्ष में ही नहीं गए। इधर जिला मुख्यालय पर इस बार परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए खास इंतजाम किए गए, यहां तक कि बच्चों से जूते-मोजे उतरवाए गए। हालांकि पहले दिन जिले में कहीं पर भी नकल का प्रकरण नहीं बना।

तेंदूखेड़ा के उत्कृष्ठ विद्यालय में नगर में संचालित गुरूकुल हायर सेंकडरी स्कूल कक्षा 12वीं के 1300 छात्र-छात्राओं का परीक्षा केंद्र बनाया गया है। केंद्राध्यक्ष शिवशक्ति पाठक ने बताया कि सुबह 9 से 12 बजे तक हिंदी का पहला पेपर था। छात्र-छात्राओं के प्रवेश पत्र की जांच के दौरान दो अलग-अलग कमरों में छात्र आस्कर अवस्थी पिता जयप्रकाश एवं मुकेश विश्वकर्मा पिता सुरेश की जगह पर दो मुन्नाभाई परीक्षा देने बैठे थे। प्रवेश पत्र की जांच के दौरान पता चला कि ये वो छात्र नहीं हैं जिनका प्रवेश पत्र पर फोटो हैं। साथ ही कुलदीप नामदेव की जगह एक अन्य छात्र पेपर देने आया था, लेकिन उसी समय कुलदीप आ गया तो अन्य लड़के को बाहर कर दिया गया। कुलदीप को परीक्षा में बैठाया साथ ही तीनों लड़कों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। इसके बाद एसआई श्रीराम ठाकुर, आरक्षक विमल तीनों को थाना लेकर आई, लेकन बिना कोई मामला दर्ज किए बगैर समझाईश देकर तीनों को छोड़ दिया गया। यहां पर बता दें कि तेंदूखेड़ा में गुरुकुल नामक निजी स्कूल संचालित है। इसमें ज्यादातर बाहरी बच्चों के नाम दर्ज हैं। जो अब पेपर देने के लिए बाहर से आए हैं। परीक्षा के दौरान कई बच्चे महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश के मिले। न जो यह बच्चे यहां की भाषा समझ पा रहे हैं और न ही कोई जवाब देते हैं। चर्चा यह भी सामने आई कि यहां पर के केंद्राध्यक्ष को बदलने की तैयारी चल रही है। तेंदूखेड़ा एक्सीलेंस स्कूल के प्राचार्य को ही यहां का केंद्राध्यक्ष बनाया जा रहा है। नगर निरीक्षक आसाराम अहिरवार ने बताया कि केंद्राध्यक्ष की तरफ से कोई शिकायत नहीं आई है इसलिए मामला दर्ज नहीं किया है। केंद्राध्यक्ष शिवशक्ति पाठक का कहना है कि जब मैनें स्वयं ही तीन लड़कांे को पुलिस के हवाले किया तो ये पुलिस का काम है कि क्या अपराध बनता है। मैंने तीनों लड़कों को पुलिस के हवाले कर परीक्षा की व्यवस्था में लग गया था। नगर निरीक्षक ने मुझसे किसी भी प्रकार की शिकायत करने के लिए नहीं कहा।

भास्कर संवाददाता| दमोह/तेंदूखेड़ा

हायर सेकंडरी परीक्षा प्रारंभ हाेने के पहले दिन ही गुरुवार को तेंदूखेड़ा में तीन मुन्नाबाई पकड़े गए। तीनों को थाना ले जाया गया, जहां पर नकली छात्र की जगह असली मौके पर पहुंच गया और नकली पर प्रवेश पत्र चोरी करने का आरोप लगाया। जबकि नकली दो छात्रों को परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया, केंद्राध्यक्ष ने उन्हें अनुपस्थित घोषित कर दिया। हैरानी की बात यह जिले का सबसे बड़ा परीक्षा केंद्र है और यहां पर 13 सौ छात्र-छात्राएं बैठकर परीक्षा दे रहे हैं। इन परीक्षाथियों में महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश तक के अभ्यार्थी शामिल हैं। सेंटर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी होने के कारण यहां पर केंद्राध्यक्ष भी ड्यूटी करने से डर रहे हैं। पहले दिन सख्ती के चलते करीब 35 परीक्षार्थी पेपर देने कक्ष में ही नहीं गए। इधर जिला मुख्यालय पर इस बार परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए खास इंतजाम किए गए, यहां तक कि बच्चों से जूते-मोजे उतरवाए गए। हालांकि पहले दिन जिले में कहीं पर भी नकल का प्रकरण नहीं बना।

तेंदूखेड़ा के उत्कृष्ठ विद्यालय में नगर में संचालित गुरूकुल हायर सेंकडरी स्कूल कक्षा 12वीं के 1300 छात्र-छात्राओं का परीक्षा केंद्र बनाया गया है। केंद्राध्यक्ष शिवशक्ति पाठक ने बताया कि सुबह 9 से 12 बजे तक हिंदी का पहला पेपर था। छात्र-छात्राओं के प्रवेश पत्र की जांच के दौरान दो अलग-अलग कमरों में छात्र आस्कर अवस्थी पिता जयप्रकाश एवं मुकेश विश्वकर्मा पिता सुरेश की जगह पर दो मुन्नाभाई परीक्षा देने बैठे थे। प्रवेश पत्र की जांच के दौरान पता चला कि ये वो छात्र नहीं हैं जिनका प्रवेश पत्र पर फोटो हैं। साथ ही कुलदीप नामदेव की जगह एक अन्य छात्र पेपर देने आया था, लेकिन उसी समय कुलदीप आ गया तो अन्य लड़के को बाहर कर दिया गया। कुलदीप को परीक्षा में बैठाया साथ ही तीनों लड़कों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। इसके बाद एसआई श्रीराम ठाकुर, आरक्षक विमल तीनों को थाना लेकर आई, लेकन बिना कोई मामला दर्ज किए बगैर समझाईश देकर तीनों को छोड़ दिया गया। यहां पर बता दें कि तेंदूखेड़ा में गुरुकुल नामक निजी स्कूल संचालित है। इसमें ज्यादातर बाहरी बच्चों के नाम दर्ज हैं। जो अब पेपर देने के लिए बाहर से आए हैं। परीक्षा के दौरान कई बच्चे महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश के मिले। न जो यह बच्चे यहां की भाषा समझ पा रहे हैं और न ही कोई जवाब देते हैं। चर्चा यह भी सामने आई कि यहां पर के केंद्राध्यक्ष को बदलने की तैयारी चल रही है। तेंदूखेड़ा एक्सीलेंस स्कूल के प्राचार्य को ही यहां का केंद्राध्यक्ष बनाया जा रहा है। नगर निरीक्षक आसाराम अहिरवार ने बताया कि केंद्राध्यक्ष की तरफ से कोई शिकायत नहीं आई है इसलिए मामला दर्ज नहीं किया है। केंद्राध्यक्ष शिवशक्ति पाठक का कहना है कि जब मैनें स्वयं ही तीन लड़कांे को पुलिस के हवाले किया तो ये पुलिस का काम है कि क्या अपराध बनता है। मैंने तीनों लड़कों को पुलिस के हवाले कर परीक्षा की व्यवस्था में लग गया था। नगर निरीक्षक ने मुझसे किसी भी प्रकार की शिकायत करने के लिए नहीं कहा।

पुलिस थाने में बैठे तीनों लड़के, जो दूसरे छात्रों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। इनसेट में : छात्र आस्कर अवस्थी के प्रवेश पत्र पर दूसरा लड़का परीक्षा देने पहुंचा था।

दोनों हाथों से दिव्यांग ने राइटर के साथ दी परीक्षा

शहर एक्सीलेंस स्कूल में दोनों हाथों से दिव्यांग छात्र हल्केभाई पिता मुरलीधर सिंह ने एक अन्य छात्र की मदद से परीक्षा दी। छात्र हल्के भाई प्रश्नों के उत्तर बोलता जा रहा था तो वहीं उसका राइटर छात्र कापी में उत्तर लिख रहा था। छात्र ने बताया कि वह सरसेला गांव का निवासी है। इस बार प्राइवेट परीक्षा में शामिल हो रहा है। उसने बताया कि वह आगे जाकर ऐसी नौकरी करना चाहता है ताकि दिव्यांगों के लिए कुछ कर सके।

पेपर लीक होने की चर्चा से परेशान रहे विद्यार्थी

परीक्षा के पहले दिन ही मुरैना जिले में पेपर लीक होने की खबर से चर्चाओं का विषय रही। परीक्षा के बाद शिक्षक व बच्चे केवल यही चर्चा करते रहे कि कहीं पेपर लीक होने के कारण निरस्त न हो जाए। हालांकि बाद में पता चला कि पेपर लीक नहीं हुआ है बल्कि किसी ने वाट्सएप पर दूसरा पेपर डाल दिया था। जिसके बाद बच्चों ने राहत की सांस ली। हालांकि शहर के सभी परीक्षा केंद्रों पर इस बार परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए खास इंतजाम किए गए थे। यहां तक कि बच्चों से जूते-मोजे उतरवाए गए। शहर के एक्सीलेंस स्कूल, एमएलबी व जेपीबी स्कूल में सीसीटीवी कैमरों के बीच बच्चों ने परीक्षाएं दीं। इस बार परीक्षा के दौरान केंद्राध्यक्ष सहित सभी पर्यवेक्षकों के मोबाइल प्राचार्य कक्ष में रखवा लिए गए थे।

शहर एक्सीलेंस स्कूल में दोनों हाथों से दिव्यांग छात्र हल्केभाई पिता मुरलीधर सिंह ने एक अन्य छात्र की मदद से परीक्षा दी। छात्र हल्के भाई प्रश्नों के उत्तर बोलता जा रहा था तो वहीं उसका राइटर छात्र कापी में उत्तर लिख रहा था। छात्र ने बताया कि वह सरसेला गांव का निवासी है। इस बार प्राइवेट परीक्षा में शामिल हो रहा है। उसने बताया कि वह आगे जाकर ऐसी नौकरी करना चाहता है ताकि दिव्यांगों के लिए कुछ कर सके।

केंद्राध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी