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देखरेख के अभाव में डिवाइडरों-पार्क में लगाए पेड़ सूखे

शहर में सड़कों के बीच रोड डिवाइडरों और पार्को सहित खाली पड़े मैदानों में मिशन ग्रीन दमोह के तहत लगाए गए पेड़ों की...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 02:35 AM IST
शहर में सड़कों के बीच रोड डिवाइडरों और पार्को सहित खाली पड़े मैदानों में मिशन ग्रीन दमोह के तहत लगाए गए पेड़ों की देखरेख नहीं होने से टूटने लगे हैं। वहीं गर्मी शुरू होते हुए पेड़ पौधे मुर्झाने लगे हैं।

किल्लाई नाका के पास स्थित बीआरसी कार्यालय परिसर में बनाई गई अशोक वाटिका में लगे पेड़ों में से कुछ पेड़ टूट गए। पेड़ों को बीच से अज्ञात तत्वों के द्वारा चटका दिया गया है। वहीं पौधों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। इधर बस स्टैंड चौराहा से किल्लाई नाका मार्ग पर डिवाइडरों में लगे पेड़ बीच से टूटकर लटक गए हैं। इन डिवाइडरों में लगे कुछ पेड़ सूखने लगे हैं तो गर्मी तपन शुरू होते हुए पौधे मुर्झाने लगे हैं। बस स्टैंड से किल्लाई नाका और किल्लाई नाका से केंद्रीय विद्यालय के बीच करीब दो दर्जन से ज्यादा पेड़ टूटकर लटक गए हैं। जिनमें से कुछ डिवाइडरों ने नीचे सड़क तक लटक रहे हैं। इन पेड़ों को न तो दोबारा खड़े करने की कोशिश की गई न ही इन्हें डिवाइडरों से हटाया गया है। जिससे शहर की स्वच्छता सुंदरता भी बिगड़ रही है। गौरतलब है कि पिछले साल मिशन ग्रीन दमोह के तहत शहर को हरा भरा स्वच्छ बनाने के लिए जगह जगह आंध्रप्रदेश से हजारों रूपए कीमत के पेड़ पौधों को मंगवाकर लगवाया गया था। कुछ दिनों तक इन पेड़ पौधों की देखरेख की गई और दोनों टाइम पानी से सिंचाई भी करवाई गई। लेकिन अब इनकी अनदेखी की जा रही है। जिससे पेड़ों की क्षति हो रही है। हालांकि डिवाइडरों में लगे पेड़ों में टेंकरों से पानी डलवाया जा रहा है।

मिशन ग्रीन दमोह के तहत शहर की सड़कों पर डिवाइडरों और मैदानों पर लगाए गए थे पेड़

बस स्टैंड चौराहा से किल्लाई नाका मार्ग पर डिवाइडर में लगे कुछ पेड़ सूखे। दूसरे चित्र में बीआरसी कार्यालय के पास लगे पेड़ टूटे।

भास्कर संवाददाता | दमोह

शहर में सड़कों के बीच रोड डिवाइडरों और पार्को सहित खाली पड़े मैदानों में मिशन ग्रीन दमोह के तहत लगाए गए पेड़ों की देखरेख नहीं होने से टूटने लगे हैं। वहीं गर्मी शुरू होते हुए पेड़ पौधे मुर्झाने लगे हैं।

किल्लाई नाका के पास स्थित बीआरसी कार्यालय परिसर में बनाई गई अशोक वाटिका में लगे पेड़ों में से कुछ पेड़ टूट गए। पेड़ों को बीच से अज्ञात तत्वों के द्वारा चटका दिया गया है। वहीं पौधों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। इधर बस स्टैंड चौराहा से किल्लाई नाका मार्ग पर डिवाइडरों में लगे पेड़ बीच से टूटकर लटक गए हैं। इन डिवाइडरों में लगे कुछ पेड़ सूखने लगे हैं तो गर्मी तपन शुरू होते हुए पौधे मुर्झाने लगे हैं। बस स्टैंड से किल्लाई नाका और किल्लाई नाका से केंद्रीय विद्यालय के बीच करीब दो दर्जन से ज्यादा पेड़ टूटकर लटक गए हैं। जिनमें से कुछ डिवाइडरों ने नीचे सड़क तक लटक रहे हैं। इन पेड़ों को न तो दोबारा खड़े करने की कोशिश की गई न ही इन्हें डिवाइडरों से हटाया गया है। जिससे शहर की स्वच्छता सुंदरता भी बिगड़ रही है। गौरतलब है कि पिछले साल मिशन ग्रीन दमोह के तहत शहर को हरा भरा स्वच्छ बनाने के लिए जगह जगह आंध्रप्रदेश से हजारों रूपए कीमत के पेड़ पौधों को मंगवाकर लगवाया गया था। कुछ दिनों तक इन पेड़ पौधों की देखरेख की गई और दोनों टाइम पानी से सिंचाई भी करवाई गई। लेकिन अब इनकी अनदेखी की जा रही है। जिससे पेड़ों की क्षति हो रही है। हालांकि डिवाइडरों में लगे पेड़ों में टेंकरों से पानी डलवाया जा रहा है।

आसामाजिक तत्वों का कारनामा है


भास्कर संवाददाता | दमोह

शहर में सड़कों के बीच रोड डिवाइडरों और पार्को सहित खाली पड़े मैदानों में मिशन ग्रीन दमोह के तहत लगाए गए पेड़ों की देखरेख नहीं होने से टूटने लगे हैं। वहीं गर्मी शुरू होते हुए पेड़ पौधे मुर्झाने लगे हैं।

किल्लाई नाका के पास स्थित बीआरसी कार्यालय परिसर में बनाई गई अशोक वाटिका में लगे पेड़ों में से कुछ पेड़ टूट गए। पेड़ों को बीच से अज्ञात तत्वों के द्वारा चटका दिया गया है। वहीं पौधों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। इधर बस स्टैंड चौराहा से किल्लाई नाका मार्ग पर डिवाइडरों में लगे पेड़ बीच से टूटकर लटक गए हैं। इन डिवाइडरों में लगे कुछ पेड़ सूखने लगे हैं तो गर्मी तपन शुरू होते हुए पौधे मुर्झाने लगे हैं। बस स्टैंड से किल्लाई नाका और किल्लाई नाका से केंद्रीय विद्यालय के बीच करीब दो दर्जन से ज्यादा पेड़ टूटकर लटक गए हैं। जिनमें से कुछ डिवाइडरों ने नीचे सड़क तक लटक रहे हैं। इन पेड़ों को न तो दोबारा खड़े करने की कोशिश की गई न ही इन्हें डिवाइडरों से हटाया गया है। जिससे शहर की स्वच्छता सुंदरता भी बिगड़ रही है। गौरतलब है कि पिछले साल मिशन ग्रीन दमोह के तहत शहर को हरा भरा स्वच्छ बनाने के लिए जगह जगह आंध्रप्रदेश से हजारों रूपए कीमत के पेड़ पौधों को मंगवाकर लगवाया गया था। कुछ दिनों तक इन पेड़ पौधों की देखरेख की गई और दोनों टाइम पानी से सिंचाई भी करवाई गई। लेकिन अब इनकी अनदेखी की जा रही है। जिससे पेड़ों की क्षति हो रही है। हालांकि डिवाइडरों में लगे पेड़ों में टेंकरों से पानी डलवाया जा रहा है।