Hindi News »Madhya Pradesh »Damoh» दानदाता ने जिला अस्पताल के दूसरे प्रवेश द्वार पर बड़े अक्षरों में लिखवाया नाम, प्रबंधन ने कपड़े से

दानदाता ने जिला अस्पताल के दूसरे प्रवेश द्वार पर बड़े अक्षरों में लिखवाया नाम, प्रबंधन ने कपड़े से ढकवाया

जिला अस्पताल के दूसरे गेट पर दान की राशि से बनवाए गए प्रवेश द्वार पर दान दाता का नाम बड़े अक्षरों में लिखवाए जाने पर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 01:30 PM IST

जिला अस्पताल के दूसरे गेट पर दान की राशि से बनवाए गए प्रवेश द्वार पर दान दाता का नाम बड़े अक्षरों में लिखवाए जाने पर प्रबंधन ने उसे कपड़े से ढ़कवा दिया है। दानकर्ता ने गेट पर बड़े अक्षरांे में नाम लिखवाया था, जबकि दानदाता बनवाया सिर्फ गेट है। जबकि जिला अस्पताल के मुख्य गेट से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पूर्व वित्त मंत्री स्व. प्रेमशंकर धगट के नाम से उल्लेखित है। प्रबंधन का कहना है कि जिस तरह स्वर्गीय प्रेमशंकर धगट ने अस्पताल के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, उतना दूसरे पक्ष ने नहीं किया है।

यहां पर बता दें कि पहले जिला अस्पताल में केवल मुख्य प्रवेश द्वार था, इस पर स्वर्गीय धगट का नाम लिखा गया था, लेकिन हाल ही में अस्पताल का दूसरा गेट तैयार किया गया है, जिस पर पंडित गया प्रसाद मुखरैया स्मृति द्वार लिखा गया है। यह गेट मुखरैया परिवार के सदस्यों ने बनवाया है, लेकिन गेट के ऊपर जो नाम लिखा गया है, उसके शब्दों का आकार बड़ा किया गया है। इस पर जिला अस्पताल ने आपत्ति दर्ज कराई है। प्रबंधन का कहना है कि जिला अस्पताल के मुख्य गेट पर पीतल के अक्षरों से स्व. प्रेमशंकर धगट स्मारक लिखा गया था, स्वर्गीय धगट की भूमिका भी ज्यादा दी। लेकिन अस्पताल के दूसरे गेट पर मुखरैया परिवार ने केवल गेट बनवाया है और नाम बड़े अक्षरों में लिख दिया है, जिसका विरोध किया गया है। साथ ही संबंधित परिवार को गेट पर छोटे अक्षरों में नाम लिखने के लिए कहा गया है। जब तक नाम छाेटा नहीं होगा, उस पर कपड़ा ढ़कवाया गया है। गौरतलब है कि प्रेमशंकर धगट ने जिला अस्पताल के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिस पर तत्कालीन मुख्यमंत्री पं. रविशंकर शुक्ल ने उनके नाम से दमोह जिला अस्पताल का नामकरण किया था।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Damoh

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×